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Lakhimpur Kheri News: शीतकालीन गणना में बढ़ा वयस्क सारस का कुनबा

Tue, 23 Dec 2025 11:18 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Tue, 23 Dec 2025 11:18 PM IST
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The number of adult cranes increased during the winter census.
मोहम्मदी रेंज के जलाशय में दिखे सारस। स्रोत : वन विभाग
बांकेगंज। जिले में हुई दो दिवसीय शीतकालीन सारस गणना का काम पूरा हो गया है। गणना के दौरान दक्षिण खीरी वन प्रभाग में 168 सारस पाए गए हैं। इसमें 143 वयस्क और 25 बच्चे मिले हैं। जबकि छह माह पहले ग्रीष्मकालीन गणना के दौरान भी 168 पाए गए थे। जबकि दुधवा टाइगर रिजर्व में हुई सारस गणना के परिणाम अभी नहीं आए हैं।
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शीतकालीन सारस गणना समूचे उप्र के साथ-साथ जिले के तीनों वन प्रभागों में 15 और 16 दिसंबर को कराई गई। दो दिन के अंदर चार चरणों में हुई गणना में दक्षिण खीरी वन प्रभाग में 143 वयस्क, 25 बच्चे, कुल 168 सारस मिले। जबकि छह माह पहले हुई ग्रीष्मकालीन गणना में यहां 139 वयस्क और 29 बच्चे कुल 168 ही मिले थे। इस तरह चार बच्चों के वयस्क होने पर गिनती में बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है।
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इंसेट
प्रदूषण की वजह से नहीं बढ़ पा रही संख्या
वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई ) के पूर्व प्रोजेक्ट हेड और वन्यजीव विशेषज्ञ पीसी पांडेय का कहना है कि पर्यावरण और जल प्रदूषण की वजह से जिले में सारस की संख्या तेजी से घट रही है। यह पक्षी अपनी बनावट और आकर्षण के लिए जाना जाता है। घटती संख्या के पीछे एक कारण शिकार के अलावा गांव के तालाबों पर अवैध कब्जा कर बनाए गए मकानों से सारसों का प्राकृतवास खत्म होता जा रहा है। इसके अलावा नम भूमि पर हो रही खेती के चलते इनका कुनबा विलुप्त होने के कगार पर है। जलाशयों पर शिकारी जहरीले दाने बिखेरकर सारस को जाल में फंसाकर शिकार कर लेते हैं।
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वर्जन
दो दिवसीय सारस गणना में 168 सारस पाए गए हैं। छह माह के अंदर चार बच्चों के वयस्क होने पर इनकी संख्या में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। जबकि बच्चों की गिनती चार कम हुई है। इनकी संख्या न बढ़ने का सबसे बड़ा कारण खेतों में बड़ी मात्रा में कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल है। वन विभाग इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रयासरत है।
- संजय बिश्वाल,डीएफओ, दक्षिण खीरी वन प्रभाग।
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