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कैमरे में कैद हुआ युवक पर हमला करने वाला बाघ
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की संपूर्णानगर रेंज में पीलीभीत जिले के एक युवक को निवाला बनाने वाले बाघ की लोकेशन ट्रेस हो गई है। वन विभाग ने संबधित क्षेत्र में दो कैमरे लगाए थे, जिनमें से एक कैमरे में सोमवार रात हमलावर बाघ की तस्वीर कैद हुई है, जिससे इस बात की पुष्टि हुई है कि हमलावर बाघ अभी घटनास्थल के आसपास ही मौजूद है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि संपूर्णानगर रेंज के बैलहा बीट में राघवपुरी गांव से करीब दो किलोमीटर दूर तीन दिन पहले जिला पीलीभीत के सेमरा तालुके महराजपुर निवासी कमालुद्दीन (28) पर बाघ ने हमला कर उसे मार डाला था।
बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बाद वन कर्मियों और एसटीपीएफ (स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स) की टीम गठित करने के साथ ही लोकेशन ट्रेस करने को दो कैमरे लगाए गए। इन कैमरों में से एक में सोमवार रात बाघ की तस्वीर कैद हुई। इससे इस बात की पुष्टि हुई कि बाघ अभी घटनास्थल के इर्द-गिर्द ही मौजूद है।
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डीडी ने बताया कि ट्रांस शारदा क्षेत्र बाघों के साथ ही अन्य वन्यजीवों का पसंदीदा प्राकृतवास है। वहां खड़ी ऊंची झाड़ियों और घास के मैदानों में बाघ डेरा जमाए रहते हैं। शारदा नदी किनारे खड़ी ऊंची झाड़ियां और घास के मैदान में बाघों को भोजन के रूप में हिरन, पाढ़ा, चीतल, जंगली सुअर आदि बहुतायत में मिल जाते हैं। अपने प्राकृतवास में बाघ इंसानी दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं करते।
कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद हुई है, बाघ अभी घटनास्थल के इर्द-गिर्द ही मौजूद है। बाघ की निगरानी के लिए वन कर्मियों और एसटीपीएफ जवानों की टीम गठित की गई है। संबधित क्षेत्र बाघों का पसंदीदा प्राकृतवास है। ग्रामीणों से अपील है कि बाघ हमले की घटनाओं को रोकने के लिए लोग शारदा नदी किनारे पांच सौ मीटर से एक किलोमीटर दूरी पर स्थित भूमि में खेती-बाड़ी न करें। जिससे बाघ आबादी तक न पहुंच सके।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व,बफरजोन
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि संपूर्णानगर रेंज के बैलहा बीट में राघवपुरी गांव से करीब दो किलोमीटर दूर तीन दिन पहले जिला पीलीभीत के सेमरा तालुके महराजपुर निवासी कमालुद्दीन (28) पर बाघ ने हमला कर उसे मार डाला था।
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बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बाद वन कर्मियों और एसटीपीएफ (स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स) की टीम गठित करने के साथ ही लोकेशन ट्रेस करने को दो कैमरे लगाए गए। इन कैमरों में से एक में सोमवार रात बाघ की तस्वीर कैद हुई। इससे इस बात की पुष्टि हुई कि बाघ अभी घटनास्थल के इर्द-गिर्द ही मौजूद है।
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डीडी ने बताया कि ट्रांस शारदा क्षेत्र बाघों के साथ ही अन्य वन्यजीवों का पसंदीदा प्राकृतवास है। वहां खड़ी ऊंची झाड़ियों और घास के मैदानों में बाघ डेरा जमाए रहते हैं। शारदा नदी किनारे खड़ी ऊंची झाड़ियां और घास के मैदान में बाघों को भोजन के रूप में हिरन, पाढ़ा, चीतल, जंगली सुअर आदि बहुतायत में मिल जाते हैं। अपने प्राकृतवास में बाघ इंसानी दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं करते।
कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद हुई है, बाघ अभी घटनास्थल के इर्द-गिर्द ही मौजूद है। बाघ की निगरानी के लिए वन कर्मियों और एसटीपीएफ जवानों की टीम गठित की गई है। संबधित क्षेत्र बाघों का पसंदीदा प्राकृतवास है। ग्रामीणों से अपील है कि बाघ हमले की घटनाओं को रोकने के लिए लोग शारदा नदी किनारे पांच सौ मीटर से एक किलोमीटर दूरी पर स्थित भूमि में खेती-बाड़ी न करें। जिससे बाघ आबादी तक न पहुंच सके।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व,बफरजोन