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Lakhimpur Kheri News: बारिश से कच्चा घर ढहा, खेतों में गिरी धान की फसल
Thu, 08 Oct 2026 11:06 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 08 Oct 2026 11:06 PM IST
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बोझवा में चारपाई पर काटकर धान रखते किसान।स्रोत : ग्रामीण
बिजुआ। ग्राम पंचायत रमेश्वरापुर के मजरा दौलतापुर में बृहस्पतिवार को बारिश के चलते सुसविंद यादव पुत्र राजेंद्र यादव का छप्परनुमा कच्चा घर भरभराकर गिर गया।
घर में रखा घरेलू सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय परिवार के लोग बाहर थे, जिससे सभी बाल-बाल बच गए। मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों की सूचना पर राजस्व निरीक्षक अरुणेश मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने नुकसान का जायजा लेकर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी। पीड़ित परिवार ने आर्थिक सहायता और आवास की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, लगातार बारिश से कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए खतरा बढ़ गया है।
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इधर, बिजुआ क्षेत्र में आंधी-बारिश से तैयार धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भरने से पकी फसल गिर गई है। ग्राम पंचायत मझौरा निवासी शिव कुमार का करीब एक एकड़ धान प्रभावित हुआ है। नौसरजोगी के राजकुमार का एक एकड़ धान पानी में डूब गया है। मटहिया निवासी शिवपूजन गुप्ता का भी करीब एक एकड़ धान आंधी से खेत में पलट गया है।
क्षेत्र में सैकड़ों अन्य किसानों की भी यही स्थिति है। घुटनों तक पानी के बावजूद किसान मजदूर लगाकर धान कटवा रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय रहते फसल नहीं काटी गई तो पानी में पड़ा धान खराब हो जाएगा। वे किसी तरह चारपाई पर धान काटकर रख रहे हैं। लगातार बारिश से गिरी फसल पानी में भीग रही है और खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों के अनुसार, तैयार फसल पर बारिश का सबसे ज्यादा असर पड़ा है और लागत निकालना भी मुश्किल नजर आ रहा है।
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घर में रखा घरेलू सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय परिवार के लोग बाहर थे, जिससे सभी बाल-बाल बच गए। मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
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ग्रामीणों की सूचना पर राजस्व निरीक्षक अरुणेश मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने नुकसान का जायजा लेकर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी। पीड़ित परिवार ने आर्थिक सहायता और आवास की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, लगातार बारिश से कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए खतरा बढ़ गया है।
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इधर, बिजुआ क्षेत्र में आंधी-बारिश से तैयार धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भरने से पकी फसल गिर गई है। ग्राम पंचायत मझौरा निवासी शिव कुमार का करीब एक एकड़ धान प्रभावित हुआ है। नौसरजोगी के राजकुमार का एक एकड़ धान पानी में डूब गया है। मटहिया निवासी शिवपूजन गुप्ता का भी करीब एक एकड़ धान आंधी से खेत में पलट गया है।
क्षेत्र में सैकड़ों अन्य किसानों की भी यही स्थिति है। घुटनों तक पानी के बावजूद किसान मजदूर लगाकर धान कटवा रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय रहते फसल नहीं काटी गई तो पानी में पड़ा धान खराब हो जाएगा। वे किसी तरह चारपाई पर धान काटकर रख रहे हैं। लगातार बारिश से गिरी फसल पानी में भीग रही है और खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों के अनुसार, तैयार फसल पर बारिश का सबसे ज्यादा असर पड़ा है और लागत निकालना भी मुश्किल नजर आ रहा है।

बोझवा में चारपाई पर काटकर धान रखते किसान।स्रोत : ग्रामीण