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Lakhimpur Kheri News: बाघ ने पड्डे को मारा... ग्रामीणों-वनकर्मियों में नोकझोंक
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मझगईं के बेला में बाघ के हमले के बाद लगी ग्रामीणों की भीड़। संवाद
मझगईं। इलाके के बेला कलां में एक पड्डे को बाघ द्वारा निवाला बनाए जाने से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने पड्डे का शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। 40 हजार रुपये मुआवजा दिए जाने के साथ ही वन दरोगा को मौके पर बुलाने की बात पर अड़े रहे। देर शाम तक हंगामा होता रहा।
बेला कलां निवासी घासीराम गांव की ही विमला पत्नी छड़ीराम की भैंसों को चराने गांव के उत्तर बिलहैया मंदिर के पास गया था। जहां ज्ञानी के गन्ने के खेत में छिपे बैठे बाघ ने मवेशियों पर हमला बोल दिया। इसमें एक पड्डे की जान चली गई। चरवाहों ने भागकर अपनी जान बचाई। आए दिन हो रहे बाघ के हमले से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
मौके पर पहुंचे मझगईं फॉरेस्ट गार्ड भूपेंद्र सिंह और वन दरोगा मनोज कुमार से झड़प शुरू कर दी। ग्रामीणों और वन विभाग के बीच काफी नोकझोंक हुई। ग्रामीणों ने कहा कि 40 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए और एक वन दरोगा को भी मौके पर बुलाया जाए। ग्रामीणों का आरोप था कि उक्त वन दरोगा जंगल में जलौनी लकड़ी बीनने के लिए जाने वाले ग्रामीणों को घुसने नहीं देते हैं। उत्पीड़न करते हैं।
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जंगल से निकलने वाले वन्यजीव लगातार ग्रामीणों का नुकसान ही करते हैं। देर शाम तक मुआवजा दिलाए जाने के साथ ही उक्त वन दरोगा को मौके पर बुलाने की मांग पर ग्रामीण अड़े रहे। सूचना पर मझगईं रेंजर अंकित सिंह दलबल के साथ पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन देर शाम तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है।
ग्रामीणों ने वन विभाग की गाड़ियों का भी घेराव किया है। खबर लिखे जाने तक रेंजर अंकित सिंह गांव में ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
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दाराबोझी में बाघ ने बछड़े और कुत्ते को बनाया निवाला
तिकुनिया। नेपाल बॉर्डर के ग्राम पंचायत बनवीरपुर के मजरा दाराबोझी में बाघ की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत है। बाघ ने बृहस्पतिवार की रात एक बछड़े और कुत्ते को निवाला बना लिया। मौके पर पहुंचे वन दरोगा रामनरेश ने ग्रामीणों को अलर्ट रहने की चेतावनी दी है।
ग्राम दाराबोझी निवासी राजदीप सिंह ने बताया कि रात में वे घर पर सो रहे थे। इस बीच कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनाई पड़ी। आंख खुली तो देखा चारपाई में बंधा बछड़ा गायब था। बाघ बछड़े को लेकर गन्ने के खेत में चला गया।
शोर मचाते हुए तमाम ग्रामीण गन्ने के खेत में गए तो देखा एक कुत्ता भी बाघ का निवाला बन चुका था। मौके पर पहुंचे वन दरोगा रामनरेश ने बताया कि जांच पड़ताल में बाघ के ही पगचिह्न मिले हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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बेला कलां निवासी घासीराम गांव की ही विमला पत्नी छड़ीराम की भैंसों को चराने गांव के उत्तर बिलहैया मंदिर के पास गया था। जहां ज्ञानी के गन्ने के खेत में छिपे बैठे बाघ ने मवेशियों पर हमला बोल दिया। इसमें एक पड्डे की जान चली गई। चरवाहों ने भागकर अपनी जान बचाई। आए दिन हो रहे बाघ के हमले से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
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मौके पर पहुंचे मझगईं फॉरेस्ट गार्ड भूपेंद्र सिंह और वन दरोगा मनोज कुमार से झड़प शुरू कर दी। ग्रामीणों और वन विभाग के बीच काफी नोकझोंक हुई। ग्रामीणों ने कहा कि 40 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए और एक वन दरोगा को भी मौके पर बुलाया जाए। ग्रामीणों का आरोप था कि उक्त वन दरोगा जंगल में जलौनी लकड़ी बीनने के लिए जाने वाले ग्रामीणों को घुसने नहीं देते हैं। उत्पीड़न करते हैं।
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जंगल से निकलने वाले वन्यजीव लगातार ग्रामीणों का नुकसान ही करते हैं। देर शाम तक मुआवजा दिलाए जाने के साथ ही उक्त वन दरोगा को मौके पर बुलाने की मांग पर ग्रामीण अड़े रहे। सूचना पर मझगईं रेंजर अंकित सिंह दलबल के साथ पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन देर शाम तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है।
ग्रामीणों ने वन विभाग की गाड़ियों का भी घेराव किया है। खबर लिखे जाने तक रेंजर अंकित सिंह गांव में ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
दाराबोझी में बाघ ने बछड़े और कुत्ते को बनाया निवाला
तिकुनिया। नेपाल बॉर्डर के ग्राम पंचायत बनवीरपुर के मजरा दाराबोझी में बाघ की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत है। बाघ ने बृहस्पतिवार की रात एक बछड़े और कुत्ते को निवाला बना लिया। मौके पर पहुंचे वन दरोगा रामनरेश ने ग्रामीणों को अलर्ट रहने की चेतावनी दी है।
ग्राम दाराबोझी निवासी राजदीप सिंह ने बताया कि रात में वे घर पर सो रहे थे। इस बीच कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनाई पड़ी। आंख खुली तो देखा चारपाई में बंधा बछड़ा गायब था। बाघ बछड़े को लेकर गन्ने के खेत में चला गया।
शोर मचाते हुए तमाम ग्रामीण गन्ने के खेत में गए तो देखा एक कुत्ता भी बाघ का निवाला बन चुका था। मौके पर पहुंचे वन दरोगा रामनरेश ने बताया कि जांच पड़ताल में बाघ के ही पगचिह्न मिले हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।