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राजस्व टीम ने की राम वाटिका संपत्ति की जांच
अमर उजाला ब्यूरो/धौरहरा।
Updated Sat, 16 Jul 2016 11:00 PM IST
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ram vatika
- फोटो : amar ujala
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संबंधित पक्षों और ग्रामीणों के बयान किए दर्ज
राम वाटिका संपत्ति पर कब्जे की साजिश के आरोपों की जांच के लिए शनिवार को राजस्व विभाग की टीम रामवाटिका पहुंची। जिला अधिवक्ता संघ की मांग पर डीएम आकाशदीप ने यह कमेटी गठित की थी। टीम ने राम वाटिका से जुड़े लोगों के अलावा शिकायतकर्ताओं और अन्य कई ग्रामीणों से अलग अलग बयान लिए। टीम में अतिरिक्त एसडीएम इंद्र कांत द्विवेदी, तहसीलदार धौरहरा नीरज पटेल और जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) रवि प्रताप सिंह शामिल हैं।
टीम ने रामवाटिका पहुंचकर पक्षकारों को मौके पर बुलाकर उनसे बयान लिए। साथ ही धौरहरा कस्बे के लोगों के अलावा ग्रामीणों के भी बयान दर्ज किए। तहसीलदार नीरज पटेल ने बताया कि टीम राम वाटिका के सभी विवादित पहलुओं का बारीकी से परीक्षण कर रही है। राम वाटिका के पास कितनी संपत्ति थी, मौजूदा समय में कितनी संपत्ति शेष है। भूमि और अन्य संपत्ति की स्थिति और वह किसके कब्जे में है आदि बिदुओं पर तथ्य जुटाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने पर रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। डीएम ने मामले की जांच दो सप्ताह में पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा था। जांच के समय रामवाटिका विवाद से संबंधित सभी पक्षकार और संपत्ति के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने वाले आनंद मोहन त्रिवेदी समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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राम वाटिका संपत्ति पर कब्जे की साजिश के आरोपों की जांच के लिए शनिवार को राजस्व विभाग की टीम रामवाटिका पहुंची। जिला अधिवक्ता संघ की मांग पर डीएम आकाशदीप ने यह कमेटी गठित की थी। टीम ने राम वाटिका से जुड़े लोगों के अलावा शिकायतकर्ताओं और अन्य कई ग्रामीणों से अलग अलग बयान लिए। टीम में अतिरिक्त एसडीएम इंद्र कांत द्विवेदी, तहसीलदार धौरहरा नीरज पटेल और जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) रवि प्रताप सिंह शामिल हैं।
टीम ने रामवाटिका पहुंचकर पक्षकारों को मौके पर बुलाकर उनसे बयान लिए। साथ ही धौरहरा कस्बे के लोगों के अलावा ग्रामीणों के भी बयान दर्ज किए। तहसीलदार नीरज पटेल ने बताया कि टीम राम वाटिका के सभी विवादित पहलुओं का बारीकी से परीक्षण कर रही है। राम वाटिका के पास कितनी संपत्ति थी, मौजूदा समय में कितनी संपत्ति शेष है। भूमि और अन्य संपत्ति की स्थिति और वह किसके कब्जे में है आदि बिदुओं पर तथ्य जुटाए जा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने पर रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। डीएम ने मामले की जांच दो सप्ताह में पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा था। जांच के समय रामवाटिका विवाद से संबंधित सभी पक्षकार और संपत्ति के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने वाले आनंद मोहन त्रिवेदी समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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