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तिकुनिया हिंसाः एक दिन पहले ही आशीष मिश्र ने किया सरेंडर, फिर पहुंचा जेल
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आशीष मिश्र (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट ने 18 अप्रैल को रद्द की थी हाईकोर्ट से मिली जमानत
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से हाईकोर्ट की जमानत रद्द होने के बाद रविवार को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र और मुख्य आरोपी आशीष मिश्र ने एक दिन पहले ही सरेंडर कर दिया। नाटकीय घटनाक्रम के तहत चुपचाप सदर कोतवाली की जीप से आशीष मिश्र को जिला जेल ले जाया गया। यहां बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्र को 25 अप्रैल तक सरेंडर करने के आदेश दिए थे। उधर, 26 अप्रैल को ही जिला अदालत में आशीष मिश्र पर आरोप तय करने को लेकर सुनवाई लगी है।
18 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट से जमानत आदेश रद्द होने के बाद आशीष मिश्र मोनू को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति रविवार को स्पष्ट हो गई। प्रशासन को धता बताते हुए आशीष मिश्र मोनू ने अपने वकील के साथ सीजेएम कोर्ट पहुंचकर आत्मसमर्पण अर्जी पेश कर दी।
उनके वकील अवधेश सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके जमानत आदेश को रद्द कर दिया गया है, इसलिए वह आत्मसमर्पण कर रहे हैं। अपनी अर्जी के साथ ही उनके वकील की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश की नकल पेश की गई, जिसका कंप्यूटर ऑफिस से मिलान कराने के बाद सीजेएम चिंताराम की ओर से अभियोजन से आख्या दाखिल करने की बात कही गई। इस पर सहायक अभियोजन अधिकारी प्रदीप कुमार ने अपराध संख्या 219 सन 21 थाना तिकुनिया के नामजद अभियुक्त आशीष मिश्र के संबंध में शासकीय आख्या दाखिल कर दी। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के हवाले से आशीष मिश्र मोनू की समर्पण अर्जी को मंजूरी दे दी और तत्काल अभिरक्षा में लेते हुए 26 अप्रैल तक के लिए जिला जेल भेज दिया।
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से हाईकोर्ट की जमानत रद्द होने के बाद रविवार को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र और मुख्य आरोपी आशीष मिश्र ने एक दिन पहले ही सरेंडर कर दिया। नाटकीय घटनाक्रम के तहत चुपचाप सदर कोतवाली की जीप से आशीष मिश्र को जिला जेल ले जाया गया। यहां बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्र को 25 अप्रैल तक सरेंडर करने के आदेश दिए थे। उधर, 26 अप्रैल को ही जिला अदालत में आशीष मिश्र पर आरोप तय करने को लेकर सुनवाई लगी है।
18 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट से जमानत आदेश रद्द होने के बाद आशीष मिश्र मोनू को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति रविवार को स्पष्ट हो गई। प्रशासन को धता बताते हुए आशीष मिश्र मोनू ने अपने वकील के साथ सीजेएम कोर्ट पहुंचकर आत्मसमर्पण अर्जी पेश कर दी।
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उनके वकील अवधेश सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके जमानत आदेश को रद्द कर दिया गया है, इसलिए वह आत्मसमर्पण कर रहे हैं। अपनी अर्जी के साथ ही उनके वकील की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश की नकल पेश की गई, जिसका कंप्यूटर ऑफिस से मिलान कराने के बाद सीजेएम चिंताराम की ओर से अभियोजन से आख्या दाखिल करने की बात कही गई। इस पर सहायक अभियोजन अधिकारी प्रदीप कुमार ने अपराध संख्या 219 सन 21 थाना तिकुनिया के नामजद अभियुक्त आशीष मिश्र के संबंध में शासकीय आख्या दाखिल कर दी। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के हवाले से आशीष मिश्र मोनू की समर्पण अर्जी को मंजूरी दे दी और तत्काल अभिरक्षा में लेते हुए 26 अप्रैल तक के लिए जिला जेल भेज दिया।
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