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बाघ की दस्तक से भय में ग्रामीण
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 13 Feb 2018 07:07 PM IST
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जंगल किनारे बसे गांव टांडा में एक बैल को बाघ ने निवाला बनाने की कोशिश की। हालांकि रस्सी टूटने के कारण बैल किसी तरह से भाग गया। बाघ को गांव की ओर आता हुआ देखकर लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर बाघ दो एकड़ गन्ने के खेत में जा घुसा। खबर भेजे जाने तक ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने खेत की घेराबंदी कर रखी थी।
गांव टांडा निवासी रंजीत सिंह ने गांव के ही सोहन के गन्ने के खेत के पास लगे शीशम के पेड़ में अपने बैल को बांध रखा था। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे बाघ ने बैल को अपना निवाला बनाना चाहा। बाघ को देखकर बैल चीखने लगा और उसने जोर आजमाइश की, जिससे उसकी रस्सी टूट गई। वह भागता हुआ गांव की ओर जा पहुंचा। बाघ भी बैल का पीछा करते हुए उसके पीछे दौड़ा। बैल के पीछे बाघ को देखकर रंजीत, रुस्तम, लाल मोहम्मद आदि ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर ग्रामीण हाथ में लाठी-डंडा आदि लेकर आ गए और बाघ को ललकारने लगे। भीड़ के चलते बाघ पड़ोस में लगे गन्ने के खेत में जा घुसा। सूचना पर पहुंचे बेलरायां रेंज के दरोगा मुशीर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के मुशीर अहमद, थाने की पुलिस संग ग्रामीणों ने खेत की घेराबंदी की, लेकिन शाम तक बाघ का पता नहीं लग सका। देर शाम तक गन्ने के खेत को ग्रामीणों ने चारों ओर से घेर रखा था।
पदचिन्ह देखने और ग्रामीणों के बताए गए हुलिया के अनुसार वह बाघ ही है। यह बाघ गजियापुर का है या दूसरा इस बात को कह पाना संभव नहीं। इसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
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- अशोक कश्यप, रेंजर, बेलरायां रेंज के
सरयू नदी के पास बाघ ने गाय को मारा
निघासन।
धौरहरा वन रेंज के गजियापुर स्थित सरयू नदी के पास बाघ ने लावारिस गाय को अपना निशाना बनाया। वन विभाग की टीम ने बाड़ा लगाकर बाघ को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उसको पकड़ने में नाकाम रही। बाघ के डर से गजियापुर, डंडूरी, बैरिया, कट्ठौहा, बाबागंज, महादेव, लट्ठौहा, मंझरापूरब आदि गांव के लोग दहशत में हैं। जंगल के बीच में मंझरा पूरब रेलवे स्टेशन होने के कारण लोग वहां भी जाने से घबरा रहे हैं।
दो स्थानों पर बाघ को लेकर संशय
गजियापुर के बाद टांडा में बाघ देखे जाने को लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गई है। गजियापुर में वन विभाग की टीम बाघ को तलाशने में जुटी है। वही बाघ की तलाश में बेलरायां रेंज की टीम लगी है। दोनों स्थानों की टीम एक ही बाघ होने की बात को स्पष्ट बताने में संकोच कर रही है।
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गांव टांडा निवासी रंजीत सिंह ने गांव के ही सोहन के गन्ने के खेत के पास लगे शीशम के पेड़ में अपने बैल को बांध रखा था। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे बाघ ने बैल को अपना निवाला बनाना चाहा। बाघ को देखकर बैल चीखने लगा और उसने जोर आजमाइश की, जिससे उसकी रस्सी टूट गई। वह भागता हुआ गांव की ओर जा पहुंचा। बाघ भी बैल का पीछा करते हुए उसके पीछे दौड़ा। बैल के पीछे बाघ को देखकर रंजीत, रुस्तम, लाल मोहम्मद आदि ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर ग्रामीण हाथ में लाठी-डंडा आदि लेकर आ गए और बाघ को ललकारने लगे। भीड़ के चलते बाघ पड़ोस में लगे गन्ने के खेत में जा घुसा। सूचना पर पहुंचे बेलरायां रेंज के दरोगा मुशीर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के मुशीर अहमद, थाने की पुलिस संग ग्रामीणों ने खेत की घेराबंदी की, लेकिन शाम तक बाघ का पता नहीं लग सका। देर शाम तक गन्ने के खेत को ग्रामीणों ने चारों ओर से घेर रखा था।
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पदचिन्ह देखने और ग्रामीणों के बताए गए हुलिया के अनुसार वह बाघ ही है। यह बाघ गजियापुर का है या दूसरा इस बात को कह पाना संभव नहीं। इसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
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- अशोक कश्यप, रेंजर, बेलरायां रेंज के
सरयू नदी के पास बाघ ने गाय को मारा
निघासन।
धौरहरा वन रेंज के गजियापुर स्थित सरयू नदी के पास बाघ ने लावारिस गाय को अपना निशाना बनाया। वन विभाग की टीम ने बाड़ा लगाकर बाघ को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उसको पकड़ने में नाकाम रही। बाघ के डर से गजियापुर, डंडूरी, बैरिया, कट्ठौहा, बाबागंज, महादेव, लट्ठौहा, मंझरापूरब आदि गांव के लोग दहशत में हैं। जंगल के बीच में मंझरा पूरब रेलवे स्टेशन होने के कारण लोग वहां भी जाने से घबरा रहे हैं।
दो स्थानों पर बाघ को लेकर संशय
गजियापुर के बाद टांडा में बाघ देखे जाने को लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गई है। गजियापुर में वन विभाग की टीम बाघ को तलाशने में जुटी है। वही बाघ की तलाश में बेलरायां रेंज की टीम लगी है। दोनों स्थानों की टीम एक ही बाघ होने की बात को स्पष्ट बताने में संकोच कर रही है।