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तिकुनिया हिंसा_ नहीं तय हुए आरोप, अगली सुनवाई दस मई को

Tue, 26 Apr 2022 11:21 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 26 Apr 2022 11:21 PM IST
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Tikuniya Violence Charges not fixed, next hearing on May 10
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में मंगलवार को भी सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। जिला अदालत में होने वाली सुनवाई सुरक्षा की दृष्टि से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। इस कारण आरोपी कचहरी परिसर नहीं आए। उधर, सरकारी वकील की तरफ से डिस्चार्ज एप्लीकेशन के खिलाफ आपत्ति के लिए फिर समय की मांग की गई। जिस पर जिला जज मुकेश मिश्र ने अगली सुनवाई के लिए 10 मई की तारीख मुकर्रर की है।
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मंगलवार को जिला अदालत में फिर सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अभियोजन की ओर से पक्ष रखते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की तरफ से आधारहीन तरीके से डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। उन्हें आपत्ति दाखिल करनी है मगर आपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड अभी तक नहीं मिले। इसलिए उन्हें डिस्चार्ज एप्लीकेशन के खिलाफ आपत्ति दाखिल करने के लिए समय दिया जाए।
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उधर, अंकित दास, लतीफ उर्फ काले, नंदन सिंह बिष्ट, सत्यम त्रिपाठी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने बताया कि उनके आवेदन के बाद भी 164 सीआरपीसी बयान से जुड़ी नकल अभी तक नहीं मिल सकी है। इसलिए डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र नहीं तैयार कर सके हैं। लिहाजा उन्हें कुछ समय और प्रदान किया जाए। इसी तरह धर्मेंद्र सिंह बंजारा सहित चार आरोपियों की ओर से अदालत में पेश हुए मुकद्दर गिरी ने भी डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने के लिए समय देने की गुहार लगाई।
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अदालत ने सुनवाई करते हुए 10 मई तक सभी पक्षों को अपने प्रार्थना पत्र देने के लिए मोहलत प्रदान की है। वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता को आदेशित किया है कि वह डिस्चार्ज प्रार्थनापत्रों के संबंध में 10 मई तक अपनी आपत्ति फाइल में दाखिल कर दें।
जेल अधीक्षक के अनुरोध पर हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग- तिकुनिया हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र समेत कोई भी अदालत में नहीं पेश हुआ। मंगलवार को जेल अधीक्षक ने पत्र लिखकर जिला जज को सूचित किया कि सुरक्षा कारणों और भीड़ भाड़ व व्यवस्था को देखते हुए से संबंधित आरोपियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कर ली जाए।
इस पर जिला जज मुकेश मिश्र ने एक बजे अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं को वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम में उपस्थित होने के लिए निर्देशित कर दिया। यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आरोपियों की पेशी हुई।

क्रास केस मामले में पेश किए गए थे आरोपी - तिकुनिया हिंसा मामले में सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि क्रॉस केस के मामले में सोमवार को पेशी के दौरान चारों आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत परिसर में जेल प्रशासन द्वारा पेश किया गया था। मगर अगले दिन मंगलवार को जब तिकुनिया कांड की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। इसलिए आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए।
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