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तीसरे दिन फिर हुई प्री मानसून की वर्षा, कहीं आफत तो कहीं राहत
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 23 May 2016 10:46 PM IST
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बारिश
- फोटो : अमर उजाला
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- वर्षा में लबालब हुआ शहर, दिक्कत में आए लोग
- मोहल्लों, कॉलोनियों और सड़कों पर हुआ जलभराव
- काली घटाएं छाने से दिन में छा गया अंधेरा
प्री मानसून की तीसरे दिन फिर झमाझम वर्षा हुई। इससे शहर के निचले मोहल्ले कॉलोनियां जलमग्न हो गईं तो मुख्य सड़कों पर भी पानी भरने से राहगीरों को खासी दिक्कत हुई। वर्षा से भीषण गर्मी से निजात मिली तो किसानों ने भी सिंचाई की समस्या से राहत महसूस की तो प्री मानसून की तीसरे दिन फिर वर्षा हुई, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली। पारा एक डिग्री और लुढ़क गया। उधर, बिजली गिरने से तहसील गोला के गांव कुरैली में 15 वर्षीय सचिन की मौत हो गई, जबकि पलिया तहसील इलाके में थारू क्षेत्र चंदनचौकी के गांव सारबोझी निवासी दंपति 55 वर्षीय पाल गोविंद और 50 वर्षीय मुरारादेवी झुलस गईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार शहर में 48 मिलीमीटर वर्षा का अनुमान है।
घरों से उलचते रहे पानी, जलभराव में होकर निकले लोग
सड़कों और दफ्तरों में भी भरा पानी
लखीमपुर में शहर की आवास विकास कॉलोनी, नई बस्ती, महाराजनगर, पंजाबी कॉलोनी, हिदायतनगर, शिव कॉलोनी, ईदगाह, सरबतीदेवी कॉलोनी सहित सभी नई कॉलोनियों में वर्षा से जलभराव हो गया। लोगों के घरों तक में पानी भरने से वे पानी दोपहर तक उलचते रहे तो जिला पंचायत कार्यालय, बस स्टेशन रोड, रेलवे स्टेशन, गढ़ी रोड, बेहजम रोड, जिला अस्पताल सहित कई सरकारी कार्यालयों के प्रांगण में जलभराव से होकर निकलने को लोग मजबूर हुए।
मानसून से पहले खुली नगर पालिका की पोल
मानसून से पहले हुई बारिश ने नगर पालिका प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। सड़कों पर जलभराव और कीचड़ से लोग हलकान हैं। वहीं, मानसून से पूर्व जलभराव से निपटने की पालिका प्रशासन के सभी दावे हवा हवाई साबित हुए हैं। शहर में चल रही बड़े नालों की तलीझाड़ सफाई से भी जलभराव से निजात नहीं दिला सकी है।
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तली झाड़ सफाई का कार्य हो रहा है, लेकिन नई कॉलोनियां काफी निचले इलाके में बनी होने और जलनिकास का पूर्व में बिना प्लान बनाए भवन निर्माण किए जाने से जलभराव की समस्या आ रही है। फिलहाल इस समस्या को दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
- अवनींद्र कुमार, ईओ
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- मोहल्लों, कॉलोनियों और सड़कों पर हुआ जलभराव
- काली घटाएं छाने से दिन में छा गया अंधेरा
प्री मानसून की तीसरे दिन फिर झमाझम वर्षा हुई। इससे शहर के निचले मोहल्ले कॉलोनियां जलमग्न हो गईं तो मुख्य सड़कों पर भी पानी भरने से राहगीरों को खासी दिक्कत हुई। वर्षा से भीषण गर्मी से निजात मिली तो किसानों ने भी सिंचाई की समस्या से राहत महसूस की तो प्री मानसून की तीसरे दिन फिर वर्षा हुई, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली। पारा एक डिग्री और लुढ़क गया। उधर, बिजली गिरने से तहसील गोला के गांव कुरैली में 15 वर्षीय सचिन की मौत हो गई, जबकि पलिया तहसील इलाके में थारू क्षेत्र चंदनचौकी के गांव सारबोझी निवासी दंपति 55 वर्षीय पाल गोविंद और 50 वर्षीय मुरारादेवी झुलस गईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार शहर में 48 मिलीमीटर वर्षा का अनुमान है।
घरों से उलचते रहे पानी, जलभराव में होकर निकले लोग
सड़कों और दफ्तरों में भी भरा पानी
लखीमपुर में शहर की आवास विकास कॉलोनी, नई बस्ती, महाराजनगर, पंजाबी कॉलोनी, हिदायतनगर, शिव कॉलोनी, ईदगाह, सरबतीदेवी कॉलोनी सहित सभी नई कॉलोनियों में वर्षा से जलभराव हो गया। लोगों के घरों तक में पानी भरने से वे पानी दोपहर तक उलचते रहे तो जिला पंचायत कार्यालय, बस स्टेशन रोड, रेलवे स्टेशन, गढ़ी रोड, बेहजम रोड, जिला अस्पताल सहित कई सरकारी कार्यालयों के प्रांगण में जलभराव से होकर निकलने को लोग मजबूर हुए।
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मानसून से पहले खुली नगर पालिका की पोल
मानसून से पहले हुई बारिश ने नगर पालिका प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। सड़कों पर जलभराव और कीचड़ से लोग हलकान हैं। वहीं, मानसून से पूर्व जलभराव से निपटने की पालिका प्रशासन के सभी दावे हवा हवाई साबित हुए हैं। शहर में चल रही बड़े नालों की तलीझाड़ सफाई से भी जलभराव से निजात नहीं दिला सकी है।
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तली झाड़ सफाई का कार्य हो रहा है, लेकिन नई कॉलोनियां काफी निचले इलाके में बनी होने और जलनिकास का पूर्व में बिना प्लान बनाए भवन निर्माण किए जाने से जलभराव की समस्या आ रही है। फिलहाल इस समस्या को दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
- अवनींद्र कुमार, ईओ