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स्कूलों में बांट दिया कीड़े वाला मिड डे मील
अमर उजाला ब्यूरो-मैलानी।
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:04 PM IST
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एमडीएम
- फोटो : अमर उजाला
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स्कूल में बच्चों की सेहत से फिर खिलवाड़
गुरुवार को एनजीओ ने दाल के बजाए बनाई सब्जी
बच्चों की शिकायत पर प्रधानाध्यापक ने खाना फिंकवाया
मिड डे मील में कीड़ की सूचना पर भी नहीं पहुंचा कोई
सरकार भले ही फल और दूध बंटवाकर परिषदीय स्कूलों के छात्रों की सेहत को बेहतर बनाने के दावे करे लेकिन मिड डे मील (एमडीएम) में छात्रों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। गुरुवार को प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में एमडीएम बांटने वाले एनजीओ ने कीड़े वाला खाना बंटवा दिया। बच्चों की शिकायत पर प्रधानाध्यापक ने एमडीएम देखने के बाद एनपीआरसी को सूचना दी और खाना फिंकवा दिया। खंड शिक्षा अधिकारी विनोद गौतम ने जानकारी होने से ही इंकार किया है। वहीं एमडीएम प्राधिकरण के जिला समन्वयक रितुराज सिंह को इस बात की भनक तक नहीं लगी।
मुरादाबाद की संस्था महाराणा प्रताप सेवा संस्थान नगर क्षेत्र के सात विद्यालयों में एमडीएम वितरण कराती है। एनजीओ ने गुरुवार को सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय द्वितीय मैलानी में एमडीएम बांटना शुरू किया। मेन्यू के अनुसार गुरुवार को दाल बननी थी लेकिन सोयाबीन की बड़ी की सब्जी और रोटी बंटवाई गई और उसमें भी कीड़े निकले। बच्चों ने सब्जी में कीड़े देख इंचार्ज प्रधानाध्यापक नागेंद्र पाल सिंह को बताई। उन्होंने कीड़े देखकर खाना बंटवाना रुकवा दिया और एनपीआरसी रामकृपाल मिश्र को इसकी सूचना दी। एनपीआरसी ने सभी स्कूलों में एमडीएम वितरण रुकवा दिया। तब तक रेलवे प्राइमरी पाठशाला में एमडीएम बंटना शुरू हो गया था। प्रधानाध्यापक प्रेमलता गुप्ता ने सारा खाना फिंकवाया। कीड़े वाला एमडीएम देखने के लिए शाम तक रखा भी गया लेकिन न तो खंड शिक्षा अधिकारी पहुंचे और न नही एमडीएम कोआर्डिनेटर। दोनों मामले के जानकारी में आने से ही इंकार किया। दो साल पहले भी श्री लाल बहादुर शास्त्री इंटर कालेज में बांटे गए इस एनजीओ के खाने में कीड़े निकल चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई नहीं होने से संस्था मनमानी कर रही है।
क्वालिटी में कोताही
एमडीएम की लेकर शासन से लेकर प्रशासन तक, अधिकारियों ने सख्त दिशा निर्देश दे रखे हैं लेकिन बच्चों की सेहत से खिलवाड़ जारी है। चंद रुपये अधिक कमाई के लालच में एनजीओ के खाने में सबसे ज्यादा गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। यह हाल तब है कि पंजीकरण के मुकाबले बच्चों की उपस्थित 50 फीसदी भी नहीं है। प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में 98 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन गुरुवार को केवल 42 बच्चे ही आए थे।
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मुझे किसी ने खाने में कीड़े की सूचना नहीं दी, इसलिए जांच करने नहीं गया। जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद गौतम, खंड शिक्षा अधिकारी, बांकेगंज
एमडीएम में कीड़े निकलने की सूचना हमें नहीं दी गई है। शिकायत मिली तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- रितुराज सिंह, जिला समन्वयक एमडीएम प्राधिकरण
मेन्यू के मुताबिक गुरुवार को दाल रोटी बांटी जानी थी लेकिन सोयाबीन की बड़ी की सब्जी बांटी गई। उसमें भी कीड़े निकले। मामले में की सूचना खंड शिक्षा अधिकारी विनोद गौतम और एनजीओ महाराणा प्रताप सेवा संस्थान को लिखित तौर पर भेज दी गई। ये संस्था नगर क्षेत्र में चार प्राइमरी, दो उच्च प्राथमिक और एक इंटर कॉलेज में मिड डे मील का वितरण करती है।
- रामकृपाल मिश्र, एनपीआरसी
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गुरुवार को एनजीओ ने दाल के बजाए बनाई सब्जी
बच्चों की शिकायत पर प्रधानाध्यापक ने खाना फिंकवाया
मिड डे मील में कीड़ की सूचना पर भी नहीं पहुंचा कोई
सरकार भले ही फल और दूध बंटवाकर परिषदीय स्कूलों के छात्रों की सेहत को बेहतर बनाने के दावे करे लेकिन मिड डे मील (एमडीएम) में छात्रों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। गुरुवार को प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में एमडीएम बांटने वाले एनजीओ ने कीड़े वाला खाना बंटवा दिया। बच्चों की शिकायत पर प्रधानाध्यापक ने एमडीएम देखने के बाद एनपीआरसी को सूचना दी और खाना फिंकवा दिया। खंड शिक्षा अधिकारी विनोद गौतम ने जानकारी होने से ही इंकार किया है। वहीं एमडीएम प्राधिकरण के जिला समन्वयक रितुराज सिंह को इस बात की भनक तक नहीं लगी।
मुरादाबाद की संस्था महाराणा प्रताप सेवा संस्थान नगर क्षेत्र के सात विद्यालयों में एमडीएम वितरण कराती है। एनजीओ ने गुरुवार को सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय द्वितीय मैलानी में एमडीएम बांटना शुरू किया। मेन्यू के अनुसार गुरुवार को दाल बननी थी लेकिन सोयाबीन की बड़ी की सब्जी और रोटी बंटवाई गई और उसमें भी कीड़े निकले। बच्चों ने सब्जी में कीड़े देख इंचार्ज प्रधानाध्यापक नागेंद्र पाल सिंह को बताई। उन्होंने कीड़े देखकर खाना बंटवाना रुकवा दिया और एनपीआरसी रामकृपाल मिश्र को इसकी सूचना दी। एनपीआरसी ने सभी स्कूलों में एमडीएम वितरण रुकवा दिया। तब तक रेलवे प्राइमरी पाठशाला में एमडीएम बंटना शुरू हो गया था। प्रधानाध्यापक प्रेमलता गुप्ता ने सारा खाना फिंकवाया। कीड़े वाला एमडीएम देखने के लिए शाम तक रखा भी गया लेकिन न तो खंड शिक्षा अधिकारी पहुंचे और न नही एमडीएम कोआर्डिनेटर। दोनों मामले के जानकारी में आने से ही इंकार किया। दो साल पहले भी श्री लाल बहादुर शास्त्री इंटर कालेज में बांटे गए इस एनजीओ के खाने में कीड़े निकल चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई नहीं होने से संस्था मनमानी कर रही है।
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क्वालिटी में कोताही
एमडीएम की लेकर शासन से लेकर प्रशासन तक, अधिकारियों ने सख्त दिशा निर्देश दे रखे हैं लेकिन बच्चों की सेहत से खिलवाड़ जारी है। चंद रुपये अधिक कमाई के लालच में एनजीओ के खाने में सबसे ज्यादा गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। यह हाल तब है कि पंजीकरण के मुकाबले बच्चों की उपस्थित 50 फीसदी भी नहीं है। प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में 98 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन गुरुवार को केवल 42 बच्चे ही आए थे।
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मुझे किसी ने खाने में कीड़े की सूचना नहीं दी, इसलिए जांच करने नहीं गया। जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद गौतम, खंड शिक्षा अधिकारी, बांकेगंज
एमडीएम में कीड़े निकलने की सूचना हमें नहीं दी गई है। शिकायत मिली तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- रितुराज सिंह, जिला समन्वयक एमडीएम प्राधिकरण
मेन्यू के मुताबिक गुरुवार को दाल रोटी बांटी जानी थी लेकिन सोयाबीन की बड़ी की सब्जी बांटी गई। उसमें भी कीड़े निकले। मामले में की सूचना खंड शिक्षा अधिकारी विनोद गौतम और एनजीओ महाराणा प्रताप सेवा संस्थान को लिखित तौर पर भेज दी गई। ये संस्था नगर क्षेत्र में चार प्राइमरी, दो उच्च प्राथमिक और एक इंटर कॉलेज में मिड डे मील का वितरण करती है।
- रामकृपाल मिश्र, एनपीआरसी