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Lakhimpur Kheri News: महिला की मौत से अनाथ हुए तीन बच्चे
Sun, 12 Oct 2025 11:36 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 12 Oct 2025 11:36 PM IST
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बेंचेपुरवा में माता-पिता की मृत्यु के बाद अनाथ हु बच्चे। संवाद
बिजुआ। गांव चौखड़िया निवासी सुनीला देवी की करवाचौथ के दिन बुखार से हुई मौत के बाद उसके तीन बच्चे अनाथ हो गए। उनके पति रामनरेश की पांच वर्ष पूर्व करंट लगने से मौत हो गई थी। परिवार की दयनीय हालत की सूचना पर डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए बच्चों की मदद के निर्देश दिए।
रामनरेश की मौत के बाद बच्चों को पालने की जिम्मेदारी सुनीला पर आ गई थी। शुक्रवार को करवाचौथ के दिन बच्चों का पेट पालने के लिए सुनीला गांव स्थित अपनी बहन के यहां मजदूरी पर धान काटने गई थी। वहीं, उसकी बुखार के चलते मौत हो गई। उनके तीनों बच्चों में सबसे बड़ी बेटी 15 वर्षीय प्रियंका, छोटी दस वर्षीय शिवानी और 12 साल का अमित है।
बच्चों के नाम पिता की चार बीघा जमीन है, जो शारदा नदी में कट गई है। कटी हुई जमीन का अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। राशन कार्ड नहीं बना है। एसडीएम गोला युगांतर त्रिपाठी के नेतृत्व में ग्राम प्रधान के माध्यम से तीनों बच्चों के लिए खाना और देखभाल की व्यवस्था करवाई।
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एसडीएम युगांतर त्रिपाठी ने बताया कि तीनों बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
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रामनरेश की मौत के बाद बच्चों को पालने की जिम्मेदारी सुनीला पर आ गई थी। शुक्रवार को करवाचौथ के दिन बच्चों का पेट पालने के लिए सुनीला गांव स्थित अपनी बहन के यहां मजदूरी पर धान काटने गई थी। वहीं, उसकी बुखार के चलते मौत हो गई। उनके तीनों बच्चों में सबसे बड़ी बेटी 15 वर्षीय प्रियंका, छोटी दस वर्षीय शिवानी और 12 साल का अमित है।
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बच्चों के नाम पिता की चार बीघा जमीन है, जो शारदा नदी में कट गई है। कटी हुई जमीन का अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। राशन कार्ड नहीं बना है। एसडीएम गोला युगांतर त्रिपाठी के नेतृत्व में ग्राम प्रधान के माध्यम से तीनों बच्चों के लिए खाना और देखभाल की व्यवस्था करवाई।
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एसडीएम युगांतर त्रिपाठी ने बताया कि तीनों बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।