फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   thousands of Tesu trees in Lakhimpur Kheri forests

Lakhimpur Kheri: टेसू के फूलों से जंगलों में बिखरी लालिमा, यूपी का राज्य पुष्प औषधीय गुणों से है भरपूर

Sat, 04 Mar 2023 12:12 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 04 Mar 2023 12:12 AM IST
सार

पलाश यानी टेसू के पेड़ और फूल औषधीय गुणों से भरपूर हैं। इसके पत्ते शुद्धता के प्रतीक माने जाते हैं। इनके पत्तों से दोना,पत्तल और थालियां बनाई जाती हैं। 

विज्ञापन
thousands of Tesu trees in Lakhimpur Kheri forests
टेसू के फूल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

समय के साथ ही तीज-त्योहारों के तरीके बदलते जा रहे हैं। पहले टेसू के फूलों से खेली जाने वाली होली आज हर्बल रासायनिक रंगों से रंगीन है। बसंत ऋतु कामदेव की ऋतु है। टेसू बसंत का श्रृंगार है। लखीमपुर खीरी के जंगलों में टेसू के हजारों पेड़ हैं। फाल्गुन की पूर्णिमा आते-आते जंगल के अंदर और बाहरी किनारों पर टेसू के फूल इस कदर खिलते हैं कि पूरा जंगल लालिमा से भर उठता है। 

विज्ञापन


हूबहू दीपक की लौ के आकर के कारण अंग्रेज साहित्यकारों टेस के फूल को फ्लेम ऑफ फायर यानि वन ज्योति नाम दिया है। लाल केसरिया रंग के टेसू के फूल बसंत की उद्दयनकारी रूप को प्रदर्षित करते हैं। टेसू को पलाश, परसा, ढाक आदि के नाम से भी जाना जाता है। टेसू के फूल जब पेड़ों से झड़ते हैं तो ऐसे लगते हैं जैसे पेड़ खुद उजुलियों में भर-भरकर धरती मां पर न्योछावर कर रहे हो। इसे देख नीरस मन भी प्रसन्न हो जाता है। पलाश के फूल को राज्य सरकार ने राज्य पुष्प घोषित किया है।

विज्ञापन

पलाश के पत्ते शुद्धता का प्रतीक

पलाश यानी टेसू के पत्ते शुद्धता के प्रतीक माने जाते है। इनके पत्तों से दोना,पत्तल और थालियां बनाई जाती हैं। कहा जाता है कि इनके पत्तल में भोजन करने से चांदी के बर्तन में भोजन करने का लाभ और फल मिलता है। इस शुद्धता के बावजूद टेसू के फूलों को पूजा के कार्यों से दूर रखा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

औषधीय गुणों से भरपूर है टेसू

टेसू की जड़ से लेकर पत्ते, फूल सभी कुछ औषधीय गुणों से भरपूर है। टेसू नपंसुकता, चोट, चर्म रोग, नेत्र ज्योति, मधुमेह, हृदयरोग, थायराइड, कुष्ठ आदि विभिन्न रोगों में बेहद लाभकारी है। 

लखीमपुर खीरी के बांकेगंज कस्बा में आयुर्वेद के जानकार डॉ सुनील कुमार वर्मा और आयुर्वेदिक अस्पताल के डॉ सुदीप तिवारी बताते हैं कि टेसू के फूलों से बने रंग चर्मरोगों के लिए बेहद लाभकारी हैं। उनका कहना है के आज एक बार फिर से टेसू के फूलों से होली खेलने की प्रणाली अपनाने की जरूरत है। होली के बाद मौसम बदलता है। टेसू के फूलों को पानी में उबालकर उसके गुनगुने पानी के अर्क से नहाने पर खसरा, चेचक आदि बीमारियां दूर हो जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed