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Lakhimpur Kheri News: पिछला परिणाम आया नहीं... अब फिर होगी बाघों की गणना
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दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघ
लखीमपुर खीरी। वर्ष 2022 में हुई गणना का परिणाम नहीं आया तो दुधवा टाइगर रिजर्व समेत समूचे तराई क्षेत्र के जंगलों में फिर से आंतरिक बाघ गणना की तैयारियां तेज हो गई है। गणना चार चरणों में होगी। इसके लिए कुल 835 कैमरे लगाए जा रहे हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बी. प्रभाकर को आंतरिक बाघ गणना का नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसी माह 15 अप्रैल से आंतरिक बाघ गणना का काम शुरू होने की उम्मीद है। इस संबंध में कार्यशाला और पूर्वाभ्यास जारी है। फील्ड डायरेक्टर बी. प्रभाकर ने बताया कि हर चार साल के अंतराल में होने वाली राष्ट्रीय स्तर पर बाघ गणना 2022 में की गई थी। इसके परिणाम अभी तक जारी नहीं हो सके है। इस दौरान बाघों की आबादी में आए बदलाव का आंकलन करने के लिए फेज-4 के तहत तराई में आंतरिक बाघ गणना कराई जा रही है। दुधवा टाइगर रिजर्व और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में यह गणना चार चरणों में होगी।
कतर्नियाघाट से होगी शुरूआत
गणना की शुरुआत दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार से होगी। पहले चरण में कतर्नियाघाट प्रभाग के धर्मापुर, ककरहा, कतर्नियाघाट, मोतीपुर, मुर्तिहा, निशानगाड़ा, सुजौली और बफर जोन के धौरहरा रेंज में गणना होगी। दूसरे चरण में किशनपुर वन्यजीव विहार की किशनपुर, भीरा, मैलानी कोर रेंज, मैलानी बफर रेंज, बफर जोन भीरा, संपूर्णानगर रेंज और दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला और मोहम्मदी रेंज में बाघ गणना का काम होगा। तीसरे चरण में पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बाराही, दियुरिया, हरीपुर, महोफ और माला रेंज में बाघ गिने जाएंगे। चौथे और अंतिम चरण में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, बफर जोन, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग की वनकटी, बेलरायां, दुधवा, गौरीफंटा, उत्तर सोनारीपुर, दक्षिण सोनारीपुर, सठियाना, मझगई, उत्तर निघासन, पलिया और दक्षिण निघासन रेंजों में बाघ गणना होगी।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बी. प्रभाकर को आंतरिक बाघ गणना का नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसी माह 15 अप्रैल से आंतरिक बाघ गणना का काम शुरू होने की उम्मीद है। इस संबंध में कार्यशाला और पूर्वाभ्यास जारी है। फील्ड डायरेक्टर बी. प्रभाकर ने बताया कि हर चार साल के अंतराल में होने वाली राष्ट्रीय स्तर पर बाघ गणना 2022 में की गई थी। इसके परिणाम अभी तक जारी नहीं हो सके है। इस दौरान बाघों की आबादी में आए बदलाव का आंकलन करने के लिए फेज-4 के तहत तराई में आंतरिक बाघ गणना कराई जा रही है। दुधवा टाइगर रिजर्व और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में यह गणना चार चरणों में होगी।
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कतर्नियाघाट से होगी शुरूआत
गणना की शुरुआत दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार से होगी। पहले चरण में कतर्नियाघाट प्रभाग के धर्मापुर, ककरहा, कतर्नियाघाट, मोतीपुर, मुर्तिहा, निशानगाड़ा, सुजौली और बफर जोन के धौरहरा रेंज में गणना होगी। दूसरे चरण में किशनपुर वन्यजीव विहार की किशनपुर, भीरा, मैलानी कोर रेंज, मैलानी बफर रेंज, बफर जोन भीरा, संपूर्णानगर रेंज और दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला और मोहम्मदी रेंज में बाघ गणना का काम होगा। तीसरे चरण में पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बाराही, दियुरिया, हरीपुर, महोफ और माला रेंज में बाघ गिने जाएंगे। चौथे और अंतिम चरण में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, बफर जोन, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग की वनकटी, बेलरायां, दुधवा, गौरीफंटा, उत्तर सोनारीपुर, दक्षिण सोनारीपुर, सठियाना, मझगई, उत्तर निघासन, पलिया और दक्षिण निघासन रेंजों में बाघ गणना होगी।
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