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दिल्ली से चलता है पूरा सिस्टम, लखनऊ से जारी होते हैं निर्देशः टिकैत

Mon, 03 Oct 2022 01:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2022 01:15 AM IST
सार

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी भी हत्या के दोषी हैं।संयुक्त किसान मोर्चा ने इसकी पूरी तैयारियां की हैं।तिकुनिया के कार्यक्रम स्थल के अलावा विभिन्न जिलों में भी इसके लेकर गंभीरता दिखाई जा रही है।

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The whole system runs from Delhi, instructions are issued from Lucknow
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कस्बे में हाथीपुर गुरुद्वारा में मीडिया से बात करते भारतीय किसान यूनियन - फोटो : LAKHIMPUR

विस्तार

लखीमपुर खीरी। पूरा सिस्टम दिल्ली से चलता है। लखनऊ से निर्देश जारी होते हैं। अधिकारी सरकार की भाषा बोलते हैं। तिकुनिया हिंसा में आठ लोग मारे गए। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी भी हत्या के दोषी हैं। अब तक वह पद पर बने हुए हैं। सरकार ने पीड़ित किसानों के लिए कुछ नहीं किया। हमारी मांग है कि दोषियों को सजा हो। यह कहना है भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत का।
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तिकुनिया में 03 अक्तूबर 2021 को हुई हिंसा में मारे गए चार किसानों समेत आठ लोगों बरसी में शामिल होने भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) प्रवक्ता कार्यक्रम से एक दिन पहले रविवार की रात लखीमपुरखीरी के हाथीपुर गुरुद्वारा पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि तिकुनिया हिंसा को एक साल हो गया है, जिसे पूरी दुनिया ने देखा। इस तरह की घटनाएं पिक्चर में होती है। रियल लाइफ में ऐसी घटनाएं नहीं होती हैं। जानबूझकर पांच लोगों को मारा गया, उससे जो हिंसा भड़की उसमें तीन और लोग मारे गए। गांधी जयंती के मद्देनजर उन्होंने कहा कि यह तो शांति का सप्ताह चल रहा है। इसमें क्रांति हो तो याद किया ही जाएगा। रविवार को पूरे देश में लोग विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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राकेश टिकैत ने कहा कि पीड़ित किसानों को अभी तक न्याय नहीं मिला है। बेईमान सरकार है, जो संविधान को नहीं मानती है। अपनी सत्ता और ताकत का दुरुपयोग करती है। पिछले महीने 50 हजार लोग यहां आए लेकिन अभी तक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से बात नहीं कराई है। उन्होंने बताया कि सोमवार को वह निघासन क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म के बाद दो बेटियों के गंवाने वाले पीड़ित परिवार से मिलेंगे।
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कौड़ियाला गुरुद्वारा में बरसी मनाए जाने की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। भाकियू के यूपी उत्तराखंड के प्रभारी बलजिंदर सिंह मान, जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह समेत बाहर से आए किसानों ने गुरुद्वारा में शरण ली है। इस दौरान कार सेवकों का गुरुद्वारे में आना शुरू हो गया है। कौड़ियाला गुरुद्वारा के बाबा जत्थेदार बाबा काला सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा कौड़ियाला के बने दीवान हाल में बरसी कार्यक्रम संपन्न होगा।
क्षेत्रीय किसानों सहित किसान नेताओं का भी आगमन होगा। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष दिलबाग सिंह ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के सभी घटक दल प्रमुख रूप से शामिल होंगे। सभा के बाद पीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को देने की तैयारी है। इसमें मंत्री टेनी की बर्खास्तगी और समझौते के बावजूद कोई मांग न पूरी होने की बात को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।

जिलों में भी विरोध करेंगे किसान, पुलिस-प्रशासन अलर्ट
एक साल पूर्व तिकुनिया में हुई हिंसा को लेकर जिलों में भी किसान विरोध दर्ज कराएंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने इसकी पूरी तैयारियां की हैं। गांव गांव किसानों ने इसके लिए संपर्क किया है। जिलों और तहसील पर भी किसान काली पट्टी बांधकर केंदीय गृह राज्यमंत्री और उनके बेटे का पुतला फूंकेंगे। इस पंचायत और विरोध पर सरकारी तंत्र की पैनी निगाह लगी है। तिकुनिया के कार्यक्रम स्थल के अलावा विभिन्न जिलों में भी इसके लेकर गंभीरता दिखाई जा रही है। खास तौर पर लखीमपुर खीरी व आसपास के जिलों में निर्देश दिए गए हैं कि व्यवस्था ठीक रखी जाए। खास तौर से यातायात व्यवस्था दुरुस्त रहे।
तिकुनिया कांड में अब तक
25 सितंबर- संपूर्णानगर में मंत्री टेनी के कार्यक्रम के दौरान किसानों ने टेनी को काले झंडे दिखाए।
25 सितंबर- कार्यक्रम के दौरान किसानों के लिए टेनी ने कहा- सुधर जाओ, वरना सुधार देंगे।
26 सितंबर- दो नामजद किसानों समेत 40-45 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज हुआ।
3 अक्तूबर- डिप्टी सीएम के कार्यक्रम की खबर पर तिकुनिया में किसान जुटने शुरू हुए।
3 अक्तूबर- तिकुनिया हिंसा में हुए खूनी संघर्ष में चार किसान समेत आठ लोगों की मौत, देर रात रिपोर्ट दर्ज।
7 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया
7 अक्तूबर को पहली गिरफ्तारी हुई, लवकुश और आशीष पांडे गिरफ्तार।
9 अक्तूबर- आशीष मिश्र क्राइम ब्रांच में पेश हुए, देर रात गिरफ्तार।
12 अक्तूबर-पत्रकारों और किसानों की आत्मा की शांति के लिए तिकुनिया में अंतिम अरदास हुई।
13 अक्तूबर- अंकित दास और गनर लतीफ ने सरेंडर किया।
15 अक्तूबर- अंकित दास के लखनऊ के फ्लैट से असलहे बरामद।
18 अक्तूबर-सुमित जायसवाल समेत चार गिरफ्तार।
19 अक्तूबर- घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो बरामद।
13 दिसम्बर- जांच टीम ने अदालत में हादसे की धारा हटाकर जान बूझकर हत्या करने की धारा बढ़ाने की अर्जी दी।
14 दिसंबर- सभी आरोपियों पर जांच टीम ने हत्या व हत्या की कोशिश की धारा बढ़ाई।
20 दिसम्बर- आशीष मिश्र समेत छह की जमानत अर्जी खारिज।
3 जनवरी- एसआईटी ने सीजेएम अदालत में चार्जशीट दायर की।
15 फरवरी को जेल से आशीष मिश्र की रिहाई हुई।
14 मार्च को आशीष की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी।
18 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्र की जमानत रद्द की।
24 अप्रैल को आशीष मिश्र ने सरेंडर किया और वापस जेल पहुंचे।
18 से 19 अगस्त के बीच राकेश टिकैत के नेतृत्व में राजापुर मंडी में किसान महापंचायत हुई।
6 सितंबर को अंकित दास को भी 15 दिन का मेडिकल पैरोल मिली।
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