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महिलाओं ने वोटिंग में दिखाया बराबरी का दम

Fri, 17 Feb 2017 11:18 PM IST
अशोक निगम लखीमपुर खीरी। 
अशोक निगम लखीमपुर खीरी।  Updated Fri, 17 Feb 2017 11:18 PM IST
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The women showed equal voting Dum
Lady - फोटो : अमर उजाला
पलिया और मोहम्मदी में तो महिलाएं पुरुषों से आगे निकल गई
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विधानसभा चुनाव के मतदान में इस बार महिलाओं ने गजब का जोश दिखाया है। कुल 68.47 फीसदी मतदान में महिलाओं का योगदान 67.72 फीसदी रहा है। यह पुरुषों की वोटिंग से महज 0.68 फीसदी कम है। पलिया और निघासन में तो महिलाओं ने पुरुषों को भी पीछे छोड़ दिया है। आम तौर से मतदान में पीछे रहने वाली महिलाओं ने खीरी जिले में कई बार पुरुषों की बराबरी की तो कई बार उन्हें पछाड़ा भी है। 
पलिया विधानसभा क्षेत्र में कुल 67.90 फीसदी मतदान हुआ। इसमें पुरुषों का मतदान प्रतिशत 66.82 फीसदी रहा है तो महिलाओं ने पुरुषों को पछाड़ते 69.15 फीसदी मतदान किया। इसी तरह निघासन में कुल 67.72 फीसदी मतदान हुआ है। यहां पुरुष मतदान प्रतिशत 67.23 रहा जबकि 68.30 फीसदी महिलाओं ने मतदान कर पुरुषों को पीछे छोड़ दिया। मोहम्मदी में भले ही मामूली अंतर रहा हो लेकिन यहां की महिलाएं मतदान में पुरुषों से आगे रही हैं। जबकि पिछले चुनाव में इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों की महिलाएं पुरुषों से काफी पीछे रहीं थी। 
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धौरहरा विधानसभा क्षेत्र की महिलाएं मतदान में सबसे पीछे रहीं। यहां के कुल मतदान 68.56 फीसदी मतदान में महिलाओं की भागीदारी सिर्फ 65.48 फीसदी रही जबकि 71.18 फीसदी पुरुषों ने वोट डाले हैं। 2012 के चुनाव के दौरान सभी विधानसभा क्षेत्रों में महिलाएं मतदान में पीछे रहीं थीं। उस बार भी धौरहरा की महिलाएं सबसे फिसड्डी साबित हुई थीं। धौरहरा विधानसभा क्षेत्र के गणेशपुर गांव की महिलाएं वोट ही नहीं डालतीं। इस बार भी गणेशपुर गांव की 1468 महिला मतदाताओं में सिर्फ सात महिलाओं ने ही वोट डाले, वह भी सरकारी कर्मियों ने।
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1985  में महिलाएं रहीं थीं पुरुषों से आगे
जिले के चुनावी इतिहास में केवल एक बार ऐसा हुआ जब मोहम्मदी को छोड़कर सभी विधानसभा क्षेत्रों में महिलाएं मतदान में पुरुषों से आगे रहीं। 1985 के विधानसभा चुनाव में कुल 39.56 फीसदी मतदान हुआ था। इसमें महिलाओं का मतदान प्रतिशत 43.28 फीसदी रहा था। उस चुनाव में लखीमपुर, निघासन और धौरहरा में तो महिलाओं ने सात फीसदी अधिक मतदान किया था। मोहम्मदी में महिलाएं सिर्फ 2.5 फीसदी वोटों से पिछड़ी थीं। वर्ष 1989 में महिला मतदान सबसे कम 31.77 फीसदी था। उस बार कुल 46.27 फीसदी वोट पड़े थे।

 
विधानसभा चुनाव 2017 में मतदान की स्थिति
विधानसभा.......पुरुष.......महिला......अन्य.........औसत
 
पलिया...........66.82......69.15......14.29........67.90
निघासन.........67.23......68.30......00.00........67.72
गोला.............69.31......67.36......05.26........68.40
श्रीनगर..........73.56.......70.62......00.00........72.20
धौरहरा..........71.56.......65.48......03.85........68.56
लखीमपुर.......65.96.......63.31......11.76........64.72
कस्ता...........70.65........69.32......07.69........70.03
मोहम्मदी.......69.41.......69.47.......00.00........69.47
 
योग...........69.13.........67.72.......05.66........68.47
 
     
पिछले दस चुनाव में महिलाओं के मतदान की स्थिति
वर्ष       कुल मतदान   महिला मतदान

1980..........41.72...........41.68
1985..........39.56...........43.28
1989..........46.27...........31.77
1991..........48.69...........48.33
1993..........54.88...........49.77
1996..........62.53...........50.65
2002..........58.79...........49.57
2007..........47.61...........38.16
2012..........64.71...........60.82
2017..........68.47...........67.72
 
केवल छह किन्नरों ने किया मतदान 
जिले में कुल 106 किन्नर मतदाता है। इनमें से 06 किन्नरों ने अपने वोट डाले। जो थर्ड जेंडर के 106 वोटरों का महज 5.66 फीसदी है। साफ जाहिर है कि किन्नरों ने मतदान में रुचि नहीं दिखाई जबकि लखीमपुर सदर से एक किन्नर प्रत्याशी भी मैदान में हैं।
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