{"_id":"c932e59051a3a950e5c21766800f4760","slug":"there-rimjhim-day-disrupted-by-rain-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिनभर हुई रिमझिम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिनभर हुई रिमझिम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 02 Jan 2015 06:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुबह से आसमान में छाए बादल दिन भर में कई बार बरसे। रिमझिम बारिश होने से जन-जीवन शुक्रवार को अस्तव्यस्त रहा। बृहस्पतिवार को हुई बूंदा-बांदी के बाद रात से शुरू हुई रिमझिम बारिश शुक्रवार को दिनभर जारी रही। कई बार बारिश तो कई बार सिर्फ बूंदाबांदी हुई। इससे ठंड में इजाफा हो गया। दिन भर बारिश की झड़ी लगी रहने से बाजारों में सन्नाटा पसरा दिखाई दिया।
रात से हो रही रिमझिम बारिश के चलते शहर की सड़कें कीचड़ से भर गई हैं। फिसलन इतनी ज्यादा हो गई कि कई वाहन फिसल कर दुर्घटनाग्रस्त हो गए। पैदल चलने वाले लोग भी फिसल कर चोटिल हुए। कीचड़ की वजह से लोगों को शहर में इधर-उधर जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। सब्जी और फल मंडी में तो कीचड़ के कारण मंडी के अंदर घुसना तक मुश्किल हो गया।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 15.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 04.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। बारिश होने के कारण शुक्रवार को अलाव भी नहीं जल पाए। इससे मजदूरों और रिक्शाचालकों को ठंड में ठिठुरना पड़ा। बारिश के कारण मजदूरों को काम भी नहीं मिल पाया। यह बारिश गेहूं की फसल के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुई है।
विज्ञापन
पलियाकलां। गुरुवार से खराब हुआ मौसम दूसरे दिन भी यथावत रहा। पूरी रात और दिन भर हुई बूंदाबांदी से सर्दी और बढ़ गई। हल्की बर्फीली हवाओं ने मौसम को और सर्द बना दिया। इसके बावजूद नगर में अभी तक कहीं भी रैन बसेरों की व्यवस्था नहीं की गई। शुक्रवार को भी सूर्य के दर्शन नहीं हुए और सारा दिन बूंदाबांदी होती रही। ठंड के कारण लोग घरों में दुबके रहे। इसका व्यापार पर भी बुरा असर पड़ा है। लोगों के न निकलने से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
मैलानी। गुरुवार रात से हो रही बूंदाबांदी से सर्दी भी बढ़ गई है। मेन मार्केट की क्षतिग्रस्त हो चुकी सड़क पर बारिश से फिसलन बढ़ जाने से लोगों को आवागमन में दिक्कत उठानी पड़ीं। उधर बारिश से गेहूं की फसल को लाभ हुआ है।
बांकेगंज। शुक्रवार सुबह हुई हल्की बारिश से ही बांकेगंज की मेन मार्केट में जलभराव हो गया। इसके चलते दूरदराज गांवों से बाजार आने वाले लोगों को दुकानों के सामने भरे पानी में खड़े होकर दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं की खरीदारी करनी पड़ी।
गेहूं के लिए फायदेमंद, सरसों के लिए नुकसानदेह
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहेल का कहना है कि बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है जबकि आलू और सरसों की फसल के यह नुकसानदायक है।
विज्ञापन
रात से हो रही रिमझिम बारिश के चलते शहर की सड़कें कीचड़ से भर गई हैं। फिसलन इतनी ज्यादा हो गई कि कई वाहन फिसल कर दुर्घटनाग्रस्त हो गए। पैदल चलने वाले लोग भी फिसल कर चोटिल हुए। कीचड़ की वजह से लोगों को शहर में इधर-उधर जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। सब्जी और फल मंडी में तो कीचड़ के कारण मंडी के अंदर घुसना तक मुश्किल हो गया।
विज्ञापन
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 15.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 04.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। बारिश होने के कारण शुक्रवार को अलाव भी नहीं जल पाए। इससे मजदूरों और रिक्शाचालकों को ठंड में ठिठुरना पड़ा। बारिश के कारण मजदूरों को काम भी नहीं मिल पाया। यह बारिश गेहूं की फसल के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुई है।
विज्ञापन
पलियाकलां। गुरुवार से खराब हुआ मौसम दूसरे दिन भी यथावत रहा। पूरी रात और दिन भर हुई बूंदाबांदी से सर्दी और बढ़ गई। हल्की बर्फीली हवाओं ने मौसम को और सर्द बना दिया। इसके बावजूद नगर में अभी तक कहीं भी रैन बसेरों की व्यवस्था नहीं की गई। शुक्रवार को भी सूर्य के दर्शन नहीं हुए और सारा दिन बूंदाबांदी होती रही। ठंड के कारण लोग घरों में दुबके रहे। इसका व्यापार पर भी बुरा असर पड़ा है। लोगों के न निकलने से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
मैलानी। गुरुवार रात से हो रही बूंदाबांदी से सर्दी भी बढ़ गई है। मेन मार्केट की क्षतिग्रस्त हो चुकी सड़क पर बारिश से फिसलन बढ़ जाने से लोगों को आवागमन में दिक्कत उठानी पड़ीं। उधर बारिश से गेहूं की फसल को लाभ हुआ है।
बांकेगंज। शुक्रवार सुबह हुई हल्की बारिश से ही बांकेगंज की मेन मार्केट में जलभराव हो गया। इसके चलते दूरदराज गांवों से बाजार आने वाले लोगों को दुकानों के सामने भरे पानी में खड़े होकर दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं की खरीदारी करनी पड़ी।
गेहूं के लिए फायदेमंद, सरसों के लिए नुकसानदेह
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहेल का कहना है कि बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है जबकि आलू और सरसों की फसल के यह नुकसानदायक है।