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तिकुनिया हिंसा : वकील बोले, हमें उम्मीद है इंसाफ मिलेगा

Tue, 22 Feb 2022 12:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 22 Feb 2022 12:08 AM IST
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Tikunia violence: Lawyer said, we hope justice will be given
अधिवक्ता हरजीत सिंह
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आशीष मिश्र के खिलाफ पीड़ित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत रद्द कराने की अपील की है। उधर, वकीलों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें इंसाफ मिलेगा।
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तिकुनिया हिंसा मामले में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ने वाले अधिवक्ता हरजीत सिंह ने बताया कि जिस तरह शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने वालों पर बर्बरता पूर्वक गाड़ी चढ़ाकर मौत के घाट उतारा गया है। वह बेहद क्रूरता भरा और कायराना कदम है। उन्हें इस घटनाक्रम में शामिल लोगों को सजा दिलाने की जो जिम्मेदारी दी गई है, वह उसे तन मन धन से उठा रहे हैं।
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जिला अदालत में भी उन्होंने जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया था। हाईकोर्ट का फैसला बेहद स्तब्ध करने वाला फैसला था, जिससे पीड़ित पक्ष और किसानों की भावनाएं आहत हुई थीं। अब बड़ी अदालत में अगर हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठे हैं तो वह जमानत आदेश की पुन: समीक्षा किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि उन्हें पूरा भरोसा है कि गुनाहगारों को जरूर दंड मिलेगा। उन्होंने बताया कि अब तक केवल जनहित याचिकाएं दाखिल हुई थीं। अब कानूनी रूप से हाई कोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती देने वाली याचिका दाखिल हुई है, जो पीड़ित पक्ष से संबंधित होने के कारण काफी बड़ा कदम है। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती देने के लिए जनहित याचिकाओं की अपेक्षा पीड़ित पक्ष की बात रखने वाली विशेष याचिकाएं ज्यादा बलशाली होती हैं, इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए किसानों को इंसाफ दिलाया था। ऐसे में अगर पीड़ित पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है, तो निश्चित है कि हाईकोर्ट के द्वारा दिए गए जमानत आदेश की कानूनी कसौटी पर आकलन किया जाएगा और पीड़ित पक्ष के साथ किसी तरह नाइंसाफी नहीं हो पाएगी।
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