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Lakhimpur Kheri News: 30 वर्षों से अधूरे पड़े सुजईकुंडा पुल को बनवाने की बढ़ी मांग
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रंगी लाल राजपूत
धौरहरा। करीब 30 वर्ष पहले धौरहरा और सुजईकुंडा के बीच एक पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। आधे अधूरे निर्माण के बाद यह पुल का कार्य अधर में लटक गया।
हजारों की संख्या में इस रास्ते से लोगों का आवागमन होता है, दर्जनों गांवों को यह रास्ता जोड़ता भी है लेकिन जनप्रतिनिधियों की सुस्ती के कारण दिक्कतों का खामियाजा इलाके के लोगों को उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक वह लोग इसे बनवाने के लिए मांग उठाते रहे और कई बार प्रदर्शन भी किया, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। मजबूरन ग्रामीणों ने खुद कारसेवा कर पुल के किनारे पटाई कर रास्ता बनाया लेकिन यह रास्ता भी हर बार भीषण बाढ़ में बह जाता है।
बरसात के समय हो रहे हादसे
धौरहरा तहसील क्षेत्र के सुजईकुंड़ा पड़ितपुरवा का पुल अब नेताओं के वादों का पुल बन चुका है। तीस वर्षों से यह अधूरा पुल नदी के बीच सफेद हाथी बनकर खड़ा है। धौरहरा को पंडित पुरवा सुजई कुंड़ा, बिंजहा भटपुरवा, हरसिंगपुर सहित 25 गांवों को तहसील मुख्यालय धौरहरा से जोड़ने वाला पुल न बनने से हजारों लोगों को काफी दिक्कत होती है। इस पुल को बनाने के लिए इन गांवों के हजारों ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन कर ज्ञापन भी सौंपा। वहीं इन गांवों से धौरहरा राजकीय इंटर कॉलेज पढ़ने आने वाले छात्रों ने दो वर्ष पूर्व धौरहरा के सिनेमा बाइपास पर हाईवे जाम कर प्रदर्शन भी किया, पर अधिकारियों और नेताओं के आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला। लोगों की समस्या जस की तस बरकरार है। बरसात के समय पानी अधिक होने पर इस जगह कई हादसे भी हो चुके हैं।
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हजारों की संख्या में इस रास्ते से लोगों का आवागमन होता है, दर्जनों गांवों को यह रास्ता जोड़ता भी है लेकिन जनप्रतिनिधियों की सुस्ती के कारण दिक्कतों का खामियाजा इलाके के लोगों को उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक वह लोग इसे बनवाने के लिए मांग उठाते रहे और कई बार प्रदर्शन भी किया, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। मजबूरन ग्रामीणों ने खुद कारसेवा कर पुल के किनारे पटाई कर रास्ता बनाया लेकिन यह रास्ता भी हर बार भीषण बाढ़ में बह जाता है।
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बरसात के समय हो रहे हादसे
धौरहरा तहसील क्षेत्र के सुजईकुंड़ा पड़ितपुरवा का पुल अब नेताओं के वादों का पुल बन चुका है। तीस वर्षों से यह अधूरा पुल नदी के बीच सफेद हाथी बनकर खड़ा है। धौरहरा को पंडित पुरवा सुजई कुंड़ा, बिंजहा भटपुरवा, हरसिंगपुर सहित 25 गांवों को तहसील मुख्यालय धौरहरा से जोड़ने वाला पुल न बनने से हजारों लोगों को काफी दिक्कत होती है। इस पुल को बनाने के लिए इन गांवों के हजारों ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन कर ज्ञापन भी सौंपा। वहीं इन गांवों से धौरहरा राजकीय इंटर कॉलेज पढ़ने आने वाले छात्रों ने दो वर्ष पूर्व धौरहरा के सिनेमा बाइपास पर हाईवे जाम कर प्रदर्शन भी किया, पर अधिकारियों और नेताओं के आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला। लोगों की समस्या जस की तस बरकरार है। बरसात के समय पानी अधिक होने पर इस जगह कई हादसे भी हो चुके हैं।

रंगी लाल राजपूत

रंगी लाल राजपूत

रंगी लाल राजपूत

रंगी लाल राजपूत
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