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इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज का न्यू सर्जिकल वार्ड में चलता रहा इलाज
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज।
पिता की आपत्ति पर तीन दिन बाद वार्ड से मरीज को लापता दिखाकर पुरानी तिथि में दिखाया भर्ती
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मरीज को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया, जबकि उसके इलाज का कागज दूसरे वार्ड में पहुंच गया। इस दौरान दोनों ही वार्डों में मरीज की तलाश नहीं की गई। हालत बिगड़ने पर जब शिकायत की गई तो वार्ड ब्वॉय की चूक सामने आई, जिसके बाद वार्ड में भर्ती मरीज का पुरानी डेट में कागज बनाकर इलाज शुरू किया गया।
धौरहरा के शुक्ला वार्ड निवासी संतोष तिवारी ने बताया कि मारपीट में घायल 30 वर्षीय पुत्र रोहित को पांच नवंबर को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया था। छह नवंबर को वार्ड ब्वॉय ने एक्सरे कराकर पुन: वार्ड में लाकर लेटा दिया। आरोप है कि वहां उसे डॉक्टर ने देखा तक नहीं। परिजन द्वारा इस बारे में स्टाफ से पूछे जाने पर पता चला कि उसके इलाज का कागज (बीएसटी) वहां नहीं है। वार्ड में जब मरीज की हालत बिगड़ी तो उसे नौ नवंबर को सर्जन को दिखाया गया। सर्जन ने रोहित की छुट्टी कर बीएसटी पर आठ नवंबर को भर्ती होना दिखा दिया। उधर, वार्ड स्टाफ ने पुरानी बीएसटी पर मरीज का गायब होना लिखकर स्टोर रूम में जमा कर दी।
संतोष तिवारी के आपत्ति जताने पर अस्पताल कर्मियों ने बताया कि भूलवश बीएसटी न्यू सर्जिकल वार्ड में चली गई थी। इसलिए ऐसा हुआ। वहीं संतोष तिवारी का कहना है कि यदि बीएसटी वहां चली गई थी तो वहां के स्टाफ को मरीज की जानकारी करनी चाहिए थी। वहीं इमरजेंसी वार्ड स्टाफ को भर्ती मरीज की बीएसटी न मिलने पर इसका पता लगाना चाहिए था। मगर, दोनों वार्ड के स्टाफ ने गैर जिम्मेदाराना रवैया निभाते हुए भर्ती मरीज को गायब होना लिख दिया। पीड़ित पिता ने प्रभारी सीएमएस को सूचना देकर कार्रवाई करने की मांग की है।
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प्रकरण की जानकारी मिली है। मामले को दिखवाने पर दोनों बीएसटी मिल गई हैं। इस पर दोनों वार्ड के स्टाफ से जवाब-तलब होगा।
- डॉ. संतोष मिश्रा, प्रभारी सीएमएस
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लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मरीज को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया, जबकि उसके इलाज का कागज दूसरे वार्ड में पहुंच गया। इस दौरान दोनों ही वार्डों में मरीज की तलाश नहीं की गई। हालत बिगड़ने पर जब शिकायत की गई तो वार्ड ब्वॉय की चूक सामने आई, जिसके बाद वार्ड में भर्ती मरीज का पुरानी डेट में कागज बनाकर इलाज शुरू किया गया।
धौरहरा के शुक्ला वार्ड निवासी संतोष तिवारी ने बताया कि मारपीट में घायल 30 वर्षीय पुत्र रोहित को पांच नवंबर को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया था। छह नवंबर को वार्ड ब्वॉय ने एक्सरे कराकर पुन: वार्ड में लाकर लेटा दिया। आरोप है कि वहां उसे डॉक्टर ने देखा तक नहीं। परिजन द्वारा इस बारे में स्टाफ से पूछे जाने पर पता चला कि उसके इलाज का कागज (बीएसटी) वहां नहीं है। वार्ड में जब मरीज की हालत बिगड़ी तो उसे नौ नवंबर को सर्जन को दिखाया गया। सर्जन ने रोहित की छुट्टी कर बीएसटी पर आठ नवंबर को भर्ती होना दिखा दिया। उधर, वार्ड स्टाफ ने पुरानी बीएसटी पर मरीज का गायब होना लिखकर स्टोर रूम में जमा कर दी।
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संतोष तिवारी के आपत्ति जताने पर अस्पताल कर्मियों ने बताया कि भूलवश बीएसटी न्यू सर्जिकल वार्ड में चली गई थी। इसलिए ऐसा हुआ। वहीं संतोष तिवारी का कहना है कि यदि बीएसटी वहां चली गई थी तो वहां के स्टाफ को मरीज की जानकारी करनी चाहिए थी। वहीं इमरजेंसी वार्ड स्टाफ को भर्ती मरीज की बीएसटी न मिलने पर इसका पता लगाना चाहिए था। मगर, दोनों वार्ड के स्टाफ ने गैर जिम्मेदाराना रवैया निभाते हुए भर्ती मरीज को गायब होना लिख दिया। पीड़ित पिता ने प्रभारी सीएमएस को सूचना देकर कार्रवाई करने की मांग की है।
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प्रकरण की जानकारी मिली है। मामले को दिखवाने पर दोनों बीएसटी मिल गई हैं। इस पर दोनों वार्ड के स्टाफ से जवाब-तलब होगा।
- डॉ. संतोष मिश्रा, प्रभारी सीएमएस