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बाघ को नील गाय को दौड़ाता देख ग्रामीणों में भगदड़
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रोशननगर में भयभीत खड़े मजदूर। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
ममरी। रविवार की रात हैदराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम रोशननगर की आबादी के पास लालमन के खेत में सांड़ को मारने वाला बाघ अब तक गन्ने के खेत में मौजूद है। सोमवार की शाम बाघ को विषखऊ तालाब के पास नीलगाय का पीछा करते देख वहां काम कर रहे मनरेगा मजदूरों में भगदड़ मच गई।
प्रधान रियाजत अली ने बताया कि सोमवार की शाम आशीष, रजनीश, लुकमान, मुन्ना, मदन, आदि मजदूर वहां मिट्टी खुदाई का काम कर रहे थे। इसी बीच बाघ नीलगाय को दौड़ाता हुआ उनके करीब आ पहुंचा, जिसे देख मजदूरों में भगदड़ मच गई। शोर मचाने पर बाघ फिर गन्ने के खते में घुस गया। यहां से देवीपुर बीट जंगल की दूरी करीब पांच किलोमीटर और बुधेलीनानकार गांव की दूरी महज एक किलोमीटर है। बताया कि तीन दिनों से बाघ की चहलकदमी खेतों में होने से क्षेत्र में दहशत फैली हुई है। प्रधान का कहना है कि वन कर्मियों को सूचना देने की कोशिश की गई लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया जबकि वनकर्मियों का कहना है कि टीम को मौके पर भेजकर मामला दिखाया जा रहा है। संवाद
बाघ ने गन्ने के खेतों में जमाया डेरा
कुकरा। मैलानी रेंज की सलेमपुर बीट के हिंदुस्तान फार्म पर जंगल से निकले बाघ ने गन्ने के खेतों में डेरा जमा लिया है, जिससे लोग भयभीत हैं। मगर वन विभाग के अधिकारी बेखबर बने हुए हैं।
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सलेमपुर बीट ग्रंट नंबर तीन में हिंदुस्तान फार्म में एक सप्ताह से बाघ की चहलकदमी देखी जा रही है। फार्म के गुरमीत सिंह, हरजीत सिंह का कहना है कि बाघ उनके गन्ने के खेत में कई दिनों से डेरा जमाए है। सोमवार की रात आठ बजे बाघ को रास्ते पर झालों के करीब विचरण करते हुए देख लोगों के होश उड़ गए। पटीशानगर में जाहिद के खेत में पानी पीने के लिए बाघ आ गया था, जिसके पगचिह्न बने मिले हैं। गुरतेज सिंह, राजपाल सिंह का कहना है कि बाघ कई दिनों से आबादी क्षेत्र में गन्ने के खेतों में है। जिससे कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना देने के बाद भी वनकर्मी झांकने तक नहीं आए हैं। मैलानी रेंजर केपी सिंह का कहना है कि बाघ की निगरानी कराई जा रही है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। संवाद
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प्रधान रियाजत अली ने बताया कि सोमवार की शाम आशीष, रजनीश, लुकमान, मुन्ना, मदन, आदि मजदूर वहां मिट्टी खुदाई का काम कर रहे थे। इसी बीच बाघ नीलगाय को दौड़ाता हुआ उनके करीब आ पहुंचा, जिसे देख मजदूरों में भगदड़ मच गई। शोर मचाने पर बाघ फिर गन्ने के खते में घुस गया। यहां से देवीपुर बीट जंगल की दूरी करीब पांच किलोमीटर और बुधेलीनानकार गांव की दूरी महज एक किलोमीटर है। बताया कि तीन दिनों से बाघ की चहलकदमी खेतों में होने से क्षेत्र में दहशत फैली हुई है। प्रधान का कहना है कि वन कर्मियों को सूचना देने की कोशिश की गई लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया जबकि वनकर्मियों का कहना है कि टीम को मौके पर भेजकर मामला दिखाया जा रहा है। संवाद
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बाघ ने गन्ने के खेतों में जमाया डेरा
कुकरा। मैलानी रेंज की सलेमपुर बीट के हिंदुस्तान फार्म पर जंगल से निकले बाघ ने गन्ने के खेतों में डेरा जमा लिया है, जिससे लोग भयभीत हैं। मगर वन विभाग के अधिकारी बेखबर बने हुए हैं।
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सलेमपुर बीट ग्रंट नंबर तीन में हिंदुस्तान फार्म में एक सप्ताह से बाघ की चहलकदमी देखी जा रही है। फार्म के गुरमीत सिंह, हरजीत सिंह का कहना है कि बाघ उनके गन्ने के खेत में कई दिनों से डेरा जमाए है। सोमवार की रात आठ बजे बाघ को रास्ते पर झालों के करीब विचरण करते हुए देख लोगों के होश उड़ गए। पटीशानगर में जाहिद के खेत में पानी पीने के लिए बाघ आ गया था, जिसके पगचिह्न बने मिले हैं। गुरतेज सिंह, राजपाल सिंह का कहना है कि बाघ कई दिनों से आबादी क्षेत्र में गन्ने के खेतों में है। जिससे कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना देने के बाद भी वनकर्मी झांकने तक नहीं आए हैं। मैलानी रेंजर केपी सिंह का कहना है कि बाघ की निगरानी कराई जा रही है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। संवाद