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तिकुनिया कांड: अधीनस्थों को काम दे लखनऊ रवाना हुई टीम, सोमवार को आएंगे डीआईजी
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड की जांच के लिए दो दिन पहले हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस के नेतृत्व में आई जांच टीम जरूरी अभिलेखों को देखकर और घटना से जुड़े अहम लोगों से बातचीत कर शुक्रवार शाम लखनऊ रवाना हो गई। जांच टीम में शामिल तीन नए अफसर अब बारी-बारी से तिकुनिया कांड की जांच के लिए जनपद आएंगे। उधर, खबर ये भी है कि शासन से जांच के लिए चार नए इंस्पेक्टर और मांगे गए हैं।
17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जांच टीम के पुनर्गठन के बाद जांच टीम में तीन नए आईपीएस अफसर शामिल हुए थे। जबकि, जांच की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राकेश जैन को जिम्मेदारी सौंपी थी। बृहस्पतिवार को जस्टिस राकेश जैन के नेतृत्व में तीन आईपीएस अधिकारियों एडीजी एसबी शिरोडकर, आईजी पद्मजा चौहान और डीआईजी प्रीतिंदर सिंह ने तिकुनिया में घटनास्थल का दौरा करने के बाद शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में बैठकर संबंधित अधिकारियों से जांच रिपोर्ट की प्रगति जानी और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को तलब कर उनसे बातचीत की। इसके बाद देर शाम तक स्थानीय स्तर पर जांच टीम के वरिष्ठ सदस्य एएसपी अरुण कुमार सिंह समेत अन्य सदस्यों से मुलाकात और सबको अलग-अलग काम बांटकर उनकी समीक्षा के लिए सोमवार को आने की बात कह कर लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
जांच की समीक्षा के लिए बारी-बारी से आएंगे डीआईजी, आईजी और एडीजी
लखीमपुर खीरी। जांच टीम के पुनर्गठन के बाद पहली बार जनपद पहुंचने के बाद अब सोमवार को फिर एकल सदस्यीय टीम जनपद पहुंचेगी। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को डीआईजी सहारनपुर प्रीतिंदर सिंह अगले तीन दिन जनपद में ठहरेंगे। इसके बाद आईजी पद्मजा चौहान और फिर एडीजी इंटेलिजेंस एसबी शिरोडकर जनपद में आएंगे। इन अफसरों के लिए पुलिस लाइन में बाकायदा एक दफ्तर की भी व्यवस्था किए जाने की योजना है। यह सभी बारी-बारी से जनपद में आकर जांच रिपोर्ट की प्रगति जानेंगे। जबकि, जांच की निगरानी के लिये पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राकेश जैन के लिए लखनऊ ऑफिस बनाएंगे। इसके लिए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट को इत्तला भी कर दी गई है, जिससे की उनके सहयोगी स्टाफ व सुरक्षा की व्यवस्था हो सके।
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एडीजी एस बी शिरोडकर के नेतृत्व में काम करेगी टीम, निगरानी करेंगे जस्टिस राकेश जैन
लखीमपुर खीरी। 17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जांच टीम का पुनर्गठन करने के बाद टीम में जो तीन नए आईपीएस अफसर शामिल किए गए हैं, उनमें अनुक्रम के लिहाज से एडीजी इंटेलिजेंस एस बी शिरोडकर सबसे बड़े अधिकारी हैं। इसके बाद आईजी भर्ती बोर्ड पद्मजा चौहान और फिर डीआईजी सहारनपुर प्रीतिंदर सिंह आते हैं। इससे पहले जांच टीम के मुखिया डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल थे। लेकिन, नई टीम के गठित होने के बाद अब एडीजी सबसे बड़े अफसर हैं। वहीं, पुलिस विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सीआरपीसी के अंतर्गत जो सबसे बड़ा अधिकारी होता है, वही टीम का नेतृत्व करता है। इस तरह से भ्रम की स्थिति नहीं होनी चाहिए, एडीजी ही टीम का नेतृत्व करेंगे, जबकि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस जांच टीम की निगरानी करेंगे।
नहीं हटा कोई सदस्य, जांच के लिए मांगे गए चार और इंस्पेक्टर
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में लगी जांच टीम में पहले नौ सदस्यीय टीम का एलान हुआ था, जो बाद में बढ़कर 25 सदस्यों तक हो गई थी। लेकिन, पुनर्गठन के बाद अब जांच टीम के बढ़ने की संभावना और बढ़ गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच टीम को सकुशल और जल्दी पूरी कराने के लिए जांच टीम की तरफ से शासन से चार और इंस्पेक्टर मांगे गए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि, जल्द जांच के लिए अलग-अलग इंस्पेक्टर को अलग अलग काम दिए जाते हैं। सबका काम बंटा होता है, इसलिए जांच टीम के लिये चार इंस्पेक्टर मांगे गए हैं। उधर, स्थानीय स्तर पर टीम का नेतृत्व कर रहे एएसपी अरुण कुमार सिंह समेत 219 व 220 नंबर मुकदमे के विवेचक समेत किसी भी सदस्य को हटाया नहीं गया है।
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17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जांच टीम के पुनर्गठन के बाद जांच टीम में तीन नए आईपीएस अफसर शामिल हुए थे। जबकि, जांच की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राकेश जैन को जिम्मेदारी सौंपी थी। बृहस्पतिवार को जस्टिस राकेश जैन के नेतृत्व में तीन आईपीएस अधिकारियों एडीजी एसबी शिरोडकर, आईजी पद्मजा चौहान और डीआईजी प्रीतिंदर सिंह ने तिकुनिया में घटनास्थल का दौरा करने के बाद शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में बैठकर संबंधित अधिकारियों से जांच रिपोर्ट की प्रगति जानी और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को तलब कर उनसे बातचीत की। इसके बाद देर शाम तक स्थानीय स्तर पर जांच टीम के वरिष्ठ सदस्य एएसपी अरुण कुमार सिंह समेत अन्य सदस्यों से मुलाकात और सबको अलग-अलग काम बांटकर उनकी समीक्षा के लिए सोमवार को आने की बात कह कर लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
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जांच की समीक्षा के लिए बारी-बारी से आएंगे डीआईजी, आईजी और एडीजी
लखीमपुर खीरी। जांच टीम के पुनर्गठन के बाद पहली बार जनपद पहुंचने के बाद अब सोमवार को फिर एकल सदस्यीय टीम जनपद पहुंचेगी। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को डीआईजी सहारनपुर प्रीतिंदर सिंह अगले तीन दिन जनपद में ठहरेंगे। इसके बाद आईजी पद्मजा चौहान और फिर एडीजी इंटेलिजेंस एसबी शिरोडकर जनपद में आएंगे। इन अफसरों के लिए पुलिस लाइन में बाकायदा एक दफ्तर की भी व्यवस्था किए जाने की योजना है। यह सभी बारी-बारी से जनपद में आकर जांच रिपोर्ट की प्रगति जानेंगे। जबकि, जांच की निगरानी के लिये पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राकेश जैन के लिए लखनऊ ऑफिस बनाएंगे। इसके लिए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट को इत्तला भी कर दी गई है, जिससे की उनके सहयोगी स्टाफ व सुरक्षा की व्यवस्था हो सके।
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एडीजी एस बी शिरोडकर के नेतृत्व में काम करेगी टीम, निगरानी करेंगे जस्टिस राकेश जैन
लखीमपुर खीरी। 17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जांच टीम का पुनर्गठन करने के बाद टीम में जो तीन नए आईपीएस अफसर शामिल किए गए हैं, उनमें अनुक्रम के लिहाज से एडीजी इंटेलिजेंस एस बी शिरोडकर सबसे बड़े अधिकारी हैं। इसके बाद आईजी भर्ती बोर्ड पद्मजा चौहान और फिर डीआईजी सहारनपुर प्रीतिंदर सिंह आते हैं। इससे पहले जांच टीम के मुखिया डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल थे। लेकिन, नई टीम के गठित होने के बाद अब एडीजी सबसे बड़े अफसर हैं। वहीं, पुलिस विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सीआरपीसी के अंतर्गत जो सबसे बड़ा अधिकारी होता है, वही टीम का नेतृत्व करता है। इस तरह से भ्रम की स्थिति नहीं होनी चाहिए, एडीजी ही टीम का नेतृत्व करेंगे, जबकि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस जांच टीम की निगरानी करेंगे।
नहीं हटा कोई सदस्य, जांच के लिए मांगे गए चार और इंस्पेक्टर
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में लगी जांच टीम में पहले नौ सदस्यीय टीम का एलान हुआ था, जो बाद में बढ़कर 25 सदस्यों तक हो गई थी। लेकिन, पुनर्गठन के बाद अब जांच टीम के बढ़ने की संभावना और बढ़ गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच टीम को सकुशल और जल्दी पूरी कराने के लिए जांच टीम की तरफ से शासन से चार और इंस्पेक्टर मांगे गए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि, जल्द जांच के लिए अलग-अलग इंस्पेक्टर को अलग अलग काम दिए जाते हैं। सबका काम बंटा होता है, इसलिए जांच टीम के लिये चार इंस्पेक्टर मांगे गए हैं। उधर, स्थानीय स्तर पर टीम का नेतृत्व कर रहे एएसपी अरुण कुमार सिंह समेत 219 व 220 नंबर मुकदमे के विवेचक समेत किसी भी सदस्य को हटाया नहीं गया है।