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तिकुनिया हिंसाः क्रॉस केस मामले में दाखिल हुई डिस्चार्ज एप्लीकेशन, अगली सुनवाई 23 मई को

Tue, 10 May 2022 12:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 10 May 2022 12:37 AM IST
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Tikunia Violence: Discharge application filed in cross case case, next hearing on May 23
पेशी से वापस जेल जाते तिकुनियां कांड के आरोपी।
तीन अन्य आरोपियों की ओर से दी गई स्थगन अर्जी को अंतिम अवसर के साथ सशर्त मंजूरी
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में क्रॉस केस की सुनवाई सोमवार को भी नहीं हो सकी। सोमवार को जिला अदालत पहुंचे क्रॉस केस के आरोपी विचित्र सिंह की ओर से डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पेश किया गया, जबकि अन्य तीन आरोपियों की ओर से दी गई स्थगन अर्जी को अंतिम अवसर के साथ सशर्त मंजूरी दे दी गई। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मई की तिथि मुकर्रर की है।
हाई प्रोफाइल तिकुनिया कांड के क्रॉस केस मामले में विचित्र सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शिव सहाय सिंह ने एसआईटी की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट को आधारहीन बताते हुए डिस्चार्ज एप्लीकेशन पेश की। उन्होंने अदालत को बताया कि विचित्र सिंह के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने लायक कोई सबूत नहीं हैं। आधारहीन तरीके से उन्हें मामले में फंसाया गया है, वहीं गुरविंदर सिंह, कमलजीत सिंह और गुरमीत सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश सिंह मुन्ना, विनय सिंह और रवि प्रताप सिंह मुन्ना ने अदालत में स्थगन अर्जी देते हुए बताया कि डिस्चार्ज एप्लीकेशन लगाने के लिए आरोपियों के पैरोकार नहीं आ सके हैं। इसके चलते जरूरी शपथ पत्र नहीं तैयार किए जा सकते हैं, लिहाजा उन्हें समय दिया जाए।
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मामले की सुनवाई कर रहे जिला जज मुकेश मिश्र ने अपने दो पेज के विस्तृत आदेश में स्थगन अर्जी पेश करने की रणनीति पर नाखुशी जताते हुए लिखा कि मामले को निलंबित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले भी तीन अवसरों पर डिस्चार्ज एप्लीकेशन के लिए समय लिया जा चुका है।
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जिला जज ने इस शर्त पर अंतिम बार स्थगन अर्जी मंजूर की है कि वह दस दिन के भीतर शेष आरोपियों की ओर से अवश्य प्रस्तुत की जाएगी, अन्यथा की स्थिति में आगे अब कोई समय नहीं दिया जाएगा। वहीं, विचित्र सिंह की ओर से दाखिल हुई डिस्चार्ज एप्लीकेशन की प्रतिलिपि सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शिव गोविंद राठौड़ को प्राप्त करायई गई, जिस पर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से डिस्चार्ज एप्लीकेशन के खिलाफ दाखिल करने के लिए समय की गुजारिश की, जिसे अदालत ने मंजूर करते हुए 10 दिनों का समय दिया है और मामले की अगली सुनवाई 23 मई को लगाई है।
आशीष मिश्र मोनू पर आरोप तय करने को लेकर सुनवाई आज
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के मामले में प्रमुख आरोपी आशीष मिश्र मोनू के आत्मसमर्पण के बाद जिला अदालत में सुनवाई जोर पकड़ने की उम्मीद बढ़ गई थी, लेकिन कानूनी दांव पेंच को लेकर मंगलवार को भी डिस्चार्ज एप्लीकेशन का निस्तारण होना संभव नहीं दिख रहा है। पिछली सुनवाई में आशीष मिश्र के वकील की अर्जी पर सुनवाई करते हुए जिला अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 10 मई को निर्धारित कर दी थी।

जिला जज ने पकड़ ली रणनीति
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड को लेकर जिस तरह तारीख बढ़ती जा रही हैं, उससे कानूनी जानकार यह कयास लगाने लगे हैं कि कहीं तिकुनिया कांड की सुनवाई लटकाने की रणनीति तो नहीं बन रही है। इस बहुचर्चित मामले में जिस तरह एसआईटटी की ओर से चार्जशीट दाखिल की गई और सीजेएम ने मामला जिला अदालत भेज दिया। उस समय ऐसा लगने लगा कि तिकुनिया कांड की सुनवाई में जल्द ही फैसला होने वाला है लेकिन उसके बाद जिस तरह मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ती चली गई उससे हर एक कानूनी जानकार यह सहज अनुमान लगा रहा है कि कानूनी दांवपेच के जरिए केस को लटकाने का माहौल बन रहा है। जबकि पुराने मामलों पर गौर करें तो हत्या जैसे संगीन मामले तो क्या मारपीट के मामूली मामलों में भी राज्य सरकार की ओर से दाखिल आरोप पत्र खारिज नहीं होते हैं। कुछ एक मामलों में जिसमें वादी और प्रतिवादी के बीच सुलह हो जाती है, वही मुकदमे डिस्चार्ज स्तर पर तय होते हैं।
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