{"_id":"6a60fe24e11969f9550ec13f","slug":"the-mother-who-raised-three-sons-has-no-one-to-support-her-in-her-old-age-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-180544-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: जिस मां ने तीन बेटे पाले, बुढ़ापे में उसके पास कोई नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: जिस मां ने तीन बेटे पाले, बुढ़ापे में उसके पास कोई नहीं
Wed, 22 Jul 2026 11:00 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 22 Jul 2026 11:00 PM IST
विज्ञापन
जलालपुर में बेटा और बहू होने के बाबजूद बीमार अवस्था में निराश्रित श्यामकली। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। जिस श्यामकली ने तीन बेटों को पाल-पोसकर बड़ा किया, बुढ़ापे में आज उनके पास देखभाल के लिए कोई बेटा नहीं है। करीब 70 वर्षीय श्यामकली कुछ महीने पहले गिरने के बाद से चल-फिर नहीं पा रही हैं। पति और एक बेटे की मौत हो चुकी है, दूसरा बेटा जेल में है, जबकि तीसरा पत्नी के साथ अपनी ससुराल में रह रहा है। ऐसे में पड़ोसी एवं रिश्तेदार राजकुमार सोनी उनके भोजन और चाय-पानी से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों का ख्याल रख रहे हैं।
जलालपुर निवासी श्यामकली की हालत की जानकारी राजकुमार सोनी ने दी तो संवाददाता उनके घर पहुंचा तो वह बिना बिस्तर के खाट पर लेटी कराह रही थीं। जैसे-तैसे उन्हें उठाकर बैठाया गया। उन्हें सुनने में भी दिक्कत है। श्यामकली ने बताया कि कुछ महीने पहले गिरने के बाद से वह चल-फिर नहीं पा रही हैं।
राजकुमार के मुताबिक, श्यामकली के पति राधेश्याम की बीमारी के कारण तीन वर्ष पहले मौत हो गई थी। उनके तीन बेटों में मंझले बेटे की भी मौत हो चुकी है। बेटा रामशंकर किसी मामले में जेल में है और हरिश्चंद्र अपनी पत्नी के साथ ससुराल दाउदपुर में रह रहा है। राजकुमार का कहना है कि उन्होंने कई बार हरिश्चंद्र को मां की हालत के बारे में बताया, लेकिन उसने आने से मना कर दिया।
विज्ञापन
महीनों से खाट पर पड़ी श्यामकली की तकलीफ देखकर राजकुमार उनकी मदद कर रहे हैं। वह सुबह-शाम भोजन और चाय-पानी का ध्यान रखते हैं, लेकिन श्यामकली के चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण शौच आदि कराने में काफी परेशानी होती है। राजकुमार उन्हें इलाज के लिए गोला के अस्पताल भी ले गए थे। उनके मुताबिक, डॉक्टर ने ऑपरेशन की जरूरत बताई है और कहा है कि ऑपरेशन के बाद श्यामकली चलने-फिरने लायक हो सकती हैं।
अब श्यामकली को इलाज और ऐसी देखभाल की जरूरत है, जो पड़ोसियों के सहारे लंबे समय तक संभव नहीं है। मामले की जानकारी पर एसडीएम युगांतर त्रिपाठी ने कहा कि वह स्वयं जाकर स्थिति देखेंगे या तहसील से किसी को भेजेंगे। निराश्रित वृद्धा की हरसंभव मदद की जाएगी।
विज्ञापन
जलालपुर निवासी श्यामकली की हालत की जानकारी राजकुमार सोनी ने दी तो संवाददाता उनके घर पहुंचा तो वह बिना बिस्तर के खाट पर लेटी कराह रही थीं। जैसे-तैसे उन्हें उठाकर बैठाया गया। उन्हें सुनने में भी दिक्कत है। श्यामकली ने बताया कि कुछ महीने पहले गिरने के बाद से वह चल-फिर नहीं पा रही हैं।
विज्ञापन
राजकुमार के मुताबिक, श्यामकली के पति राधेश्याम की बीमारी के कारण तीन वर्ष पहले मौत हो गई थी। उनके तीन बेटों में मंझले बेटे की भी मौत हो चुकी है। बेटा रामशंकर किसी मामले में जेल में है और हरिश्चंद्र अपनी पत्नी के साथ ससुराल दाउदपुर में रह रहा है। राजकुमार का कहना है कि उन्होंने कई बार हरिश्चंद्र को मां की हालत के बारे में बताया, लेकिन उसने आने से मना कर दिया।
विज्ञापन
महीनों से खाट पर पड़ी श्यामकली की तकलीफ देखकर राजकुमार उनकी मदद कर रहे हैं। वह सुबह-शाम भोजन और चाय-पानी का ध्यान रखते हैं, लेकिन श्यामकली के चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण शौच आदि कराने में काफी परेशानी होती है। राजकुमार उन्हें इलाज के लिए गोला के अस्पताल भी ले गए थे। उनके मुताबिक, डॉक्टर ने ऑपरेशन की जरूरत बताई है और कहा है कि ऑपरेशन के बाद श्यामकली चलने-फिरने लायक हो सकती हैं।
अब श्यामकली को इलाज और ऐसी देखभाल की जरूरत है, जो पड़ोसियों के सहारे लंबे समय तक संभव नहीं है। मामले की जानकारी पर एसडीएम युगांतर त्रिपाठी ने कहा कि वह स्वयं जाकर स्थिति देखेंगे या तहसील से किसी को भेजेंगे। निराश्रित वृद्धा की हरसंभव मदद की जाएगी।

जलालपुर में बेटा और बहू होने के बाबजूद बीमार अवस्था में निराश्रित श्यामकली। संवाद