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Lakhimpur Kheri News: गोदाम प्रभारी ने भाई के साथ मिलकर किया था मिड्डे मील घोटाला
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लखीमपुर खीरी। एक साल पहले ब्लॉक बांकेगंज में हुए एमडीएम घोटाले में क्राइम ब्रांच अहम मोड़ पर पहुंच गई है। अभी तक के दर्ज किए गए कोटेदारों और दो जांच कमेटियों के बयानों के बाद जो तथ्य सामने आएं हैं, उनमें गोदाम प्रभारी के अलावा उसके एक भाई की मिलीभगत होने के सबूत मिले हैं। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, कुछ ही दिनों में जांच पूरी होने के बाद गिरफ्तारी शुरू कर दी जाएंगी।
जानकारी के मुताबिक, मामला वर्ष 2022 का है। बांकेगंज ब्लॉक में एमडीएम योजना का तीन महीने का खाद्यान्न कोटेदारों को न देकर गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर बाजार में बेच दिया था। यह अनाज करीब एक करोड़ मूल्य का था। ब्लॉक के 134 स्कूलों में एमडीएम का खाद्यान्न न पहुंचने की खबर के बाद तत्कालीन बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पाण्डेय ने डीएम को अवगत कराया था। जांच के दौरान गोदाम प्रभारी की मिलीभगत सामने आई थी। बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर थाना मैलानी में गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
क्राइम ब्रांच लगातार कोटेदारों से संपर्क करते हुए उनके बयान दर्ज कर रही है। अभी तक 35 से ज्यादा कोटेदारों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 83 के करने हैं। इतना ही नहीं दो जांच कमेटी के सदस्यों के बयान लिए जा चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, कोटेदारों और जांच कमेटी के बयानों में गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह के अलावा उसका भाई रमेश कुमार सिंह की पूरे मामले में शामिल होना बताया जा रहा है। क्राइम ब्रांच का दावा है कि कुछ ही दिनों में सभी के बयान दर्ज करते हुए गिरफ्तारी शुरू की जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक, मामला वर्ष 2022 का है। बांकेगंज ब्लॉक में एमडीएम योजना का तीन महीने का खाद्यान्न कोटेदारों को न देकर गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर बाजार में बेच दिया था। यह अनाज करीब एक करोड़ मूल्य का था। ब्लॉक के 134 स्कूलों में एमडीएम का खाद्यान्न न पहुंचने की खबर के बाद तत्कालीन बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पाण्डेय ने डीएम को अवगत कराया था। जांच के दौरान गोदाम प्रभारी की मिलीभगत सामने आई थी। बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर थाना मैलानी में गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
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क्राइम ब्रांच लगातार कोटेदारों से संपर्क करते हुए उनके बयान दर्ज कर रही है। अभी तक 35 से ज्यादा कोटेदारों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 83 के करने हैं। इतना ही नहीं दो जांच कमेटी के सदस्यों के बयान लिए जा चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, कोटेदारों और जांच कमेटी के बयानों में गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह के अलावा उसका भाई रमेश कुमार सिंह की पूरे मामले में शामिल होना बताया जा रहा है। क्राइम ब्रांच का दावा है कि कुछ ही दिनों में सभी के बयान दर्ज करते हुए गिरफ्तारी शुरू की जाएगी।
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