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डीएम की सख्ती पर मिलों ने किया आंशिक भुगतान
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 11 Feb 2015 07:24 PM IST
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कुछ चीनी मिलों के किसानों का भुगतान न किए जाने पर डीएम किंजल सिंह ने कड़े निर्देश दिए थे, जिसके बाद चीनी मिलों ने आंशिक भुगतान किया है। काफी समय से किसानों को भुगतान न करने वाले बजाज ग्रुप की तीन चीनी मिलों ने 4.50 करोड़ का भुगतान किया है। इसके अलावा ऐरा, अजवापुर, संपूर्णानगर आदि मिलों ने भी भुगतान किया है। इसके बावजूद किसानों का 409 करोड़ बकाया है, जिसमें सर्वाधिक 342 करोड़ बजाज ग्रुप की तीन मिलों पर बकाया हैं।
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव के मुताबिक गोला मिल ने 1.50 करोड़, पलिया ने 1.50 करोड़ और खंभारखेड़ा ने 1.50 करोड़ भुगतान किया है। इसी तरह ऐरा मिल ने 10.81 करोड़, अजवापुर मिल ने आठ करोड़, गुलरिया मिल ने 5.12 करोड़ और संपूर्णानगर मिल ने 5.48 करोड़ का भुगतान किया है। इसके बाद भी किसानों का नियमानुसार छह चीनी मिलों पर 409 करोड़ रुपये बकाया है। बकाए की स्थिति पर गौर करें तो गोला मिल पर सबसे अधिक 122 करोड़, पलिया पर 115 करोड़, खंभारखेड़ा पर 105 करोड़, ऐरा पर 19 करोड़, बेलरायां पर 21 करोड़ और संपूर्णानगर मिल पर 24 करोड़ रुपये बकाया है। कहना गलत न होगा कि डीएम की सख्ती के बावजूद बजाज ग्रुप की मिलें भुगतान में अभी भी पीछे चल रही हैं, क्योंकि कुल 409 करोड़ के बकाए में तीन अरब 42 करोड़ का बकाएदार सिर्फ बजाज ग्रुप है। हालांकि जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव कहते हैं कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष भुगतान की स्थिति बेहतर है, सिर्फ बजाज ग्रुप ने स्थिति को प्रभावित किया है।
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जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव के मुताबिक गोला मिल ने 1.50 करोड़, पलिया ने 1.50 करोड़ और खंभारखेड़ा ने 1.50 करोड़ भुगतान किया है। इसी तरह ऐरा मिल ने 10.81 करोड़, अजवापुर मिल ने आठ करोड़, गुलरिया मिल ने 5.12 करोड़ और संपूर्णानगर मिल ने 5.48 करोड़ का भुगतान किया है। इसके बाद भी किसानों का नियमानुसार छह चीनी मिलों पर 409 करोड़ रुपये बकाया है। बकाए की स्थिति पर गौर करें तो गोला मिल पर सबसे अधिक 122 करोड़, पलिया पर 115 करोड़, खंभारखेड़ा पर 105 करोड़, ऐरा पर 19 करोड़, बेलरायां पर 21 करोड़ और संपूर्णानगर मिल पर 24 करोड़ रुपये बकाया है। कहना गलत न होगा कि डीएम की सख्ती के बावजूद बजाज ग्रुप की मिलें भुगतान में अभी भी पीछे चल रही हैं, क्योंकि कुल 409 करोड़ के बकाए में तीन अरब 42 करोड़ का बकाएदार सिर्फ बजाज ग्रुप है। हालांकि जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव कहते हैं कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष भुगतान की स्थिति बेहतर है, सिर्फ बजाज ग्रुप ने स्थिति को प्रभावित किया है।
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