{"_id":"5e063b688ebc3e87ac772b3c","slug":"tiger-lakhimpur-news-bly3897158115","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ ने आबादी के पास बैल को मार डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ ने आबादी के पास बैल को मार डाला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। बरौंछा और सोहनरा भूड़ गांव में पिछले एक हफ्ते से आबादी के पास गन्ने के खेतों में डेरा डाले बाघ ने गुरुवार रात एक बैल पर हमला कर उसे मार डाला। यह देख घटनास्थल से मात्र 30 मीटर की दूरी पर रह रहे सिख परिवार के होश उड़ गए। उनके शोर मचाने और आग जलाने पर बाघ गन्ने के खेत में चला गया।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट अंतर्गत बरौंछा और सोहनरा भूड़ गांव आबादी के निकट जगतार सिंह के गन्ने के खेत से निकले एक बाघ ने बिरसा सिंह के झाले से सटे गेहूं के खेत में चर रहे एक बैल पर हमला कर दिया। बैल के रंभाने और बाघ के गुर्राने की आवाज सुनकर झाले में रह रहे परिवारीजनों के होश उड़ गए। उनके शोर मचाने और आग जलाने पर बाघ गन्ने के खेत में चला गया। उन्होंने इसकी सूचना रात में ही वन विभाग को दी। शुक्रवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, राजेंद्र वर्मा, रामपाल वर्मा, आकाश खरवार, पिंटू वॉचर को गेहूं के खेत में बैल का अधखाया शव और पगचिह्न मिले, जिससे वहां बाघ होने की पुष्टि हुई। वन कर्मियों ने बताया कि बाघ के गन्ने खेत से वापस जंगल की ओर जाने के पगचिह्न नहीं मिले हैं। जिससे अभी बाघ के गन्ने खेत में ही मौजूद होने की आशंका है।
बफरजोन मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल से सटे बरौंछा और सोहनरा भूड़ गांव आबादी के पास बाघ द्वारा एक बैल का शिकार किए जाने की सूचना मिली है। वन कर्मियों को बाघ की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। फिर भी ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए।
विज्ञापन
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उप निदेशक दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन
विज्ञापन
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट अंतर्गत बरौंछा और सोहनरा भूड़ गांव आबादी के निकट जगतार सिंह के गन्ने के खेत से निकले एक बाघ ने बिरसा सिंह के झाले से सटे गेहूं के खेत में चर रहे एक बैल पर हमला कर दिया। बैल के रंभाने और बाघ के गुर्राने की आवाज सुनकर झाले में रह रहे परिवारीजनों के होश उड़ गए। उनके शोर मचाने और आग जलाने पर बाघ गन्ने के खेत में चला गया। उन्होंने इसकी सूचना रात में ही वन विभाग को दी। शुक्रवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, राजेंद्र वर्मा, रामपाल वर्मा, आकाश खरवार, पिंटू वॉचर को गेहूं के खेत में बैल का अधखाया शव और पगचिह्न मिले, जिससे वहां बाघ होने की पुष्टि हुई। वन कर्मियों ने बताया कि बाघ के गन्ने खेत से वापस जंगल की ओर जाने के पगचिह्न नहीं मिले हैं। जिससे अभी बाघ के गन्ने खेत में ही मौजूद होने की आशंका है।
विज्ञापन
बफरजोन मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल से सटे बरौंछा और सोहनरा भूड़ गांव आबादी के पास बाघ द्वारा एक बैल का शिकार किए जाने की सूचना मिली है। वन कर्मियों को बाघ की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। फिर भी ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए।
विज्ञापन
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उप निदेशक दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन