फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   The impact of conflict , the administration Crafted prevented excavation

विरोध का असर, प्रशासन ने रोका गढ़ी की खुदाई का कार्य

Thu, 24 Sep 2015 07:08 PM IST
मितौली
मितौली Updated Thu, 24 Sep 2015 07:08 PM IST
विज्ञापन
कस्बा मितौली में क्षेत्रवासियों के विरोध के बाद प्रशासन ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक राजा लोने सिंह की गढ़ी पर खुदाई का कार्य रोक दिया है। क्षेत्र वासियों ने इस ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की मांग की है।
विज्ञापन

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक राजा लोने सिंह की गढ़ी को 1858 में अंग्रेजों ने ध्वस्त कर दिया था लेकिन अब तक इस गढ़ी के कुछ अवशेष और टीले बचे हुए थे। यहां सैकड़ों साल पुराना एक शिवमंदिर और कुंआ अब तक है। कस्बा मितौली सहित पूरे क्षेत्र के लोग इस गढ़ी के अवशेषों और टीलों के संरक्षण के लिए प्रयासरत थे। इस बीच बुधवार को तहसील प्रशासन ने वहां तहसील कर्मियों के आवास बनवाने के लिए टीलों की खुदाई और समतली करण का कार्य शुरू कर दिया। स्वाधीनता संग्राम का यह गौरवशाली चिह्न नष्ट होने लगा तो कस्बे के अलावा क्षेत्र के लोग भी नाराज हुए इन लोगों ने जहां क्षेत्रीय विधायक सुनील कुमार लाला से मिलकर हस्तक्षेप करने की मांग की वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय गृहमंत्री और अन्य उच्चाधिकारियों को फैक्स भेजकर इस अनमोल धरोहर को नष्ट होने से बचाने का अनुरोध किया। आखिर कस्बे के लोगों का प्रयास रंग लाया। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक सुनील कुमार भार्गव ने भी प्रशासन से बात की गुरुवार को इस गढ़ी की खुदाई का कार्य प्रशासन ने रोक दिया। गढ़ी संरक्षण समिति के पदाधिकारी केके मिश्रा ने बताया की इस बारे में ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित कराने की मांग की गई है।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed