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Lakhimpur Kheri News: घर से निकले थे खेलने, खेल में जीत गई मौत
Sat, 20 Jun 2026 11:24 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 20 Jun 2026 11:24 PM IST
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हिंमाशु गुप्ता
धौरहरा। शारदा नगर कस्बे के दो मासूम दोस्त शुक्रवार शाम खेलने के लिए घर से निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह खेल उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। शारदा नहर में डूबने से 14 वर्षीय हिमांशु गुप्ता और 11 वर्षीय रूद्र अवस्थी की मौत से पूरे कस्बे में शोक की लहर है।
शारदा नगर निवासी कोटेदार कृष्ण कुमार गुप्ता का पुत्र हिमांशु और किसान अनुज अवस्थी का पुत्र रूद्र पड़ोसी होने के साथ-साथ मित्र भी थे। परिजनों के मुताबिक, दोनों शुक्रवार शाम करीब चार बजे घर से खेलने की बात कहकर निकले थे। खेलते-खेलते वे शारदा नहर किनारे पहुंच गए। दोनों ने अपनी साइकिलें बालू के ढेर के पास खड़ी कर दीं और नहर के पानी में उतर गए।
परिजनों का कहना है कि बच्चों को अंदाजा नहीं था कि नहर में पानी काफी गहरा है और उसका बहाव भी तेज है। देखते ही देखते दोनों संतुलन खो बैठे और बहाव में समा गए। देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की तो उनकी साइकिलें नहर किनारे मिलीं। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से खोजबीन शुरू हुई। काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों के शव घटना से 11 किलोमीटर दूर दूसरे दिन शनिवार को मिले।
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हिमांशु के पिता कृष्ण कुमार गुप्ता ने बिलखते हुए कहा कि बच्चे तो खेल में जीतकर मेडल और ट्रॉफी लेकर घर लौटते हैं, लेकिन मेरे बच्चों के सामने इस खेल में मौत जीत गई। यह कहते हुए वह फफक पड़े। उनके शब्द सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
दोनों मासूमों की असमय मौत से परिवारों में कोहराम मचा है। पूरे कस्बे में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है।
एक सप्ताह पहले ही नहर में छोड़ा गया था पानी
-शारदा नहर की सिल्ट सफाई का काम पूरा होने के बाद करीब एक सप्ताह पहले ही नहर में पानी छोड़ा गया था। इससे पहले बच्चे पानी न होने से नहर के अंदर खेलने चले जाते थे। ग्रामीणों के मुताबिक, शायद बच्चे इसी धोखे में कम पानी समझ नहर में उतरे और बह गए।
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शारदा नगर निवासी कोटेदार कृष्ण कुमार गुप्ता का पुत्र हिमांशु और किसान अनुज अवस्थी का पुत्र रूद्र पड़ोसी होने के साथ-साथ मित्र भी थे। परिजनों के मुताबिक, दोनों शुक्रवार शाम करीब चार बजे घर से खेलने की बात कहकर निकले थे। खेलते-खेलते वे शारदा नहर किनारे पहुंच गए। दोनों ने अपनी साइकिलें बालू के ढेर के पास खड़ी कर दीं और नहर के पानी में उतर गए।
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परिजनों का कहना है कि बच्चों को अंदाजा नहीं था कि नहर में पानी काफी गहरा है और उसका बहाव भी तेज है। देखते ही देखते दोनों संतुलन खो बैठे और बहाव में समा गए। देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की तो उनकी साइकिलें नहर किनारे मिलीं। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से खोजबीन शुरू हुई। काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों के शव घटना से 11 किलोमीटर दूर दूसरे दिन शनिवार को मिले।
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हिमांशु के पिता कृष्ण कुमार गुप्ता ने बिलखते हुए कहा कि बच्चे तो खेल में जीतकर मेडल और ट्रॉफी लेकर घर लौटते हैं, लेकिन मेरे बच्चों के सामने इस खेल में मौत जीत गई। यह कहते हुए वह फफक पड़े। उनके शब्द सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
दोनों मासूमों की असमय मौत से परिवारों में कोहराम मचा है। पूरे कस्बे में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है।
एक सप्ताह पहले ही नहर में छोड़ा गया था पानी
-शारदा नहर की सिल्ट सफाई का काम पूरा होने के बाद करीब एक सप्ताह पहले ही नहर में पानी छोड़ा गया था। इससे पहले बच्चे पानी न होने से नहर के अंदर खेलने चले जाते थे। ग्रामीणों के मुताबिक, शायद बच्चे इसी धोखे में कम पानी समझ नहर में उतरे और बह गए।

हिंमाशु गुप्ता

हिंमाशु गुप्ता