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Lakhimpur Kheri News: गैस की कमी से ठंडी पड़ी भंडारों की रसोई
Wed, 20 May 2026 12:15 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 20 May 2026 12:15 AM IST
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गोपाल गंगवार
- फोटो : हाथ में काली पट्टी बांधकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक।
लखीमपुर खीरी। ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल पर हर साल शहर और कस्बों में दिखने वाली भव्य भंडारों की रौनक इस बार फीकी नजर आ रही है। तीन बड़े मंगल बीत जाने के बाद भी शहर में पहले की तुलना में कम भंडारे दिखाई दिए। हालांकि, श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार है और लोग अपनी क्षमता के अनुसार सेवा और प्रसाद वितरण कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि गैस सिलिंडर की किल्लत के कारण इस बार बड़े स्तर पर भंडारे आयोजित करने में दिक्कत आ रही है। कई स्थानों पर जहां पहले पूड़ी-सब्जी, कढ़ी-चावल, हलुआ समेत अन्य प्रसाद वितरित किया जाता था, वहां इस बार केवल शरबत और ठंडे पानी के स्टॉल लगाए गए हैं।
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हनुमान जी की कृपा से इस बार भी भंडारा कराया गया है, लेकिन गैस की समस्या न होती तो आयोजन और अधिक भव्य होता। कई स्थानों पर अतिरिक्त भंडारे कराने की योजना भी थी, जो पूरी नहीं हो सकी।
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-सौरभ शुक्ला, आयोजक
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इस बार दो ज्येष्ठ माह होने के कारण आठ बड़े मंगल पड़ रहे हैं। ऐसे में कई बार भंडारा कराने की तैयारी थी, लेकिन गैस न मिलने से आगे आयोजन करना मुश्किल हो सकता है।
-गोपाल गंगवार, आयोजक
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लोगों का कहना है कि गैस सिलिंडर की किल्लत के कारण इस बार बड़े स्तर पर भंडारे आयोजित करने में दिक्कत आ रही है। कई स्थानों पर जहां पहले पूड़ी-सब्जी, कढ़ी-चावल, हलुआ समेत अन्य प्रसाद वितरित किया जाता था, वहां इस बार केवल शरबत और ठंडे पानी के स्टॉल लगाए गए हैं।
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हनुमान जी की कृपा से इस बार भी भंडारा कराया गया है, लेकिन गैस की समस्या न होती तो आयोजन और अधिक भव्य होता। कई स्थानों पर अतिरिक्त भंडारे कराने की योजना भी थी, जो पूरी नहीं हो सकी।
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-सौरभ शुक्ला, आयोजक
इस बार दो ज्येष्ठ माह होने के कारण आठ बड़े मंगल पड़ रहे हैं। ऐसे में कई बार भंडारा कराने की तैयारी थी, लेकिन गैस न मिलने से आगे आयोजन करना मुश्किल हो सकता है।
-गोपाल गंगवार, आयोजक

गोपाल गंगवार- फोटो : हाथ में काली पट्टी बांधकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक।