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Lakhimpur Kheri News: जिला महिला अस्पताल में नहीं होती थायराइड व शुगर की जांच
Sat, 01 Nov 2025 12:51 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 01 Nov 2025 12:51 AM IST
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जिला महिला अस्पताल स्थित बनी पैथोलॉजी। संवाद
- फोटो : udhampur news
लखीमपुर खीरी। जिला महिला अस्पताल में गर्भवतियों की थायराइड व शुगर की जांच नहीं होती। मशीन के अभाव में कर्मचारी उन्हें जिला अस्पताल भेज रहे हैं या फिर महिलाएं मजबूरन निजी लैब का रुख कर रही हैं।
अस्पताल में प्रतिदिन करीब 200-250 गर्भवती महिलाएं आती हैं। इनमें अधिकतर को थायराइड व हार्मोनल जांच के लिए डॉक्टर लिखते हैं। करीब पांच प्रतिशत महिलाओं को एचबी ए वन सी जांच की जरूरत पड़ती है, लेकिन अस्पताल में हार्मोनल, थायराइड व शुगर की जांच के लिए मशीन न होने से उन्हें प्राइवेट लैब जाना पड़ रहा है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह मशीन पैथोलॉजी में नहीं है, लेकिन यहां सैंपल लेकर जिला अस्पताल भेजा जाता है। वहां से एक-दो दिनों में रिपोर्ट मिल जाती है।
इन जांचों के लिए पड़ती है जरूरत
जिला महिला अस्पताल में आने वाली महिलाओं को चिकित्सक थायराइड की टीएसएच, थॉयराइड प्रोफाइल की टी 3, टी 4, टीएसएच व हार्मोनल के लिए एलएच, एफएसएच व प्राेलेक्टिन, डायबिटीज की एचबी ए वन सी जांच लिखते हैं। पहले ही पैथोलॉजिस्ट की कमी से जूझ रहे जिला महिला अस्पताल में यह जांचें न होने से यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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जिला महिला अस्पताल में इनफर्टिलिटी का इलाज नहीं होता। इसलिए हार्मोनल जांच की जरूरत नहीं है। थायराइड व अन्य जांच के लिए सैंपल लेकर जिला अस्पताल से जांच कराई जा रही है।
-डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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अस्पताल में प्रतिदिन करीब 200-250 गर्भवती महिलाएं आती हैं। इनमें अधिकतर को थायराइड व हार्मोनल जांच के लिए डॉक्टर लिखते हैं। करीब पांच प्रतिशत महिलाओं को एचबी ए वन सी जांच की जरूरत पड़ती है, लेकिन अस्पताल में हार्मोनल, थायराइड व शुगर की जांच के लिए मशीन न होने से उन्हें प्राइवेट लैब जाना पड़ रहा है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह मशीन पैथोलॉजी में नहीं है, लेकिन यहां सैंपल लेकर जिला अस्पताल भेजा जाता है। वहां से एक-दो दिनों में रिपोर्ट मिल जाती है।
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इन जांचों के लिए पड़ती है जरूरत
जिला महिला अस्पताल में आने वाली महिलाओं को चिकित्सक थायराइड की टीएसएच, थॉयराइड प्रोफाइल की टी 3, टी 4, टीएसएच व हार्मोनल के लिए एलएच, एफएसएच व प्राेलेक्टिन, डायबिटीज की एचबी ए वन सी जांच लिखते हैं। पहले ही पैथोलॉजिस्ट की कमी से जूझ रहे जिला महिला अस्पताल में यह जांचें न होने से यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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जिला महिला अस्पताल में इनफर्टिलिटी का इलाज नहीं होता। इसलिए हार्मोनल जांच की जरूरत नहीं है। थायराइड व अन्य जांच के लिए सैंपल लेकर जिला अस्पताल से जांच कराई जा रही है।
-डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज