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ब्लड शुगर जांचने की दी गई ट्रेनिंग
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:36 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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पीएचसी के फार्मेसिस्ट एलटी और एनसीडी की एएनएम रहीं मौजूद
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को हुआ समापन
एएनएम ट्रेनिंग सेंटर पर चल रहे तीन दिवसीय ब्लड शुगर जांचने की ट्रेनिंग कार्यक्रम बुधवार को समाप्त हुआ। इस दौरान खाली पेट और खाना खाने के बाद ब्लड शुगर मापने तथा शरीर में लो और हाई शुगर की पहचान करने की जानकारी फार्मेसिस्ट, लैब टैक्नीशियन और एनसीडी कार्यक्रम की एएनएम को दी गई।
एनसीडी के नोडल प्रभारी एवं एसीएमओ डॉ.रवींद्र शर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान मौजूद पीएचसी के फार्मेसिस्ट और एनसीडी की एएनएम को बताया कि तीस साल से अधिक उम्र के सभी लोगों में ब्लड शुगर की जांच के लिए ग्लूकोमीटर और ग्लूकोस्ट्रिप सभी स्वास्थ्य केंद्र और उपकेंद्र पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। ट्रेनर अमित गौतम ने कहा कि ग्लूकोमीटर पूरी तरह ऑटोमैटिक मशीन है इसे न तो ऑन करने जरूरत है और न ही ऑफ करने की। उन्होंने बताया कि ग्लूकोस्ट्रिप लगाते ही ग्लूकोमीटर मशीन ऑन हो जाएगी और इसे निकालते ही स्वत: ऑफ हो जाएगी। ट्रेनर ने कहा कि शुगर की जांच दो बार में होनी है, पहले खाली पेट और दूसरी बार खाना खाने केे बाद। उन्होंने कहा कि खाली पेट के दौरान 70 से 110 और खाना खाने के बाद 90 से 160 होनी चाहिए, खाली पेट यदि 70 से कम है तो इसे लो शुगर और खाना खाने के बाद 160 से अधिक होने पर हाई शुगर की पहचान होती है। उन्होंने कहा कि हाई और लो शुगर की पहचान होने के बाद इसकी जानकारी चिकित्साधिकारी को दे, जिससे तत्काल इलाज शुरू करके उसे शुगर के रोग से बचाया जा सके। इस दौरान एनसीडी के डॉ. राकेश गुप्ता, एएनएम, फार्मेसिस्ट और लैब टैक्नीशियन मौजूद रहे।
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तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को हुआ समापन
एएनएम ट्रेनिंग सेंटर पर चल रहे तीन दिवसीय ब्लड शुगर जांचने की ट्रेनिंग कार्यक्रम बुधवार को समाप्त हुआ। इस दौरान खाली पेट और खाना खाने के बाद ब्लड शुगर मापने तथा शरीर में लो और हाई शुगर की पहचान करने की जानकारी फार्मेसिस्ट, लैब टैक्नीशियन और एनसीडी कार्यक्रम की एएनएम को दी गई।
एनसीडी के नोडल प्रभारी एवं एसीएमओ डॉ.रवींद्र शर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान मौजूद पीएचसी के फार्मेसिस्ट और एनसीडी की एएनएम को बताया कि तीस साल से अधिक उम्र के सभी लोगों में ब्लड शुगर की जांच के लिए ग्लूकोमीटर और ग्लूकोस्ट्रिप सभी स्वास्थ्य केंद्र और उपकेंद्र पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। ट्रेनर अमित गौतम ने कहा कि ग्लूकोमीटर पूरी तरह ऑटोमैटिक मशीन है इसे न तो ऑन करने जरूरत है और न ही ऑफ करने की। उन्होंने बताया कि ग्लूकोस्ट्रिप लगाते ही ग्लूकोमीटर मशीन ऑन हो जाएगी और इसे निकालते ही स्वत: ऑफ हो जाएगी। ट्रेनर ने कहा कि शुगर की जांच दो बार में होनी है, पहले खाली पेट और दूसरी बार खाना खाने केे बाद। उन्होंने कहा कि खाली पेट के दौरान 70 से 110 और खाना खाने के बाद 90 से 160 होनी चाहिए, खाली पेट यदि 70 से कम है तो इसे लो शुगर और खाना खाने के बाद 160 से अधिक होने पर हाई शुगर की पहचान होती है। उन्होंने कहा कि हाई और लो शुगर की पहचान होने के बाद इसकी जानकारी चिकित्साधिकारी को दे, जिससे तत्काल इलाज शुरू करके उसे शुगर के रोग से बचाया जा सके। इस दौरान एनसीडी के डॉ. राकेश गुप्ता, एएनएम, फार्मेसिस्ट और लैब टैक्नीशियन मौजूद रहे।
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