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Lakhimpur Kheri News: गोकर्ण तीर्थ के सामने ध्वस्त दुकानों के पीछे वाला घर ढहाया

Mon, 06 Jan 2025 11:24 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2025 11:24 PM IST
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The house behind the demolished shops in front of Gokarna Tirtha was demolished.
गोकर्ण तीर्थ के सामने दुकानों के पीछे बने घरों को ध्वस्त करती पोकलेन मशीन। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। शिव मंदिर कॉरिडोर में प्रशासन की ध्वस्तीकरण कार्रवाई चल रही है। सामवार को गोकर्ण तीर्थ के के पास ध्वस्त कराई गई दुकानों के पीछे घर को भी ढहा दिया गया। दुकान और मकान को गिरता देख परिवार फफक रो पड़ा।
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रविवार देर शाम गोकर्ण तीर्थ के सामने कृपाशंकर, बिंदु शाह, बबली सिंह, राजेंद्र अग्रवाल और नीलम सिंह की दुकानें प्रशासन ने आनन-फानन में ध्वस्त करा दी थीं। हालांकि नीलम सिंह के विरोध करने पर प्रशासन ने निर्माण का कुछ हिस्सा ध्वस्त करने से रोक दिया था। अगले दिन सोमवार की शाम प्रशासन ने शेष हिस्से सहित नीलम सिंह के घर को भी ढहा दिया।
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दुकान और घर गिरता देख परिवार फफक कर रो पड़ा। ध्वस्त किए गए स्थान पर स्वर्गीय महेंद्र सिंह की पत्नी नीलम सिंह, स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह की पत्नी बबली सिंह, स्वर्गीय विक्रम शाह की पत्नी संतोष कुमारी, स्वर्गीय शिवकुमार की पत्नी बिंदु शाह लाई प्रसाद और विसातखाना की दुकान कर अपने परिवार का भरण पोषण करती थीं।
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रोजी रोटी का जरिया दुकान और बेघर हो जाने से इन परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है। हालांकि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित परिवारों को पुनर्स्थापित करने का आश्वासन दिया है, लेकिन तत्काल रूप से प्रभावित परिवारों को कहीं भी राहत मिलती नजर नहीं आ रही।



धर्मशाला ध्वस्तीकरण के तीसरे दिन मीडिया के सामने आया अग्निहोत्री परिवार
अग्निहोत्री परिवार के सचेंद्र अग्निहोत्री, संजीव अग्निहोत्री, अश्विनी अग्निहोत्री और कमल अग्निहोत्री ने बताया कि गोकर्ण तीर्थ स्थित उनके परिवार का हंसराम मूलचंद अग्निहोत्री धर्मशाला बगैर प्रपत्रों की जांच किए गिरा दिया गया। कमेटी को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। प्रशासन ने खेल कर भूमि को नजूल में घोषित कर दिया है, जबकि उन्होंने एसडीएम, विधायक और डीएम से मिलकर वास्तविक स्थिति से अवगत कराया था। सभी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था। धर्मशाला की भूमि को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है। अग्निहोत्री परिवार ने मांग की कि धर्मशाला के बराबर भूमि दी जाए, ताकि पूर्वजों की निशानी फिर से स्थापित की जा सके। साथ ही उचित मुआवजा दिलाया जाए।
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नजूल की भूमि की कस्टोडियन सरकार होती है। इसलिए नजूल की भूमि पर कराया गया बैनामा अवैध माना जाएगा या जब तक सरकार ने भूमि को फ्री होल्ड न किया हो।
- विनोद कुमार गुप्ता, एसडीएम गोला

गोकर्ण तीर्थ के सामने दुकानों के पीछे बने घरों को ध्वस्त करती पोकलेन मशीन। संवाद

गोकर्ण तीर्थ के सामने दुकानों के पीछे बने घरों को ध्वस्त करती पोकलेन मशीन। संवाद

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