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Lakhimpur Kheri News: जगबुढ़ा नदी में बहकर आए बाघ के शावक की मौत
Thu, 01 Jan 2026 11:32 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 01 Jan 2026 11:32 PM IST
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पानी के किनारे बैठा बाघ का बच्चा। स्रोत: सोशल मीडिया
धनगढ़ी (नेपाल)। जगबुढ़ा नदी में बहकर आए बाघ के एक शावक की मौत हो गई। स्थानीय लोगों और वन अधिकारियों के अनुसार शावक की मौत का मुख्य कारण कीचड़ में फंसना, अत्यधिक सर्दी और समय पर उपचार न मिलना बताया जा रहा है।
बुधवार शाम को चांदनी गौरीशंकर सामुदायिक वन क्षेत्र के पास जगबुढ़ा नदी में एक बाघ का बच्चा बहकर आ गया था। नदी किनारे कीचड़ में फंसे शावक को संघर्ष करते देख स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और शुक्ला फांटा राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन को दी।
डिवीजन वन कार्यालय कंचनपुर के प्रमुख वरिष्ठ डिविजनल वन अधिकारी सुरेंद्रचंद्र डीसी ने उद्यान प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया सूचना मिलने पर राहत टीम मौके पर तो पहुंची, लेकिन बचाव कार्य करने के बजाय वापस चली आई। शावक लंबे समय तक कीचड़ में फंसा रहा और कड़ाके की सर्दी की चपेट में आ गया।
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समय पर चिकित्सा सहायता और उपचार न मिलना ही उसकी मृत्यु का मुख्य कारण बना। सुरेंद्रचंद डीसी ने कहा कि जब वे स्वयं मौके पर पहुंचे तब तक शावक दम तोड़ चुका था। दूसरी ओर शुक्लाफांटा राष्ट्रीय उद्यान के प्रमुख संरक्षण अधिकारी चंद्र शेखर चौधरी ने शावक की मौत को एक संयोग बताया है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर शावक के कीचड़ में फंसने और बाद में उसकी मृत्यु के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इससे वन्यजीव प्रेमियों में रोष है।
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बुधवार शाम को चांदनी गौरीशंकर सामुदायिक वन क्षेत्र के पास जगबुढ़ा नदी में एक बाघ का बच्चा बहकर आ गया था। नदी किनारे कीचड़ में फंसे शावक को संघर्ष करते देख स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और शुक्ला फांटा राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन को दी।
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डिवीजन वन कार्यालय कंचनपुर के प्रमुख वरिष्ठ डिविजनल वन अधिकारी सुरेंद्रचंद्र डीसी ने उद्यान प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया सूचना मिलने पर राहत टीम मौके पर तो पहुंची, लेकिन बचाव कार्य करने के बजाय वापस चली आई। शावक लंबे समय तक कीचड़ में फंसा रहा और कड़ाके की सर्दी की चपेट में आ गया।
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समय पर चिकित्सा सहायता और उपचार न मिलना ही उसकी मृत्यु का मुख्य कारण बना। सुरेंद्रचंद डीसी ने कहा कि जब वे स्वयं मौके पर पहुंचे तब तक शावक दम तोड़ चुका था। दूसरी ओर शुक्लाफांटा राष्ट्रीय उद्यान के प्रमुख संरक्षण अधिकारी चंद्र शेखर चौधरी ने शावक की मौत को एक संयोग बताया है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर शावक के कीचड़ में फंसने और बाद में उसकी मृत्यु के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इससे वन्यजीव प्रेमियों में रोष है।