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तिकुनिया कांड: सुमित जायसवाल सहित सात ने दी जमानत अर्जी
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा में सुमित जायसवाल सहित सात आरोपियों ने जिला जज अदालत में जमानत अर्जी दूसरी बार पेश की है। जमानत प्रार्थनापत्रों को दर्ज रजिस्टर करते हुए जिला जज मुकेश मिश्र ने सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तिथि मुकर्रर की है।
बदली हुई धाराओं में चार्जशीट दाखिल होने के बाद तिकुनिया हिंसा की सुनवाई में तेजी आई है। हाईकोर्ट में लंबित आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी की सुनवाई आगे बढ़ने के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता रामाशीष मिश्र की ओर से सभासद सुमित जायसवाल की जमानत अर्जी जिला जज अदालत में दाखिल की गई है। इसके अतिरिक्त इसी केस में जेल में बंद लवकुश, शिशुपाल, उल्लास त्रिवेदी, रिंकू राना, और धर्मेंद्र सिंह के साथ ही आशीष पांडेय ने भी खुद को निर्दोष बताते हुए जमानत अर्जी जिला जज अदालत में दाखिल की गई है। सभी सातों आरोपी पहले दुघर्टना वाली धाराओं सहित पुराने अभियोजन कथानक को चुनौती देते हुए जमानत अर्जी जिला जज अदालत में पेश कर चुके थे। इसलिए सभी की ओर से द्वितीय जमानत अर्जी पेश की है। वहीं डीजीसी (क्रिमनल) अरविंद त्रिपाठी ने बताया जमानत प्रार्थना पत्रों के संबंध में अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास के साथ ही आख्या तिकुनिया पुलिस और एसआईटी से मंगवाई जा रही है।
क्रॉस केस मामले में दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा में हत्या के मामले में जिला जेल में बंद दो हत्यारोपियों की ओर से सीजेएम अदालत में जमानत अर्जी पेश की गई है। सीजेएम चिंताराम ने जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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अदालत में जमानत अर्जी पेश करते हुए क्रॉस केस मामले के आरोपी कमलजीत और सेानू उर्फ कंवलजीत सिंह ने बताया कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। वहीं वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने अदालत को बताया कि जिस तरह युवकों की पीट पीटकर कर हत्या की गई है। वह गंभीर अपराध है, अदालत ने दोनों आरोपियों की ओर से पेश जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
संयुक्त निदेशक नीरज भाष्कर ने जिम्मेदारी संभाली
लखीमपुर खीरी। जिले में तिकुनिया हिंसा और हत्याकांड की सुनवाई को लेकर अभियोजन पर आए दिन अतिरिक्त बोझ बढ़ता चला जा रहा है। अभियोजन अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी के लिए लगाने संबंधी समाचार को प्रमुखता से लेते हुए शासन ने जिले में अभियोजन के लिए एक और संयुक्त निदेशक को तैनाती दी है। इसी क्रम में नीरज भाष्कर ने संयुक्त निदेशक के रूप में कार्यभार संभाल लिया है इससे पहले वह आर्थिक अपराध शाखा ईओडब्लू मुख्यालय पर अभियोजन प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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बदली हुई धाराओं में चार्जशीट दाखिल होने के बाद तिकुनिया हिंसा की सुनवाई में तेजी आई है। हाईकोर्ट में लंबित आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी की सुनवाई आगे बढ़ने के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता रामाशीष मिश्र की ओर से सभासद सुमित जायसवाल की जमानत अर्जी जिला जज अदालत में दाखिल की गई है। इसके अतिरिक्त इसी केस में जेल में बंद लवकुश, शिशुपाल, उल्लास त्रिवेदी, रिंकू राना, और धर्मेंद्र सिंह के साथ ही आशीष पांडेय ने भी खुद को निर्दोष बताते हुए जमानत अर्जी जिला जज अदालत में दाखिल की गई है। सभी सातों आरोपी पहले दुघर्टना वाली धाराओं सहित पुराने अभियोजन कथानक को चुनौती देते हुए जमानत अर्जी जिला जज अदालत में पेश कर चुके थे। इसलिए सभी की ओर से द्वितीय जमानत अर्जी पेश की है। वहीं डीजीसी (क्रिमनल) अरविंद त्रिपाठी ने बताया जमानत प्रार्थना पत्रों के संबंध में अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास के साथ ही आख्या तिकुनिया पुलिस और एसआईटी से मंगवाई जा रही है।
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क्रॉस केस मामले में दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा में हत्या के मामले में जिला जेल में बंद दो हत्यारोपियों की ओर से सीजेएम अदालत में जमानत अर्जी पेश की गई है। सीजेएम चिंताराम ने जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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अदालत में जमानत अर्जी पेश करते हुए क्रॉस केस मामले के आरोपी कमलजीत और सेानू उर्फ कंवलजीत सिंह ने बताया कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। वहीं वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने अदालत को बताया कि जिस तरह युवकों की पीट पीटकर कर हत्या की गई है। वह गंभीर अपराध है, अदालत ने दोनों आरोपियों की ओर से पेश जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
संयुक्त निदेशक नीरज भाष्कर ने जिम्मेदारी संभाली
लखीमपुर खीरी। जिले में तिकुनिया हिंसा और हत्याकांड की सुनवाई को लेकर अभियोजन पर आए दिन अतिरिक्त बोझ बढ़ता चला जा रहा है। अभियोजन अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी के लिए लगाने संबंधी समाचार को प्रमुखता से लेते हुए शासन ने जिले में अभियोजन के लिए एक और संयुक्त निदेशक को तैनाती दी है। इसी क्रम में नीरज भाष्कर ने संयुक्त निदेशक के रूप में कार्यभार संभाल लिया है इससे पहले वह आर्थिक अपराध शाखा ईओडब्लू मुख्यालय पर अभियोजन प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।