{"_id":"67eac544349304605904222a","slug":"three-control-rooms-were-opened-to-prevent-forest-fire-lakhimpur-news-c-120-1-sbly1008-142487-2025-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: जंगल की आग रोकने के लिए तीन कंट्रोल रूम खोले गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: जंगल की आग रोकने के लिए तीन कंट्रोल रूम खोले गए
विज्ञापन
कंट्रोल रूम से आग पर नजर रखते कर्मी। स्रोत- डीटीआर।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने जंगल को आग से बचाने के इंतजाम पूरे कर लिए हैं। इस बार आग फैलने से रोकने के लिए फायर अलर्ट सिस्टम को और मजबूत किया गया है। साथ ही तीन कंट्रोल रूम नए खोले गए हैं।
गर्मियों के सीजन में मौसम शुष्क होने और तेज हवा चलने के कारण जंगल में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। वन विभाग ने हर साल की तरह इस साल भी आग की घटनाएं रोकने के पुख्ता इंतजाम किए हैं। आग को फैलने से रोकने के लिए फायर लाइन बनाने के साथ कटान और फुकान का काम पूरा कर लिया गया है।
आग रोकने के लिए डीटीआर प्रशासन ने तीन कंट्रोल रूम नए स्थापित किए हैं। यह कंट्रोल रूम लखीमपुर, पलिया और कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में सक्रिय रहेंगे। आग जैसी आपदा के लिए प्रशिक्षित अधिकारी और वन कर्मियों की टीमें बनाई गईं हैं। जंगल में आग लगने की सूचना पर वन कर्मी घटनास्थल पर पहुंचकर परंपरागत तरीके से आग को काबू करेंगे।
विज्ञापन
सैटेलाइट से रखी जाएगी नजर
दुधवा और दक्षिण खीरी वन प्रभाग के जंगलों में आग की घटनाओं पर सैटेलाइट से नजर रखी जाएगी। कहीं भी आग लगने पर सैटेलाइट से उस जगह का पता चल सकेगा और संबंधित कंट्रोल रूम में तैनात वन कर्मियों को फायर अलर्ट सिस्टम के जरिए तत्काल सूचना मिल सकेगी। सूचना पर नजदीकी स्टाफ तुरंत पहुंचकर आग पर काबू पाएगा।
वनाधिकारी लोगों को कर रहे जागरूक
जंगल में आग न लगने पाए इसके लिए दुधवा जंगल से सटे किशनपुर सेंक्चुरी, मैलानी, भीरा समेत सभी रेंज के आसपास बसे गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वनाधिकारी और वनकर्मी ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं कि वह जंगल के आसपास आग न जलाएं। बीड़ी, सिगरेट पीने के बाद बिना बुझाए इधर-उधर न फेंकें। चरवाहे जंगल के किनारे खाना न बनाएं। बावजूद इसके यदि जंगल में कहीं आग लगती है तो तुरंत वन कर्मियों को सूचना दें।
दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में आग लगने और फैलने से रोकने के पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं। फायर अलर्ट सिस्टम को और अधिक मजबूत किया गया है। तीन कंट्रोल रूम भी नए स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। - डॉ. एच राजामोहन, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
गर्मियों के सीजन में मौसम शुष्क होने और तेज हवा चलने के कारण जंगल में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। वन विभाग ने हर साल की तरह इस साल भी आग की घटनाएं रोकने के पुख्ता इंतजाम किए हैं। आग को फैलने से रोकने के लिए फायर लाइन बनाने के साथ कटान और फुकान का काम पूरा कर लिया गया है।
विज्ञापन
आग रोकने के लिए डीटीआर प्रशासन ने तीन कंट्रोल रूम नए स्थापित किए हैं। यह कंट्रोल रूम लखीमपुर, पलिया और कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में सक्रिय रहेंगे। आग जैसी आपदा के लिए प्रशिक्षित अधिकारी और वन कर्मियों की टीमें बनाई गईं हैं। जंगल में आग लगने की सूचना पर वन कर्मी घटनास्थल पर पहुंचकर परंपरागत तरीके से आग को काबू करेंगे।
विज्ञापन
सैटेलाइट से रखी जाएगी नजर
दुधवा और दक्षिण खीरी वन प्रभाग के जंगलों में आग की घटनाओं पर सैटेलाइट से नजर रखी जाएगी। कहीं भी आग लगने पर सैटेलाइट से उस जगह का पता चल सकेगा और संबंधित कंट्रोल रूम में तैनात वन कर्मियों को फायर अलर्ट सिस्टम के जरिए तत्काल सूचना मिल सकेगी। सूचना पर नजदीकी स्टाफ तुरंत पहुंचकर आग पर काबू पाएगा।
वनाधिकारी लोगों को कर रहे जागरूक
जंगल में आग न लगने पाए इसके लिए दुधवा जंगल से सटे किशनपुर सेंक्चुरी, मैलानी, भीरा समेत सभी रेंज के आसपास बसे गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वनाधिकारी और वनकर्मी ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं कि वह जंगल के आसपास आग न जलाएं। बीड़ी, सिगरेट पीने के बाद बिना बुझाए इधर-उधर न फेंकें। चरवाहे जंगल के किनारे खाना न बनाएं। बावजूद इसके यदि जंगल में कहीं आग लगती है तो तुरंत वन कर्मियों को सूचना दें।
दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में आग लगने और फैलने से रोकने के पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं। फायर अलर्ट सिस्टम को और अधिक मजबूत किया गया है। तीन कंट्रोल रूम भी नए स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। - डॉ. एच राजामोहन, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व