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खेत से बाहर आया बाघ, मजदूरों में मची भगदड़
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अयोध्यापुर में ग्रामीणों के साथ पगचिह्न देखते वनकर्मी। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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ममरी। मोहम्मदी रेंज की सहजनिया बीट जंगल से करीब डेढ़ किमी दूर गांव अयोध्यापुर निवासी अवधेश वर्मा के खेत में धान की कटाई कर रहे मजदूर बाघ के हमले में बाल-बाल बच गए। मजदूरों ने ट्रैक्टर ट्रॉली पर चढ़ कर जान बचाई। सूचना पर पहुंची वनकर्मियों की टीम ने बाघ के गन्ने में मौजूद होने और पगचिह्न मिलने की पुष्टि की है।
अयोध्यापुर के अवधेश वर्मा ने बताया कि शुक्रवार दोपहर वह घनश्याम, रामनरेश, सुरेश आदि मजदूरों के संग खेत में धान की कटाई करा रहे थे, जहां से सहजनिया बीट जंगल की दूरी डेढ़ किलोमीटर है। इसी बीच गन्ने में छिपा बाघ निकल कर मजदूरों के सामने आकर खड़ा हो गया, जिसे देख मजदूरों के होश उड़ गए। उनके शोर मचाने पर भी बाघ ही खड़ा गुर्राता रहा। तब मजदूरों ने शोर मचाते हुए ट्रैक्टर ट्रॉली पर चढ़कर अपनी जान बचाई। इसी बीच गांव के तमाम लोग ट्रैक्टर ट्रॉली पर लाठी-डंडे और बंदूक लेकर वहां पहुंच गए। जिनके शोर मचाने पर बाघ भीड़ को देख फिर गन्ने के खेत में घुस गया। घबराए लोगों ने घटना की सूचना प्रधान रामकुमार वर्मा और महेशपुर रेंज के वनकर्मियों को दी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे फॉरेस्टर सत्यम सिंह, वनरक्षक नरेंद्र कुमार आदि वनकर्मियों, एसटीपीएफ जवानों ने काफी देर तक गन्ने में कांबिंग कर लोकेशन ट्रेस की लेकिन बाघ गन्ने में छिपा रहा। वनकर्मियों ने ग्रामीणों को बताया कि गन्ना बाहुल्य एरिया होने की वजह से बाघ गन्ने में मौजूद हो सकता है, जिसकी निगरानी कराई जा रही है, फिर भी सतर्क रहने, खेतों में समूह बनाकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने किसानों को धान की कटाई करते वक्त आपस में बातें करते रहने की सलाह दी है।
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अयोध्यापुर के अवधेश वर्मा ने बताया कि शुक्रवार दोपहर वह घनश्याम, रामनरेश, सुरेश आदि मजदूरों के संग खेत में धान की कटाई करा रहे थे, जहां से सहजनिया बीट जंगल की दूरी डेढ़ किलोमीटर है। इसी बीच गन्ने में छिपा बाघ निकल कर मजदूरों के सामने आकर खड़ा हो गया, जिसे देख मजदूरों के होश उड़ गए। उनके शोर मचाने पर भी बाघ ही खड़ा गुर्राता रहा। तब मजदूरों ने शोर मचाते हुए ट्रैक्टर ट्रॉली पर चढ़कर अपनी जान बचाई। इसी बीच गांव के तमाम लोग ट्रैक्टर ट्रॉली पर लाठी-डंडे और बंदूक लेकर वहां पहुंच गए। जिनके शोर मचाने पर बाघ भीड़ को देख फिर गन्ने के खेत में घुस गया। घबराए लोगों ने घटना की सूचना प्रधान रामकुमार वर्मा और महेशपुर रेंज के वनकर्मियों को दी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे फॉरेस्टर सत्यम सिंह, वनरक्षक नरेंद्र कुमार आदि वनकर्मियों, एसटीपीएफ जवानों ने काफी देर तक गन्ने में कांबिंग कर लोकेशन ट्रेस की लेकिन बाघ गन्ने में छिपा रहा। वनकर्मियों ने ग्रामीणों को बताया कि गन्ना बाहुल्य एरिया होने की वजह से बाघ गन्ने में मौजूद हो सकता है, जिसकी निगरानी कराई जा रही है, फिर भी सतर्क रहने, खेतों में समूह बनाकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने किसानों को धान की कटाई करते वक्त आपस में बातें करते रहने की सलाह दी है।
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