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मौसम ने फिर बदली करवट, सर्द हवाओं से ठिठुरे लोग
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 28 Dec 2016 11:31 PM IST
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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तराई में शीतलहर का प्रकोप, जनजीवन अस्तव्यस्त
दिन भर छाया रहा घना कोहरा, धूप को तरस गए लोग
दिसंबर के जाते-जाते मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। पिछले एक सप्ताह से मौसम खुशनुमा रहने के बाद बुधवार को कोहरे ने फिर जिले पर अपनी सुरमई चादर फैला दी। सर्द हवाएं चलने से एक बार फिर शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया और पूरे जिले में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। ठंड के कारण लोग रजाइयों में दुबक गए। बीमारों, बुजुर्गों पर यह ठंड भारी पड़ने लगी है। बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत हुई।
बुधवार को सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। कोहरा इतना घना था कि लोगों को अपने वाहनों की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई। बसें रेंग-रेंग कर चलती दिखाई दीं। लोग अपने गंतव्य पर देर से पहुंच पाए। बच्चों को साइकिल और रिक्शों से स्कूल जाने में दिक्कत हुई।
बुधवार को सुबह से सर्द हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 22.00 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह शीतलहर बीमारों और बुजुर्गों पर तो भारी पड़ ही रही है। दैनिक मजदूर और रिक्शा चालक दिन भर अलाव के सहारे ठंड से बचाव करते दिखे।
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गोला गोकर्णनाथ। बुधवार का दिन कोहरे की चादर में लिपटा रहा। लोगों ने आग तापकर रजाई में दुबककर दिन गुजारा। मार्ग पर निकलने वाले वाहनों को दिन में लाइट जलाकर चलना पड़ा। नगर में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलते रहे।
ममरी। बुधवार सवेरे आसमान में घना कोहरा छाया रहने, सर्द हवाओं के चलने से शीत लहर का प्रकोप जारी रहा। सड़कों पर वाहनों की गति धीमी रही।
बांकेगंज। मौसम में अचानक बदलाव के बाद चली पुरवा हवाओं से आसमान में सारे दिन बदली छाई रही। पूरे दिन सूरज कोहरे की ओट में रहा। लोगों ने अलाव के पास बैठ कर राहत महसूस की।
ठंड में ठिठुर रहे बाढ़ कटान विस्थापित और किसान
ईसानगर। बाढ़ और कटान से विस्थापित होकर सड़कों और तटबंध के किनारे डेरा डालकर खुले आसमान के नीचे रह रहे लोगों के लिए यह ठंड काफी दिक्कत पैदा कर रही है। उनके पास न सिर पर छत है न पहनने को कपड़े और न ओढ़ने बिछाने को बिस्तर। ऐसे में वह झिल्ली, तिरपाल के नीचे अलाव तापकर किसी तरह अपने दिन गुजारने को मजबूर हो रहे हैं। खमरिया स्थित गोविंद शुगर मिल में गन्ना सप्लाई करने आए किसानों को भी मिल यार्ड में इस कड़ाके की ठंड में खुल आसमान के नीचे रातें गुजारनी पड़ रही हैं।
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दिन भर छाया रहा घना कोहरा, धूप को तरस गए लोग
दिसंबर के जाते-जाते मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। पिछले एक सप्ताह से मौसम खुशनुमा रहने के बाद बुधवार को कोहरे ने फिर जिले पर अपनी सुरमई चादर फैला दी। सर्द हवाएं चलने से एक बार फिर शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया और पूरे जिले में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। ठंड के कारण लोग रजाइयों में दुबक गए। बीमारों, बुजुर्गों पर यह ठंड भारी पड़ने लगी है। बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत हुई।
बुधवार को सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। कोहरा इतना घना था कि लोगों को अपने वाहनों की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई। बसें रेंग-रेंग कर चलती दिखाई दीं। लोग अपने गंतव्य पर देर से पहुंच पाए। बच्चों को साइकिल और रिक्शों से स्कूल जाने में दिक्कत हुई।
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बुधवार को सुबह से सर्द हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 22.00 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह शीतलहर बीमारों और बुजुर्गों पर तो भारी पड़ ही रही है। दैनिक मजदूर और रिक्शा चालक दिन भर अलाव के सहारे ठंड से बचाव करते दिखे।
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गोला गोकर्णनाथ। बुधवार का दिन कोहरे की चादर में लिपटा रहा। लोगों ने आग तापकर रजाई में दुबककर दिन गुजारा। मार्ग पर निकलने वाले वाहनों को दिन में लाइट जलाकर चलना पड़ा। नगर में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलते रहे।
ममरी। बुधवार सवेरे आसमान में घना कोहरा छाया रहने, सर्द हवाओं के चलने से शीत लहर का प्रकोप जारी रहा। सड़कों पर वाहनों की गति धीमी रही।
बांकेगंज। मौसम में अचानक बदलाव के बाद चली पुरवा हवाओं से आसमान में सारे दिन बदली छाई रही। पूरे दिन सूरज कोहरे की ओट में रहा। लोगों ने अलाव के पास बैठ कर राहत महसूस की।
ठंड में ठिठुर रहे बाढ़ कटान विस्थापित और किसान
ईसानगर। बाढ़ और कटान से विस्थापित होकर सड़कों और तटबंध के किनारे डेरा डालकर खुले आसमान के नीचे रह रहे लोगों के लिए यह ठंड काफी दिक्कत पैदा कर रही है। उनके पास न सिर पर छत है न पहनने को कपड़े और न ओढ़ने बिछाने को बिस्तर। ऐसे में वह झिल्ली, तिरपाल के नीचे अलाव तापकर किसी तरह अपने दिन गुजारने को मजबूर हो रहे हैं। खमरिया स्थित गोविंद शुगर मिल में गन्ना सप्लाई करने आए किसानों को भी मिल यार्ड में इस कड़ाके की ठंड में खुल आसमान के नीचे रातें गुजारनी पड़ रही हैं।