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गोदाम प्रभारी और ऑडिटर ने मिलकर बेच डाला पौने दो करोड़ का अनाज
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- फोटो : सोशल मीडिया
मामले की जांच करने अधिकारियों का दल बांकेगंज एसएफसी के गोदाम पर पहुंचा
धौरहरा, रमियाबेहड़, ईसानगर, पलिया आदि ब्लॉकों में भी इस तरह के घोटाले की सुगबुगाहट
एसएफसी के बांकेगंज गोदाम से 4700 क्विंटल एमडीएम का अनाज बेचने का मामला
लखीमपुर खीरी। बांकेगंज ब्लॉक स्थित एसएफसी गोदाम से एमडीएम का अनाज हड़पने के मामले में गोदाम प्रभारी और ऑडीटर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। मामले की जांच करने अधिकारियों का एक दल बांकेगंज एसएफसी के गोदाम पर पहुंचा। सूत्रों के मुताबिक धौरहरा, रमियाबेहड़, ईसानगर, निघासन, पलिया में भी जांच करवाने पर ऐसेे घोटाले सामने आ सकते हैं। हालांकि विभागीय अधिकारी डैमेज कंट्रोल में लगे हैं।
कोरोना काल में परिषदीय विद्यालय कई महीने बंद रहे थे, जिससे एसएफसी गोदाम से एमडीएम (मिड डे मील) के अनाज का उठान भी प्रभावित हुआ था। निर्धारित रोस्टर के मुताबिक एमडीएम के अनाज का वितरण अनियमित हुआ, जिससे गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह को एमडीएम के अनाज की हेराफेरी करने का मौका मिल गया। जनवरी, फरवरी और मार्च का एमडीएम स्कूलों को न देकर गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह और ऑडिटर रमाशंकर ने बाजार में बेच दिया। जब कई महीने तक एमडीएम का अनाज स्कूलों को नहीं दिया गया तो बीईओ की रिपोर्ट पर बीएसए ने एसएफसी के जिला प्रबंधक को इसकी सूचना दी। इसके बाद ही 4700 क्विंटल एमडीएम अनाज की कालाबाजारी करने का भंडाफोड़ हुआ।
हालांकि जिला प्रबंधक से लेकर एसएफसी के अन्य कर्मचारी भी इस घोटाले में संलिप्तता को लेकर अधिकारियों के रडार पर हैं। इसकी भनक लगने पर जिला प्रबंधक द्वारा बांकेगंज गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह और ऑडिटर रामशंकर के विरुद्घ मैलानी थाने में एक करोड़ 78 लाख 30 हजार 583 रुपये का घोटाला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अब मामले की जांच में पुलिस जुट गई है तो वहीं एसएफसी के अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।
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यहां बता दें कि अभी एक ब्लॉक में करोड़ों का घोटाला सामने आया है, जबकि जनपद में 15 ब्लॉक मुख्यालयों पर एसएफसी के गोदाम हैं। इसलिए अन्य गोदामों में इस तरह के घोटाले की आशंका जताई जा रही है। क्योंकि घोटाले के इतने बड़े मामले में कार्रवाई करने में अधिकारियों द्वारा टालमटोल भी की गई।
उधर, इस मामले की जांच के लिए बुधवार शाम करीब चार बजे कई अधिकारियों का एक दल बांकेगंज एसएफसी के गोदाम पर पहुंचा। जहां अधिकारी दस्तावेजों की छानबीन करने के बाद यहां से रवाना हो गए।
बांकेगंज कस्बा स्थित एसफसी गोदाम पर एमडीएम योजना में एक करोड़ 78 लाख 30 583.22 रुपयेे घोटाले के मामले में वादी उप्र राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम (एसएफसी) लखीमपुर के प्रबंधक गंगाप्रसाद की तहरीर पर गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह और ऑडिटर राम शंकर के खिलाफ अमानत में खयानत, सरकारी रुपये का गबन और धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
- राजेश कुमार, सीओ गोला
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धौरहरा, रमियाबेहड़, ईसानगर, पलिया आदि ब्लॉकों में भी इस तरह के घोटाले की सुगबुगाहट
एसएफसी के बांकेगंज गोदाम से 4700 क्विंटल एमडीएम का अनाज बेचने का मामला
लखीमपुर खीरी। बांकेगंज ब्लॉक स्थित एसएफसी गोदाम से एमडीएम का अनाज हड़पने के मामले में गोदाम प्रभारी और ऑडीटर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। मामले की जांच करने अधिकारियों का एक दल बांकेगंज एसएफसी के गोदाम पर पहुंचा। सूत्रों के मुताबिक धौरहरा, रमियाबेहड़, ईसानगर, निघासन, पलिया में भी जांच करवाने पर ऐसेे घोटाले सामने आ सकते हैं। हालांकि विभागीय अधिकारी डैमेज कंट्रोल में लगे हैं।
कोरोना काल में परिषदीय विद्यालय कई महीने बंद रहे थे, जिससे एसएफसी गोदाम से एमडीएम (मिड डे मील) के अनाज का उठान भी प्रभावित हुआ था। निर्धारित रोस्टर के मुताबिक एमडीएम के अनाज का वितरण अनियमित हुआ, जिससे गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह को एमडीएम के अनाज की हेराफेरी करने का मौका मिल गया। जनवरी, फरवरी और मार्च का एमडीएम स्कूलों को न देकर गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह और ऑडिटर रमाशंकर ने बाजार में बेच दिया। जब कई महीने तक एमडीएम का अनाज स्कूलों को नहीं दिया गया तो बीईओ की रिपोर्ट पर बीएसए ने एसएफसी के जिला प्रबंधक को इसकी सूचना दी। इसके बाद ही 4700 क्विंटल एमडीएम अनाज की कालाबाजारी करने का भंडाफोड़ हुआ।
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हालांकि जिला प्रबंधक से लेकर एसएफसी के अन्य कर्मचारी भी इस घोटाले में संलिप्तता को लेकर अधिकारियों के रडार पर हैं। इसकी भनक लगने पर जिला प्रबंधक द्वारा बांकेगंज गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह और ऑडिटर रामशंकर के विरुद्घ मैलानी थाने में एक करोड़ 78 लाख 30 हजार 583 रुपये का घोटाला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अब मामले की जांच में पुलिस जुट गई है तो वहीं एसएफसी के अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।
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यहां बता दें कि अभी एक ब्लॉक में करोड़ों का घोटाला सामने आया है, जबकि जनपद में 15 ब्लॉक मुख्यालयों पर एसएफसी के गोदाम हैं। इसलिए अन्य गोदामों में इस तरह के घोटाले की आशंका जताई जा रही है। क्योंकि घोटाले के इतने बड़े मामले में कार्रवाई करने में अधिकारियों द्वारा टालमटोल भी की गई।
उधर, इस मामले की जांच के लिए बुधवार शाम करीब चार बजे कई अधिकारियों का एक दल बांकेगंज एसएफसी के गोदाम पर पहुंचा। जहां अधिकारी दस्तावेजों की छानबीन करने के बाद यहां से रवाना हो गए।
बांकेगंज कस्बा स्थित एसफसी गोदाम पर एमडीएम योजना में एक करोड़ 78 लाख 30 583.22 रुपयेे घोटाले के मामले में वादी उप्र राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम (एसएफसी) लखीमपुर के प्रबंधक गंगाप्रसाद की तहरीर पर गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह और ऑडिटर राम शंकर के खिलाफ अमानत में खयानत, सरकारी रुपये का गबन और धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
- राजेश कुमार, सीओ गोला