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‘नफरत की लाठी तोड़ो लालच का खंजर फेंको’
गोला गोकर्णनाथ।
Updated Thu, 02 Apr 2015 08:26 PM IST
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ऐतिहासिक चैती मेले के सांस्कृतिक मंच पर मुबारक अली एंड पार्टी के कलाकारों ने गीत गाकर श्रोताओं को संगीत की सरधार से सराबोर कर दिया। फिल्मी तरानों पर दर्शक दीर्घा में बैठे लोग नाच उठे।
प्रवक्ता प्रदीप त्रिवेदी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पलिया विधायक रोमी साहनी, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। मुख्य अतिथि ने कहा कि चैती मेला छोटी काशी (गोला) की विरासत है जिसे हमें संजोकर परंपरा को कायम रखना है। शुरुआत में मुबारक अली ने-तारीफ तेरी निकली है दिल से, नफरत की लाठी तोड़ो, लालच का खंजर फेंकों गीत गाया। उसके बाद-ओ मेरी महबूबा, एक ऋतु आए एक ऋतु जाए मौसम बदले न, मांझी गीत-नदिया चले चले रे धारा तुझको चलना होगा, फूल गेदवा के न मारो लागत करेजबा में चोट, गीत गाकर लोगों को पुराने गायकों, गीतकारों, संगीतकारों की याद दिला दी।
इशरार अहमद ने मुस्कराने की वजह तुम हो, तेरे नैना दगाबाज रे गाकर युवा श्रोताओं को नाचने पर मजबूर कर दिया। लखनऊ की गायिका प्रिया ने ऐ हवा मेरे संग संग चल, सोलह बरस की बाली उमर को सलाम, जावेद अली ने इश्क तेरा सूफियाना और छुप गए सारे नजारे ओए क्या बात हो गयी युगल गीत गाया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। संचालन मनोज श्रीवास्तव ने किया।
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इस मौके पर अनुपम वाजपेयी, राजेश गिरि, विनय पांडे, रोमी कक्कड़, राकेश तिवारी, पृथ्वीपाल, संदीप जायसवाल, जितेंद्र गुप्ता, बुंदे भसीन, अशोक कनौजिया, द्वारिका प्रसाद रस्तोगी, काशी विश्वनाथ तिवारी, रफी अहमद, सुशील गिरि, संतोष भारती, आशीष अवस्थी, नसीम अहमद, आशा देवी, सुमित शुक्ल, वैभव सहित नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।
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प्रवक्ता प्रदीप त्रिवेदी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पलिया विधायक रोमी साहनी, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। मुख्य अतिथि ने कहा कि चैती मेला छोटी काशी (गोला) की विरासत है जिसे हमें संजोकर परंपरा को कायम रखना है। शुरुआत में मुबारक अली ने-तारीफ तेरी निकली है दिल से, नफरत की लाठी तोड़ो, लालच का खंजर फेंकों गीत गाया। उसके बाद-ओ मेरी महबूबा, एक ऋतु आए एक ऋतु जाए मौसम बदले न, मांझी गीत-नदिया चले चले रे धारा तुझको चलना होगा, फूल गेदवा के न मारो लागत करेजबा में चोट, गीत गाकर लोगों को पुराने गायकों, गीतकारों, संगीतकारों की याद दिला दी।
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इशरार अहमद ने मुस्कराने की वजह तुम हो, तेरे नैना दगाबाज रे गाकर युवा श्रोताओं को नाचने पर मजबूर कर दिया। लखनऊ की गायिका प्रिया ने ऐ हवा मेरे संग संग चल, सोलह बरस की बाली उमर को सलाम, जावेद अली ने इश्क तेरा सूफियाना और छुप गए सारे नजारे ओए क्या बात हो गयी युगल गीत गाया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। संचालन मनोज श्रीवास्तव ने किया।
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इस मौके पर अनुपम वाजपेयी, राजेश गिरि, विनय पांडे, रोमी कक्कड़, राकेश तिवारी, पृथ्वीपाल, संदीप जायसवाल, जितेंद्र गुप्ता, बुंदे भसीन, अशोक कनौजिया, द्वारिका प्रसाद रस्तोगी, काशी विश्वनाथ तिवारी, रफी अहमद, सुशील गिरि, संतोष भारती, आशीष अवस्थी, नसीम अहमद, आशा देवी, सुमित शुक्ल, वैभव सहित नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।