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महापंचायत में छाया रहा तिकुनिया हिंसा का मुद्दा

Tue, 22 Mar 2022 12:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2022 12:18 AM IST
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The issue of Tikunia violence dominated the Mahapanchayat
किसान पंचायत को संबोधित करते चढ़ूनी।
चढूनी ने सरकार पर वादा खिलाफी और संयुक्त किसान मोर्चा पर कमजोर पैरवी का आरोप लगाया
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बोले, अगर सभी मांगें नहीं मानी गईं तो 12 मई को डीएम ऑफिस का घेराव कर देेंगे धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
तिकुनिया (लखीमपुर खीरी)। कस्बे से सटे एतिहासिक कौड़ियाला गुरुद्वारा में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) की किसान महापंचायत हुई। इसमें तिकुनिया हिंसा का मुद्दा छाया रहा। महापंचायत में राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरुनाम सिंह चढूनी ने सरकार पर वादा खिलाफी और संयुक्त किसान मोर्चा पर कमजोर पैरवी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर किसानों की सभी मांगें नहीं मानी गईं तो आगामी 12 मई को डीएम ऑफिस का घेराव कर एक दिवसीय धरना दिया जाएगा।
सोमवार को कौड़ियाला गुरुद्वारा में हुई किसान महापंचायत में सैकड़ों किसान जुटे। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरुनाम सिंह चढूनी की मौजूदगी में किसान तिकुनिया हिंसा में अब तक की हुई कार्रवाई से खफा दिखे। गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले साल 4 अक्तूबर को तिकुनिया में हुई वार्ता के बाद सरकार ने किसानों के पक्ष में संयुक्त किसान मोर्चा से जो वादे किए थे, उन्हें भी पूरा नहीं किया गया है। कहा कि तीन अक्तूबर को तिकुनिया में हुई हिंसा में जो किसान घायल हुए थे उनको दस-दस लाख रुपये का मुआवजा देने की बात कही गई थी, जो उन्हें अब तक नहीं मिले हैं। आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की बात तय हुई थी, लेकिन उस पर भी कोई अमल नहीं हुआ।
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चढूनी ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आगामी 12 मई को लखीमपुर खीरी में एक दिवसीय धरना देकर डीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा। यदि किसानों की मांगों पर अमल नहीं हुआ तो यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
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उन्होंने तिकुनिया हिंसा में मारे गए किसानों के परिजन और जेल में बंद आरोपियों से भी बातचीत की। इस दौरान प्रदेश महासचिव अमनदीप सिंह संधू, प्रदेश प्रभारी गुरसेवक सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अवध प्रांत उमेश वर्मा, जिलाध्यक्ष बलकार सिंह, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी बब्बन चौधरी समेत तमाम किसान नेता व करीब 500 की संख्या में किसान शामिल रहे।

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तिकुनिया। कौड़ियाला गुरुद्वारे में आयोजित किसान महापंचायत में किसान ही संयुक्त किसान मोर्चा से खफा दिखे। उन्होंने पंचायत में संयुक्त मोर्चा पर कमजोर पैरवी का आरोप लगाया। मामले में गुरनाम सिंह चढूनी ने भी कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन यदि अदालत में किसानों की लड़ाई में किसान मोर्चा कोई सहयोग नहीं करता है, तो सभी किसान भाई मिलकर धन इक्ट्ठा करेंगे और न्यायालय की पैरवी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसान मोर्चा द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री से त्यागपत्र लेने की मांग की गई थी, जिसे भी पूरा नहीं किया गया। संवाद
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