लखीमपुर खीरी: दो दिनों में तीसरी बार पलटी नाव, एक की मौत, दो बच्चे और एक महिला लापता
नौवापुर गांव से कुछ लोग नाव पर सवार होकर नकहा बाजार जा रहे थे। इसी दौरान तेज बहाव की वजह से उनकी नाव पुल से टकराकर पलट गई।
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जिले में नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बृहस्पतिवार को नकहा ब्लॉक के नौवापुर गांव के पास उल्ल नदी में 25 लोगों से भरी नाव पलटने से एक की मौत हो गई है, जबकि दो बच्चे और एक महिला लापता है। 21 लोगों को बचा लिया गया है। वहीं धौरहरा के समदहा गांव के तटबंध टूटने के कगार पर है। गांव में पानी बढ़ता जा रहा है। राहत बचाव कार्य में तहसील प्रशासन के हाथ पांव फूले हुए हैं।
बुधवार को धौरहरा में दो जगह नाव पलटी थीं, जिसमें एक की मौत हो गई थी, जबकि 23 लोग बचा लिए गए। आठ लोग अब भी लापता हैं, जिनमें एक ही परिवार के पांच लोग शामिल हैं।
शुक्रवार को पलिया शारदा पुल पर शारदा का जलस्तर 155.390 मीटर, शारदानगर शारदा बैराज पर 136.30 मीटर और गिरिजा बैराज पर घाघरा नदी का जलस्तर 136.25 मीटर रिकार्ड किया गया। जिले में बाढ़ से निघासन, पलिया, धौरहरा तहसीलें पूरी तरह प्रभावित हैं, जबकि गोला और सदर तहसील आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं।
उधर भारत नेपाल सीमा पर बहने वाली मोहाना और कर्णाली नदियां भी उफनाई हुई हैं। इससे लगभग 20 गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। सदर तहसील के ही फूलबेहड़ थाना क्षेत्र में जंगपुर के पास शारदा मिल पुरवा बांध भी पानी का दबाव नहीं झेल पा रहा है। उसके भी टूटने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौके पर ट्रॉली से बालू, मिट्टी पॉली बैग भेजे गए हैं। गोला तहसील के बिजुआ इलाके में बझेड़ा गांव के पास तटबंध कट गया है।
उधर, पलिया और गोला तहसील के भानपुर में 50 लोगों के बाढ़ में फंसे होने की सूचना मिली है। इनमें से अभी तक सिर्फ तीन लोगों को रेस्क्यू किया गया है। गोला क्षेत्र के बेलहा सिकटिया क्षेत्र में एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर नदी में फंसे आठ लोगों और छह मवेशियों को मोटर बोट के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।