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तिकुनिया हिंसा कांड : तत्कालीन डीएम अरविंद चौरसिया से जिरह पूरी
Fri, 15 May 2026 12:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 15 May 2026 12:13 AM IST
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा कांड मामले की सुनवाई के दौरान बृहस्पतिवार को जिला जज शिवकुमार सिंह की अदालत में तत्कालीन डीएम अरविंद चौरसिया वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। उनसे बचाव पक्ष ने जिरह पूरी कर ली है।
अब अगले गवाह के रूप में तत्कालीन एसडीएम अखिलेश यादव और तत्कालीन सीओ संजय नाथ तिवारी के साथ ही पुलिस इंस्पेक्टर अनिल सिंह के बयान दर्ज कराने के लिए अदालत ने 20 मई की तारीख मुकर्रर की है।
तिकुनिया हिंसा मामले में बृहस्पतिवार को आशीष मिश्र मोनू सहित कई आरोपी अदालत में व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुए। सुनवाई के दौरान तत्कालीन डीएम अरविंद चौरसिया से बचाव पक्ष ने सवाल जवाब शुरू किए, लेकिन तत्कालीन वे एसआईटी को दिए गए अपने बयान पर डटे रहे। बचाव पक्ष ने गवाह की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। भारी जनसमूह को नियंत्रित न कर पाने में प्रशासनिक मशीनरी फेल होने का दोषी भी बताया, लेकिन चौरसिया इन आरोपों से इन्कार करते रहे।
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बयान पूरे होने के बाद अदालत ने अभियोजन सूची के अगले गवाह तत्कालीन सीओ गोला संजय नाथ तिवारी और तत्कालीन एसडीएम अखिलेश यादव के बयान दर्ज कराने के लिए 20 मई की तारीख मुकर्रर की है। सीओ संजयनाथ तिवारी वर्तमान में गोरखपुर में तैनात हैं, जबकि सीतापुर में तैनात इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने 15 मई तक अवकाश न मिलने की बात कही थी, लिहाजा अदालत ने 20 मई की तारीख उनकी गवाही के लिए भी मुकर्रर की है। हिदायत दी है कि गवाहों की उपस्थिति शीर्ष प्राथमिकता पर होनी चाहिए।
इसके बाद अंकित दास सहित कई आरोपियों की ओर से पेश हुई हाजिरी माफी की अर्जी पर गंभीर रुख अपनाया है। सख्त लहजे में अंतिम चेतावनी के साथ हाजिरी माफी स्वीकृति दी है, कि कभी आपवादिक स्थिति हो तभी हाजिरी माफी दिया जाना चाहिए, बीमारी के कथन के साथ मेडिकल भी संलग्न किया जाए।
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अब अगले गवाह के रूप में तत्कालीन एसडीएम अखिलेश यादव और तत्कालीन सीओ संजय नाथ तिवारी के साथ ही पुलिस इंस्पेक्टर अनिल सिंह के बयान दर्ज कराने के लिए अदालत ने 20 मई की तारीख मुकर्रर की है।
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तिकुनिया हिंसा मामले में बृहस्पतिवार को आशीष मिश्र मोनू सहित कई आरोपी अदालत में व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुए। सुनवाई के दौरान तत्कालीन डीएम अरविंद चौरसिया से बचाव पक्ष ने सवाल जवाब शुरू किए, लेकिन तत्कालीन वे एसआईटी को दिए गए अपने बयान पर डटे रहे। बचाव पक्ष ने गवाह की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। भारी जनसमूह को नियंत्रित न कर पाने में प्रशासनिक मशीनरी फेल होने का दोषी भी बताया, लेकिन चौरसिया इन आरोपों से इन्कार करते रहे।
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बयान पूरे होने के बाद अदालत ने अभियोजन सूची के अगले गवाह तत्कालीन सीओ गोला संजय नाथ तिवारी और तत्कालीन एसडीएम अखिलेश यादव के बयान दर्ज कराने के लिए 20 मई की तारीख मुकर्रर की है। सीओ संजयनाथ तिवारी वर्तमान में गोरखपुर में तैनात हैं, जबकि सीतापुर में तैनात इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने 15 मई तक अवकाश न मिलने की बात कही थी, लिहाजा अदालत ने 20 मई की तारीख उनकी गवाही के लिए भी मुकर्रर की है। हिदायत दी है कि गवाहों की उपस्थिति शीर्ष प्राथमिकता पर होनी चाहिए।
इसके बाद अंकित दास सहित कई आरोपियों की ओर से पेश हुई हाजिरी माफी की अर्जी पर गंभीर रुख अपनाया है। सख्त लहजे में अंतिम चेतावनी के साथ हाजिरी माफी स्वीकृति दी है, कि कभी आपवादिक स्थिति हो तभी हाजिरी माफी दिया जाना चाहिए, बीमारी के कथन के साथ मेडिकल भी संलग्न किया जाए।