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Lakhimpur Kheri News: बेटी को मिल सके न्याय...आस में सूख गए मां के आंसू
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लखीमपुर खीरी। तीन अप्रैल 2024 को हुए अंशू हत्याकांड मामले में पुलिस आज तक कोई भी सुराग नहीं लगा सकी है। ऐसा लगता है कि शव के साथ ही हत्याकांड की फाइल भी जमींदोज हो गई है। उधर, अंशू की मां रमना देवी आज भी कातिलों को सजा दिलाने और बेटी को न्याय दिलाने की राह ताक रही है। परिजन पैरवी तो कर रहे हैं, लेकिन पुलिस मामले को दबाने में जुटी है।
मितौली के पकरिया जलालपुर निवासी अनूप कुमार की पांच वर्षीय पुत्री अंशू खेलते समय घर के बाहर से लापता हो गई थी। परिजनों ने बच्ची के लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस और परिजन अंशू की तलाश कर ही रहे थे कि घटना के दूसरे दिन यानी चार अप्रैल को उसका शव घर के बाहर कुछ दूरी पर झाड़ियों से बरामद हुआ था।
शव के चेहरे और गले पर चोट के निशान पाए गए थे। परिजनों और ग्रामीणों ने अंशू की हत्या करने की बात कही तो पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। इस मामले में पुलिस ने जांच तो की लेकिन नौै महीने का समय बीत जाने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल सका।
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परिजनों का कहना है कि अंशू के शव के साथ ही पुलिस ने घटना से जुड़ी तमाम जानकारियां भी दफन कर दी हैं। मृतक अंशू के परिजनों को न्याय मिलेगा भी या नहीं इस बात की उम्मीद भी धीरे-धीरे टूटती नजर आ रही है।
केस तो खुला नहीं... आशाराम की अलग गई जान
घटना के कुछ दिनों के बाद मृतक मासूम अंशू के परिजनों ने पड़ोस के ही आशाराम पर पुत्री की हत्या किए जाने का शक जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस आशाराम को पूछताछ के लिए थाने लाई। पूछताछ पूरी हो पाती... इससे पहले ही पुलिस कस्ट़डी में आशाराम की मौत हो गई थी। हालांकि परिजनों ने काफी हंगामा काटा था। एक ओर जहां अंशू की हत्या से जुड़े तार नहीं सुलझ सके, वहीं इस मामले में नामजद आशाराम दोषी था भी या नहीं। इस बात से भी आज तक पर्दा नहीं उठ सका है।
न दुश्मनी न कोई विवाद... तो किसने दबाया अंशू का गला
घर के बाहर खेलते समय पांच वर्षीय अंशू का अचानक गायब हो जाना, दूसरे दिन घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों से शव बरामद होने के बाद परिजनों के अलावा ग्रामीण तमाम तरह के सवाल उठा रहे थे। एक ओर परिजन किसी से दुश्मनी न होने की बात कह रहे थे वहीं परिवार के साथ किसी का विवाद तक नहीं हुआ। ऐसे में अंशू किसकी दुश्मनी का शिकार हो गई, किसने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। कौन शव झाड़ियों में फेंककर चला गया यह सवाल आज भी सुलझ नहीं सके हैं।
घटना मेरे समय की नहीं है। संज्ञान में आया है। घटना की पूरी जानकारी करते हुए मामले के खुलासे में टीम लगाई जाएंगी। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। - संकल्प शर्मा, एसपी
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मितौली के पकरिया जलालपुर निवासी अनूप कुमार की पांच वर्षीय पुत्री अंशू खेलते समय घर के बाहर से लापता हो गई थी। परिजनों ने बच्ची के लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस और परिजन अंशू की तलाश कर ही रहे थे कि घटना के दूसरे दिन यानी चार अप्रैल को उसका शव घर के बाहर कुछ दूरी पर झाड़ियों से बरामद हुआ था।
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शव के चेहरे और गले पर चोट के निशान पाए गए थे। परिजनों और ग्रामीणों ने अंशू की हत्या करने की बात कही तो पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। इस मामले में पुलिस ने जांच तो की लेकिन नौै महीने का समय बीत जाने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल सका।
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परिजनों का कहना है कि अंशू के शव के साथ ही पुलिस ने घटना से जुड़ी तमाम जानकारियां भी दफन कर दी हैं। मृतक अंशू के परिजनों को न्याय मिलेगा भी या नहीं इस बात की उम्मीद भी धीरे-धीरे टूटती नजर आ रही है।
केस तो खुला नहीं... आशाराम की अलग गई जान
घटना के कुछ दिनों के बाद मृतक मासूम अंशू के परिजनों ने पड़ोस के ही आशाराम पर पुत्री की हत्या किए जाने का शक जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस आशाराम को पूछताछ के लिए थाने लाई। पूछताछ पूरी हो पाती... इससे पहले ही पुलिस कस्ट़डी में आशाराम की मौत हो गई थी। हालांकि परिजनों ने काफी हंगामा काटा था। एक ओर जहां अंशू की हत्या से जुड़े तार नहीं सुलझ सके, वहीं इस मामले में नामजद आशाराम दोषी था भी या नहीं। इस बात से भी आज तक पर्दा नहीं उठ सका है।
न दुश्मनी न कोई विवाद... तो किसने दबाया अंशू का गला
घर के बाहर खेलते समय पांच वर्षीय अंशू का अचानक गायब हो जाना, दूसरे दिन घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों से शव बरामद होने के बाद परिजनों के अलावा ग्रामीण तमाम तरह के सवाल उठा रहे थे। एक ओर परिजन किसी से दुश्मनी न होने की बात कह रहे थे वहीं परिवार के साथ किसी का विवाद तक नहीं हुआ। ऐसे में अंशू किसकी दुश्मनी का शिकार हो गई, किसने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। कौन शव झाड़ियों में फेंककर चला गया यह सवाल आज भी सुलझ नहीं सके हैं।
घटना मेरे समय की नहीं है। संज्ञान में आया है। घटना की पूरी जानकारी करते हुए मामले के खुलासे में टीम लगाई जाएंगी। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। - संकल्प शर्मा, एसपी