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वनकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ की कांबिंग
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शीघ्र पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा, पत्रावली डीएम कार्यालय भेजी
ममरी। मोहम्मदी रेंज और हैदराबाद थाना क्षेत्र के बुधेली नानकार गांव में 30 दिसंबर को गेहूं की रखवाली करते वक्त बाघ के हमले में मारे गए किसान लालबिहारी (65) की पत्नी लीलावती को पांच लाख और गंभीर घायल हुए 42 वर्षीय रमेश पंडित को दो लाख मुआवजा राशि दैवी आपदा राहत कोष से एक सप्ताह के अंदर दिलाई जाएगी।
रेंजर मोवीन आरिफ ने बताया कि डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी डॉ दबीर हसन, लेखपाल हेमलता से औपचारिकताएं पूरी कराकर दोनों फाइलें डीएम कार्यालय भेज दी गई हैं।
उधर जिला चिकित्सालय में भर्ती रमेश पंडित की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। रेंजर ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए रोशन नगर गांव के दक्षिण में मंगलवार को पिंजरा और लोकेशन ट्रेस करने के लिए परेली गांव के पास सीसीटीवी कैमरा लगा दिया गया है।
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बाघ ने परेली में दो बकरियों को बनाया निवाला
ममरी। गुरुवार को अपराह्न तीन बजे ममरी से रोशननगर जाने वाली रोड पर छोटी नहर की पुलिया के दक्षिण आम की बाग में पहुंचे बाघ ने हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव परेली निवासी मोहर्रम अली और जाहिद अली को दो बकरियों को दबोच लिया और उन्हें खेत में खींच ले गया और वहां उन्हें मार डाला। राहगीरों के शोर मचाने पर बाघ अधखाए शव छोड़कर गन्ने में घुस गया। प्रधान बिजेंद्र पटेल की सूचना पर महेशपुर रेंज आए डीएफओ समीर कुमार, एसडीओ रविशंकर शुक्ला आदि अधिकारियों ने रेंजर मोबीन आरिफ के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
गौरीगंज के पास दिखा बाघ, बने मिले पगचिह्न
ममरी। बाघ हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव गौरीगंज की आबादी से सटे फत्तेलाल के खेत में जा पहुंचा, जिसे देख लोगों के होश उड़ गए। गांव वालों के शोर मचाने, आग जलाने पर वह गन्ने में घुस गया। गुरुवार सुबह उसके पगचिह्न खेत में बने मिले। हालांकि वन कर्मियों ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई है।
गौरीगंज के रामसिंह, शिवकुमार, दिनेश, विकास आदि ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने रात जागकर बिताई। गुरुवार की सुबह उसके खेत में पगचिह्न बने मिले। वनरक्षक श्यामकिशोर शुक्ला का कहना है कि इस बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है। इधर, बुधवार सवेरे एक बाघ ममरी के दक्षिण हैदराबाद गांव को आने वाली रोड पार करता देखा गया, जिसे देख लोगों के होश उड़ गए, पुष्टि वन कर्मियों ने भी की है।
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ममरी। मोहम्मदी रेंज और हैदराबाद थाना क्षेत्र के बुधेली नानकार गांव में 30 दिसंबर को गेहूं की रखवाली करते वक्त बाघ के हमले में मारे गए किसान लालबिहारी (65) की पत्नी लीलावती को पांच लाख और गंभीर घायल हुए 42 वर्षीय रमेश पंडित को दो लाख मुआवजा राशि दैवी आपदा राहत कोष से एक सप्ताह के अंदर दिलाई जाएगी।
रेंजर मोवीन आरिफ ने बताया कि डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी डॉ दबीर हसन, लेखपाल हेमलता से औपचारिकताएं पूरी कराकर दोनों फाइलें डीएम कार्यालय भेज दी गई हैं।
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उधर जिला चिकित्सालय में भर्ती रमेश पंडित की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। रेंजर ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए रोशन नगर गांव के दक्षिण में मंगलवार को पिंजरा और लोकेशन ट्रेस करने के लिए परेली गांव के पास सीसीटीवी कैमरा लगा दिया गया है।
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बाघ ने परेली में दो बकरियों को बनाया निवाला
ममरी। गुरुवार को अपराह्न तीन बजे ममरी से रोशननगर जाने वाली रोड पर छोटी नहर की पुलिया के दक्षिण आम की बाग में पहुंचे बाघ ने हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव परेली निवासी मोहर्रम अली और जाहिद अली को दो बकरियों को दबोच लिया और उन्हें खेत में खींच ले गया और वहां उन्हें मार डाला। राहगीरों के शोर मचाने पर बाघ अधखाए शव छोड़कर गन्ने में घुस गया। प्रधान बिजेंद्र पटेल की सूचना पर महेशपुर रेंज आए डीएफओ समीर कुमार, एसडीओ रविशंकर शुक्ला आदि अधिकारियों ने रेंजर मोबीन आरिफ के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
गौरीगंज के पास दिखा बाघ, बने मिले पगचिह्न
ममरी। बाघ हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव गौरीगंज की आबादी से सटे फत्तेलाल के खेत में जा पहुंचा, जिसे देख लोगों के होश उड़ गए। गांव वालों के शोर मचाने, आग जलाने पर वह गन्ने में घुस गया। गुरुवार सुबह उसके पगचिह्न खेत में बने मिले। हालांकि वन कर्मियों ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई है।
गौरीगंज के रामसिंह, शिवकुमार, दिनेश, विकास आदि ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने रात जागकर बिताई। गुरुवार की सुबह उसके खेत में पगचिह्न बने मिले। वनरक्षक श्यामकिशोर शुक्ला का कहना है कि इस बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है। इधर, बुधवार सवेरे एक बाघ ममरी के दक्षिण हैदराबाद गांव को आने वाली रोड पार करता देखा गया, जिसे देख लोगों के होश उड़ गए, पुष्टि वन कर्मियों ने भी की है।