फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   The parties engaged in the exercise of speeding up the election campaign through social media

सोशल मीडिया के जरिये चुनाव प्रचार तेज करने की कवायद में जुटे दल

Mon, 10 Jan 2022 12:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jan 2022 12:18 AM IST
विज्ञापन
The parties engaged in the exercise of speeding up the election campaign through social media
लखीमपुर खीरी। जनपद में आठ विधानसभा सीटों पर चुनाव के लिए चौथे चरण में 23 फरवरी को मतदान कराया जाएगा। इससे पहले आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से अनुपालन कराने के लिए प्रशासन जुट गया है। कोरोना के बढ़ते असर के कारण 15 जनवरी तक चुनाव प्रचार जैसे रैली व जनसभा करने पर रोक लगाई गई है। ऐसे में चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म ही राजनीतिक दलों के विकल्प बन रहे हैं। हालांकि प्रत्याशियों के नामों की घोषणा किसी भी राजनीतिक दल ने नहीं की है। इससे अभी संभावित उम्मीदवार संयम बरत रहे हैं।
विज्ञापन

कोरोना के नए वैरिएंट का असर दिनों दिन बढ़ रहा है, जिसके साथ ही चुनावी महाकुंभ भी शुरू हो गया है। ऐसे हालात में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने की संभावनाएं बन गई हैं, क्योंकि पिछले वर्ष हुए पंचायत चुनाव के दौरान जनपद में करीब 100 कर्मचारियों की मौत हो गई थी। इसमें से करीब 60 कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में भी लगे थे। शायद इसी बात को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने वर्चुअल सभाएं करने के निर्देश राजनीतिक दलों को दिए हैं। वर्चुअल रैलियों की बात से कुछ राजनीतिक दलों में उहापोह की स्थिति भी उभरकर सामने आई है, जो संसाधनों की कमी आड़े आने की बात कह रहे हैं। एक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तो चुनाव आयोग से वर्चुअल रैलियों के लिए खर्चे की भी डिमांड कर डाली है। हालांकि दलों के पदाधिकारियों ने अपने कार्यकर्ताओं को जोड़कर व्हाट्सएप ग्रुप एक्टिव करने शुरू कर दिए हैं। इस कड़ी में भाजपा व सपा के लोग ही सक्रिय हुए हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया के प्लेटफार्म फेसबुक, ट्विटर, कू आदि पर भी चुनावी जंग छिड़ गई है। वर्तमान में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गलत कटेंट पोस्ट करने वालों पर फेसबुक व ट्विटर कार्रवाई भी कर रहा है। खासकर भड़काऊ बयानबाजी वाले कंटेंट वाली सामग्री पोस्ट करने वालों के ट्विटर हैंडल लॉक भी हो रहे हैं। जनपद में फेसबुक व व्हाट्सएप का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या लाखों में है, लेकिन ट्विटर व कू पर संख्या कम है। इसलिए चुनाव प्रचार के माध्यमों में सबसे ज्यादा फेसबुक पेज व व्हाट्सएप ग्रुपों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
विज्ञापन

वर्चुअल रैली के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं
चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक वर्चुअल रैली करने के निर्देश दिए हैं, जिसके लिए राजनीतिक दलों को प्रशासन से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। वर्चुअल सभाएं व बैठकें करने का सिलसिला कोरोना काल में विकसित हुआ था, जिसके लिए स्मार्टफोन व इंटरनेट की आवश्यकता पड़ेगी। हालांकि लोगों के पास स्मार्टफोन व इंटरनेट की सुलभता होने के कारण दिक्कतें नहीं आएंगी। लेकिन जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या है, उनमें वर्चुअल सभाएं करना आसान नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्चुअल सभाएं करने के लिए किसी को अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखने के लिए मीडिया सेल का गठन किया गया है। पुलिस-प्रशासन द्वारा निगरानी की जा रही है। भड़काऊ व आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
- संजय सिंह, एडीएम/उप जिला निर्वाचन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed