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Lakhimpur Kheri News: सरकार के पास इतने संसाधन नहीं कि बेटे को सुरंग से निकाल सके
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बेलराया भैरमपुर गांव में मनजीत के घर पहुंचे एसडीम
बेलरायां/तिकुनिया। उत्तरकाशी में सुरंग के अंदर जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे 41 मजदूरों में ग्राम भैरमपुर निवासी 25 वर्षीय मंजीत भी शामिल है। सुरंग से बाहर निकालने में हो रही देरी से परिवार वाले बेहद दुखी हैं। शुक्रवार रात एसडीएम अश्विनी कुमार सिंह मंजीत के घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान मंजीत की मां ने पूछा कि आखिर कब सुरंग से उनका बेटा निकाला जाएगा।
मंजीत की मां चौधराइन मोबाइल पर अपने दोनों बेटों की फोटो देख कर संतोष कर रही हैं। मनजीत के पिता उत्तरकाशी में घटनास्थल पर ही मौजूद हैं। मंजीत के परिवार को गांव के कोटेदार वीरेंद्र के जरिए राशन उपलब्ध कराया गया है। एसडीएम अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि मंजीत के परिवार का हाल-चाल जानने के लिए शुक्रवार रात करीब आठ बजे वह गए थे।
परिवार को राशन समेत अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई है। आश्वासन दिया है वह लोग किसी प्रकार की फिक्र न करें। इस बीच मोबाइल पर अपने दोनों बेटों के फोटो देखने में मशगूल मंजीत की मां चौधराइन ने कहा की साहब अब बर्दाश्त के बाहर है। एक-एक दिन इंतजार कराया जा रहा है। क्या सरकार के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि उनके बेटे सहित सभी फंसे मजदूरों को बाहर निकाला जा सके।
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मंजीत की मां चौधराइन मोबाइल पर अपने दोनों बेटों की फोटो देख कर संतोष कर रही हैं। मनजीत के पिता उत्तरकाशी में घटनास्थल पर ही मौजूद हैं। मंजीत के परिवार को गांव के कोटेदार वीरेंद्र के जरिए राशन उपलब्ध कराया गया है। एसडीएम अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि मंजीत के परिवार का हाल-चाल जानने के लिए शुक्रवार रात करीब आठ बजे वह गए थे।
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परिवार को राशन समेत अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई है। आश्वासन दिया है वह लोग किसी प्रकार की फिक्र न करें। इस बीच मोबाइल पर अपने दोनों बेटों के फोटो देखने में मशगूल मंजीत की मां चौधराइन ने कहा की साहब अब बर्दाश्त के बाहर है। एक-एक दिन इंतजार कराया जा रहा है। क्या सरकार के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि उनके बेटे सहित सभी फंसे मजदूरों को बाहर निकाला जा सके।
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बेलराया भैरमपुर गांव में मनजीत के घर पहुंचे एसडीम