{"_id":"6a8ae946fb9784afcc02227d","slug":"three-cattle-die-at-a-cowshed-in-lakhimpur-kheri-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखीमपुर खीरी: गोशाला में तीन गोवंशीय पशुओं की मौत, जांच करने पहुंचे अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखीमपुर खीरी: गोशाला में तीन गोवंशीय पशुओं की मौत, जांच करने पहुंचे अफसर
Sun, 23 Aug 2026 06:06 PM IST
Mukesh Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Published by: Mukesh Kumar
Updated Sun, 23 Aug 2026 06:06 PM IST
सार
रमियाबेहड़ की बैरिया गोशाला में तीन गोवंशीय पशुओं की मौत हुई है। वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और जांच करने मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
गोशाला में तीन पशुओं की मौत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लखीमपुर खीरी के विकासखंड रमियाबेहड़ क्षेत्र की बैरिया गोशाला में कई गोवंशीय पशुओं के मरने की खबर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विकास विभाग और पशु चिकित्सा विभाग में खलबली मच गई। वायरल हुए दो वीडियो में गोशाला परिसर में कई गोवंश अचेत अवस्था में पड़े दिखाई दे रहे हैं। एक ग्रामीण ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। इसके बाद अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए मौके पर पशु चिकित्साधिकारी को भेजा।
विज्ञापन
रमियाबेहड़ की बीडीओ श्रद्धा गुप्ता ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर पशु चिकित्साधिकारी के साथ वह मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि गोशाला में कुल तीन गोवंशीय पशुओं की मौत हुई है। इनमें एक पशु तेंदुए के हमले में घायल हुआ था, जबकि दो पशु बढ़ती उम्र के कारण कमजोर हो गए थे। तीनों मृत पशुओं का नियमानुसार अंतिम संस्कार करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि गौशाला में मौजूद अन्य गोवंश स्वस्थ और सुरक्षित हैं।
विज्ञापन
बीडीओ के मुताबिक, गोशाला के पड़ोस में जंगल होने के कारण तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों का खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए वन विभाग की ओर से गोशाला के पास पिंजरा भी लगाया गया है।
विज्ञापन
समय-समय पर होता है स्वास्थ्य परीक्षण
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सचान ने बताया कि जिले की प्रत्येक गोशाला में चिकित्सक और पैरावेट तैनात हैं। उम्र संबंधी बीमारियों से ग्रसित गोवंश का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया जाता है। उन्होंने बताया कि किसी गोवंश की मृत्यु होने पर नियमानुसार उसका अंतिम संस्कार कराया जाता है। वहीं, घटना के वीडियो सामने आने के बाद गौशालाओं में गोवंश की देखरेख, स्वास्थ्य परीक्षण और व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है।