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Lakhimpur Kheri News: बाघिन ने घर में घुसकर बकरी को बनाया निवाला
Fri, 01 Aug 2025 11:25 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 01 Aug 2025 11:25 PM IST
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बरौंछा की बाघिन के पगचिन्ह। स्रोत- वन विभाग।
बांकेगंज। गोला वन रेंज क्षेत्र में गन्ने के खेतों से निकली बाघिन बृहस्पतिवार रात बंजरिया गांव में पहुंच गई। यहां रामचंद्र के घर में घुसकर चारपाई के पास बंधी बकरी पर हमला कर उसे दबोच ले गई। शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंचे फॉरेस्टर अजीत कुमार ने घर के पास खेत में पगचिह्न देखकर बाघिन की मौजूदगी की पुष्टि की है। हालांकि, टीम को बकरी का शव बरामद नहीं हो सका।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले चार महीने से भी अधिक समय से मैलानी और गोला रेंज सीमा पर सक्रिय बाघिन एक बालक को मारने के साथ पांच दर्जन से अधिक पालतू पशुओं का शिकार कर चुकी है। आबादी के पास बाघिन की मौजूदगी से किसानों की खेती-बाड़ी चौपट हो रही है। हमले के डर से लोग शाम ढलने से पहले घरों में दुबक जाते हैं। इसके बावजूद वन विभाग उसे पकड़ नहीं सका।
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बरौंछा नाला क्षेत्र में आठ बाघ, बाघिन और शावकों की चहलकदमी
ग्रामीणों की मानें तो मैलानी और गोला रेंज सीमा पर बरौंछा नाला क्षेत्र में दो बाघिन के साथ पांच शावक और एक बाघ लगातार चहलकदमी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह सभी बांकेगंज-कुकरा मार्ग को कॉरीडोर के रूप में इस्तेमाल कर दोनों रेंजों में आवागमन करते हैं। सड़क और दो दर्जन से अधिक गांवों के पास इनकी मौजूदगी किसानों, राहगीरों और लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
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बरौंछा नाला क्षेत्र बाघों का पसंदीदा और सुरक्षित प्राकृतवास है। वन कर्मियों की टीमें लगातार निगरानी में जुटी हैं। जंगल के पास बसे लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बाघिन को पकड़ने का अभियान लगातार जारी है।
- संजय बिश्वाल, डीएफओ, दक्षिण खीरी वन प्रभाग।
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ग्रामीणों का कहना है कि पिछले चार महीने से भी अधिक समय से मैलानी और गोला रेंज सीमा पर सक्रिय बाघिन एक बालक को मारने के साथ पांच दर्जन से अधिक पालतू पशुओं का शिकार कर चुकी है। आबादी के पास बाघिन की मौजूदगी से किसानों की खेती-बाड़ी चौपट हो रही है। हमले के डर से लोग शाम ढलने से पहले घरों में दुबक जाते हैं। इसके बावजूद वन विभाग उसे पकड़ नहीं सका।
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बरौंछा नाला क्षेत्र में आठ बाघ, बाघिन और शावकों की चहलकदमी
ग्रामीणों की मानें तो मैलानी और गोला रेंज सीमा पर बरौंछा नाला क्षेत्र में दो बाघिन के साथ पांच शावक और एक बाघ लगातार चहलकदमी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह सभी बांकेगंज-कुकरा मार्ग को कॉरीडोर के रूप में इस्तेमाल कर दोनों रेंजों में आवागमन करते हैं। सड़क और दो दर्जन से अधिक गांवों के पास इनकी मौजूदगी किसानों, राहगीरों और लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
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बरौंछा नाला क्षेत्र बाघों का पसंदीदा और सुरक्षित प्राकृतवास है। वन कर्मियों की टीमें लगातार निगरानी में जुटी हैं। जंगल के पास बसे लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बाघिन को पकड़ने का अभियान लगातार जारी है।
- संजय बिश्वाल, डीएफओ, दक्षिण खीरी वन प्रभाग।