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नेपाल के चितवन पार्क में एक हफ्ते में तीसरे गैंडे की मौत

Fri, 23 Jul 2021 11:51 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jul 2021 11:51 PM IST
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Third rhinoceros dies in a week in Nepal's Chitwan Park
वनाधिकारियों ने किया आपसी संघर्ष में गैंडे की मौत का दावा
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बीते 11 माह में अब तक 33 गैंडों की हो चुकी है मौत
धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल के प्रमुख चितवन राष्ट्रीय निकुंज पार्क में बृहस्पतिवार को आपसी संघर्ष में एक नर गैंडा की मौत के साथ एक हफ्ते में मरने वाले गैंडों की संख्या तीन हो गई है। पार्क में गैंडों के मरने का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले 11 माह में अब तक कुल 33 गैंडों की मौत हो चुकी है।
पार्क के सूचना अधिकारी लोकेंद्र अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को पार्क के नवलपुर के धुधोरा क्षेत्र में करीब 25-30 वर्ष के नर गैंडा का शव मिला है। आशंका जताई जा रही है कि उक्त गैंडा की मौत आपसी लड़ाई करने के दौरान ही हुई है। गैंडे के सींग और नाखून सुरक्षित हैं। बीते सोमवार को भी पार्क में दो गैंडों के शव पाए गए थे। पिछले 11 माह में कुल 33 गैंडों की मौत हो चुकी है। जिसमें 29 गैंडों की प्राकृतिक कारणों व चार गैंडों की शिकारियों द्वारा शिकार करने से मौतें हुईं हैं।
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उधर, पार्क क्षेत्र में गैंडों और वन्यजीवों की सुरक्षा संरक्षण के लिये योजना बनाकर वन तथा वातावरण मंत्रालय ने संसदीय टोली का गठन कर पार्क में भेजा है, जो छानबीन कर रही है। गैंडों की सुरक्षा को लेकर वन्यजीवों के सुरक्षा संरक्षण में सुरक्षा के लिये पुलिस, अनुसंधान विभाग, खुफिया विभाग के साथ ही स्थानीय लोगों से भी सहयोग लिया जा रहा है।
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गैंडों की लगातार मौतों से पार्क प्रशासन परेशान
धनगढ़ी (नेपाल)। गैंडों की लगातार हो रही मौतों से पार्क प्रशासन परेशान है। नेपाल में जनवरी 2021 में हुई गणना के अनुसार कुल 752 गैंडा थे, जिसमें चितवन पार्क में ही अकेले 694 गैंडा पाए गए थे। पार्क संरक्षण विभाग के उपसचिव विष्णु प्रसाद श्रेष्ठ ने बताया कि कई वर्षों से बराबर हो रही गैंडों की मौत के बाद अध्ययन किया गया है। पार्क क्षेत्र में 60 स्थानों का जल परीक्षण हुआ, लेकिन मौतों का खुलासा नहीं हो पाया। भारत में भी जेएसआई सेंटर को टेस्ट के लिए भेजा गया, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। पार्क के प्रमुख संरक्षण अधिकृत वेद कुमार ढकाल ने बताया कि गैंडों के खाने योग्य माइकेनिया और थार्पेनियम नामक घास होती है जिसे वह चाव से खाते हैं। पार्क के भीतर घास मैदान घट गए हैं। स्थापना के समय जहां 30 हजार हेक्टेअर घास के मैदान थे जो अब घटकर 10 हजार हेक्टेअर ही बचें हैं। संवाद

पिछले दस वर्षों में गैंडों की मौत का आंकड़ा
पिछले दस वर्षों में चितवन राष्ट्रीय निकुंज पार्क में 215 गैंडों की मौत हुई है। जिसमें 2010 में 21, 2011 में 16, 2012 में 10, 2013 में 10, 2014 में नौ, 2015 में 14, 2016 में 25, 2017 में 31, 2019 में 45 और 2020 में अब तक 33 गैंडों की मौत मिलाकर कुल 214 गैंडें मर चुके हैं।
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