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यहां खुद ही बीमार है सेहत महकमा

Wed, 06 Apr 2016 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी। Updated Wed, 06 Apr 2016 11:04 PM IST
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The health department itself is sick
अस्पताल
- करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद नहीं सुधार
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- डॉक्टरों की कमी के चलते कई विभाग बंद

सरकार के तमाम वादों और करोड़ों खर्च के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की हालत में सुधार नहीं हो पा रहा है। सबको नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं देने का सरकार का दावा खोखला साबित हो रहा है। हालत यह है कि डाक्टरों की कमी से कई महत्वपूर्ण विभाग बंद चल रहे हैं जिससे जनता को इसका इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। नतीजा यह है कि लोगों को प्राइवेट डाक्टरों के पास जाकर महंगा इलाज कराना पड़ रहा है।
बताते चलें कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम भले ही प्रति वर्ष करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हों, लेकिन इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। लगभग तीन वर्ष पूर्व कार्डियोलाजिस्ट का स्थानांतरण हो गया। सरकार के कई मंत्रियों ने भी निरीक्षण के दौरान कार्डियोलाजिस्ट की तैनाती कराने का आश्वासन दिया, मरीज भी शिकायतें भेजते रहे। लेकिन अभी तक तैनाती नहीं हुई इससे हृदय संबंधी मरीजों को जिला अस्पताल में उपचार नहीं मिल पाता। जबकि प्रतिमाह लगभग 20 से 30 तक हृदय संबंधी मरीज अस्पताल आते हैं। यहां लगभग एक महीने से ईसीजी करने वाली रोल भी नहीं है जिससे मरीजों को जांच सुविधा भी नहीं मिल पाती है। यहां करीब चार वर्षों से कोई त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं है। इससे त्वचा के मरीजों को भी दिक्कतें होती हैं इन मरीजों को प्राइवेट डाक्टरों के पास जाना पड़ता है। यही हाल दंत चिकित्सा विभाग का है लगभग चार वर्ष पूर्व दंत रोग विशेषज्ञ का स्थानांतरण हो गया। इसके बाद से कोई दंत रोग विशेषज्ञ नहीं आया। यहां प्रतिदिन 10 से 20 दंत रोगी आते हैं। जिन विभागों के डाक्टर हैं भी वहां भी मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा नहीं मिल पाती, क्योंकि जिला अस्पताल में हमेशा दवाओं की कमी रहती है। डाक्टर अधिकांश मरीजों को बाहर से दवाएं लिखते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों का हाल इससे भी बदतर है वहां तो डाक्टर मिलते ही नहीं है। पिछले सप्ताह डीएम के निरीक्षण में फिर अस्पताल की बदहाली सामने आई।
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व्यवस्था में होगा सुधार
इस संबंध में सीएमएस डा.वीके साहू ने बताया कि इधर मार्च में आपूर्ति कम होने से कुछ दवाओं की दिक्कत रही वैसे दवाएं हमेशा रहती हैं। डाक्टरों की कमी है इस बारे में कई बार बताया गया है। अस्पताल में मरम्मत और निर्माण का कार्य चल रहा है शीघ्र ही व्यवस्था में सुधार होगा।
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- डा.वीके साहू, सीएमएस जिला अस्पताल
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